Search

पाकिस्तान सीरिया से तीन गुना ज्यादा खतरनाक: ऑक्सफ़ोर्ड रिपोर्ट

रिपोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा और अफगान तालिबान को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया है. ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रटीजिक फोरसाइट ग्रुप (SFG) की साझा स्टडी में ये दावे किए गए हैं.

Oct 30, 2018 09:20 IST
प्रतीकात्मक फोटो

एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार पकिस्तान विश्व में आतंकवाद फ़ैलाने वाला सबसे खतरनाक देश है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन या तो पाकिस्तान में हैं या पाकिस्तान से उन्हें मदद मिल रही है.

रिपोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा और अफगान तालिबान को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया गया है. ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रटीजिक फोरसाइट ग्रुप (SFG) की साझा स्टडी में ये दावे किए गए हैं. यह रिपोर्ट अगले दशक में सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए तैयार की गई है. यह आतंकवाद से निपटने के लिए नीति निर्माताओं के लिए एक विश्लेषणात्मक रूपरेखा प्रस्तुत करती है.

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

•    ह्यूमनिटी एट रिस्क: ग्लोबल टेरर थ्रेट इंडिकेंट नाम की स्टडी में दुनियाभर में सक्रिय 200 आतंकी समूहों का विश्लेषण किया गया.

•    इससे पता चला कि आतंकी कैंपों और उनके सुरक्षित पनाहगाह वाले देशों की लिस्ट में पाकिस्तान टॉप पर है.

•    पाकिस्तान के फाटा, खैबर पख्तूनख्वा, क्वेटा और कलात (बलूचिस्तान) के अलावा पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में ये आतंकी पनाहगाहें हैं.

•    दुनिया में आतंकवाद को पैदा करने और उसका समर्थन करने वालों में पाकिस्तान सबसे आगे है.

•    अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों को भी पाक से मदद मिल रही है.

•    इस लिहाज से पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियां इस्लामिक स्टेट से जूझ रहे सीरिया की तुलना में ज्यादा खतरनाक पाई गई हैं.

•    इस रिपोर्ट में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, लीबिया, सीरिया और यमन जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे वैश्विक आतंकी समूहों की सूचना जुटाई गई है.

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफ़र्ड अथवा ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड, में स्थित है. यह इंग्लैंड का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है. इसके साथ 39 कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें काफी बड़ी संख्या में स्नातक और परास्नातक विषयों की पढाई कराई जाती हैं. इसमें 18000 से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से एक चौथाई विदेशी छात्र हैं.


यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर सुनवाई जनवरी 2019 तक टाल दी