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असम NRC की अतिरिक्त मसौदा सूची प्रकाशित, करीब 1 लाख लोगों का नाम शामिल, ऐसे करें नाम चेक

असम में एनआरसी मसौदे के अपडेशन का काम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहा है. अंतिम मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित होगा. एनआरसी का पहला मसौदा 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित हुआ था, जिसमें 3.29 करोड़ लोगों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम ही शामिल किए गए थे.

Jun 27, 2019 15:31 IST
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असम में नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) का मसौदा तैयार करने की अतिरिक्त सूची 26 जून 2019 को सभी के लिए प्रकाशित की गई है. इस सूची में 1,02,462 लोगों के नाम शामिल हैं, जिन्हें अब अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दावे दाखिल करने हैं. इसमें उन लोगों के नाम शामिल हैं जिनके नाम जुलाई 2018 में प्रकाशिक मसौदे में शामिल थे लेकिन बाद में ये लोग अयोग्य पाए गए थे.

इस सूची में 30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदे में शामिल वे नाम होंगे, जो बाद में इसमें शामिल किये जाने के लिए अयोग्य पाये गये थे. इस सूची में उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जो दावे और आपत्तियों के निपटान के लिए आयोजित सुनवाई के दौरान अयोग्य पाये गये थे. इस लिस्ट को एनआरसी असम की आधिकारिक वेबसाइट www.nrcassam.nic.in पर जाकर चेक किया जा सकता है.

हालांकि जिन लोगों को इस सूची से बाहर रखा गया है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनके आवासीय पते पर दिये जाने वाले पत्र (एलओआई) के माध्यम से सूचित किया जायेगा तथा ऐसे व्यक्तियों को 11 जुलाई को नामित एनआरसी सेवा केंद्रों (एनएसके) पर अपने दावे दर्ज करने का अवसर मिलेगा.

एनआरसी के राज्य समन्वयक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह सूची नागरिकता की अनुसूची (नागरिक पंजीकरण एवं राष्ट्रीय पहचान पत्र) नियम 2003 के क्‍लाज-5 के प्रावधानों के मुताबिक प्रकाशित की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने मई 2019 में असम में एनआरसी (NRC) को अंतिम रूप देने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने निर्देश दिया कि एनआरसी से संबंधित प्रक्रिया 31 जुलाई तक या इससे पहले पूरा कर ली जानी चाहिए. यदि आपत्ति करनेवाला हाजिर नहीं होता है तो एनआरसी कोआर्डिनेटर (संयोजक) निर्धारित कानून का पालन करते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाए. अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी नहीं की जा सकती है.

मुख्य बिंदु:

•    विज्ञप्ति में बताया गया है कि 31 जुलाई को नागरिक पंजी के अंतिम प्रकाशन से पहले उनके दावों का निपटान किया जायेगा.

   निवारण सूची को नामित एनआरसी सेवा केंद्र में उपायुक्त/एसडीओ (सिविल/सर्किल अधिकारी) के कार्यालय में प्रकाशित किया जायेगा, जहां गांव/वार्ड के लिए अतिरिक्त सूची समेकित तरीके से उपलब्ध होगी. यह ऑनलाइन भी उपलब्ध होगा.

•   जिन व्यक्तियों की मसौदा स्थिति अतिरिक्त सूची में निष्कासन में बदल जायेगी. उन्हें ‘अतिरिक्त सूची से बाहर रखने' के रूप में रेखांकित किया जायेगा.

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•   30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदा एनआरसी में पहले से ही शामिल किये गये और अतिरिक्त सूची से प्रभावित नहीं होने वाले व्यक्तियों को पहले की तरह प्रदर्शित किया जायेगा.

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राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) क्या है?

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) असम के नागरिकों की नागरिकता सूची है. इसमें उन सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ हैं. यह नागरिक  25 मार्च 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में यह आश्वासन भी दिया गया है कि जो लोग वैध नागरिक नहीं पाए गए हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा.

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की आवश्यकता क्यों पड़ी?

असम में बहुत लंबे समय से अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों का मुद्दा छाया रहा है. इसे लेकर छात्रों ने 80 के दशक में आंदोलन किया था. इसके बाद असम गण परिषद और तत्कालीन राजीव गांधी सरकार के बीच समझौता हुआ था. इसमें कहा गया है कि साल 1971 तक जो भी बांग्लादेशी असम में घुसे है, उन्हें नागरिकता दी जाएगी और बाकी को निर्वासित किया जाएगा. साल 1951 मेंएनआरसी तैयार किया गया था तब से इसे सात बार जारी करने की कोशिशें हुईं. अंततः, साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह सूची जारी हुई है.

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पृष्ठभूमि

30 जुलाई 2018 को प्रकाशित मसौदे में कुल 3.29 करोड़ आवेदनों में से 2.9 करोड़ लोगों का नाम शामिल किया गया था. जबकि मसौदे में 40 लाख लोगों को छोड़ दिया गया है. वहीं, 31 दिसंबर को प्रकाशित पहले मसौदे में 1.9 करोड़ नाम थे. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में असम में एनआरसी अपडेट किया जा रहा है और अंतिम सूची 31 जुलाई को जारी होने वाली है.

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