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मेघालय में एनपीपी ने रचा इतिहास, पूर्वोत्तर की पहली राष्ट्रीय पार्टी बनी

हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के चलते एनपीपी ने राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए जरूरी शर्तों को पूरा किया था.

Jun 8, 2019 11:00 IST
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मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) को चुनाव आयोग से राष्ट्रीय दर्जा मिल गया है. इसके साथ ही स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार पूर्वोत्तर के किसी स्थानीय पार्टी को यह दर्जा मिलने का गौरव प्राप्त हुआ है.

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा की अध्यक्षता वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी इसके लिए सभी जरूरी अहर्ताएं पूरी कर ली थी. एनपीपी केंद्र में सत्तारुढ़ एनडीए का सहयोगी दल है. यह पहले से ही अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और नागालैंड में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त है.

हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के चलते एनपीपी ने राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए जरूरी शर्तों को पूरा किया था. विधानसभा चुनाव में एनपीपी ने अरुणाचल प्रदेश में पांच सीटें जीती थी. 60 सीटों में से 21 सीटों के साथ एनपीपी मेघालय की सबसे बड़ी पार्टी है.

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक

चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर कोई पार्टी चार राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता रखता है तो राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता रखने के लिए सभी आवश्यक शर्तें भी पूरी करती है. राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाने के बाद देश में किसी भी अन्य राजनीतिक दल या प्रत्याशी को एनपीपी का ‘किताब’ वाला चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया जा सकेगा.

वर्तमान में कुल सात राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त था. यह पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस थे.

नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के बारे में:

नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) का राष्ट्रीय चिन्ह किताब है. एनपीपी की स्थापना पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा ने साल 2013 में की थी. संगमा पूर्वोत्तर के सबसे बड़े और लोकप्रिय सांसद रहे हैं. उन्होंने साल 2012 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी की स्थापना की थी. राजस्थान के किरोड़मल मीणा भी संगमा के साथ एनपीपी के सहसंस्थापक हैं. राजस्थान के विधानसभा चुनाव में साल 2013 में एनपीपी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी. मणिपुर विधानसभा चुनाव साल 2017 में एनपीपी ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

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कॉनराड संगमा के द्वारा किया गया ट्वीट:

मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने पार्टी को मिली इस सफलता पर खुशी जताते ट्वीट किया. उन्होंने लिखा की यह बहुत भावुकता क्षण है कि पीए संगमा द्वारा स्थापित पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा मिला है. यह सिर्फ एनपीपी के लिए ही गौरव की बात नहीं है बल्कि समूचे पूर्वोत्तर के लिए एक उपलब्धि है.

कॉनराड संगमा के बारे में:

कॉनराड संगमा का जन्म 27 जनवरी 1978 को मेघालय में हुआ था. वे मेघालय राज्य से एक भारतीय राजनेता है तथा मेघालय राज्य के बारहवें व वर्तमान मुख्यमन्त्री हैं. वे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा के पुत्र हैं. वे साल 2008 में मेघालय के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री भी बने थे. वे वर्तमान में तुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद है. वे मेघालय विधानसभा चुनाव साल 2008 में अपने भाई जेम्स संगमा के साथ पहली बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से विधायक बनें और उन्होंने बाद में प्रदेश कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभाग जैसे की वित्त, वाणिज्य, पर्यटन तथा सूचना प्रसारण विभाग संभाले थे.

अन्य जानकारी:

जेडीयू को अरुणाचल में मिला राज्य पार्टी का दर्जा: जनता दल यूनाइटेड (JDU) को अरुणाचल प्रदेश में राज्य पार्टी का दर्जा मिला है. यह दर्जा भारत निर्वाचन आयोग ने 07 जून 2019 को दिया है. निर्वाचन आयोग ने विधिवत इसे लेकर पत्र जारी किया है. विधानसभा चुनाव में 9.85 फीसद वोट मिलने के बाद चुनाव आयोग ने अरुणाचल में जेडीयू को राज्य पार्टी का दर्जा दे दिया है. साठ सदस्यीय विधानसभा में जेडीयू के 15 उम्मीदवार खड़े हुए थे. उनमें से सात की जीत हुई.

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