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Arms Amendment Bill 2019 संसद से मंजूरी, अवैध हथियार बनाने और रखने पर अब होगी उम्रकैद

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 1959 के अधिनियम में कई विसंगतियां थीं तथा इस विधेयक के माध्यम से उनको दूर किया जा रहा है.

Dec 11, 2019 09:30 IST
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संसद ने 10 दिसंबर 2019 को आयुध संशोधन विधेयक 2019 (Arms Amendment Bill 2019) को मंजूरी दे दी है. राज्यसभा ने विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया. लोकसभा ने इस विधेयक को 09 दिसंबर 2019 को ही पारित कर दिया था.

संसद ने अवैध हथियारों के निर्माण पर आजीवन सजा के प्रावधान को मंजूरी दे दी है. गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 1959 के अधिनियम में कई विसंगतियां थीं तथा इस विधेयक के माध्यम से उनको दूर किया जा रहा है.

आयुध संशोधन विधेयक 2019 के मुख्य तथ्य

• आयुध (संशोधन) विधेयक, 2019 में लाइसेंसी हथियार रखने की संख्या सीमित की गई है. इस संशोधन में अवैध तरीके से शस्त्र, गोला-बारूद एवं विस्फोटक रखने, बनाने तथा बेचने वालों के लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है.

• संशोधन से पहले इसमें उम्रकैद की सजा तो होती थी, लेकिन उसमें अमूमन 14 साल कैद की सजा का ही प्रावधान था.

• इस संशोधन में अब एक लाइसेंस पर केवल दो हथियार तक रखने का प्रावधान किया गया है. अभी तक एक लाइसेंस पर तीन हथियार रख सकते हैं.

• इस विधेयक में गैर कानूनी हथियारों को बेचने तथा तस्करी करने वालों को आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है.

• संशोधित विधेयक के अनुसार, पुलिस से शस्त्र छीनने वाले और चुराने वालों के लिए भी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.

• इस विधेयक में प्रतिबंधित गोला-बारूद रखने वालों को सात साल से चौदह साल की सजा का प्रावधान किया गया है.

• विधेयक में लाइसेंस हथियार के नवीनीकरण की अवधि को 03 साल से बढ़ाकर 05 साल किए जाने का प्रावधान किया गया है.

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हर्ष फायरिंग पर भी सजा

संशोधित विधेयक के अनुसार, त्योहार, शादी विवाह के मौकों पर हर्ष फायरिंग करने वालों को अब जेल जाना पड़ेगा. साल 2016 में हर्ष फायरिंग की घटनाओं में करीब 169 लोगों की जान गई थी.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विभिन्न सांसदों से मिले सुझावों के बाद विधेयक में एक व्यक्ति हेतु तीन हथियार की जगह दो हथियार रखने का लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, इस विधेयक का खिलाड़ियों, पूर्व और मौजूदा सैनिकों को मिलने वाले हथियार के लाइसेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गृह मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की जरूरत को देखते हुए इसमें उन्हें विभिन्न तरह के हथियार के लाइसेंस देने की व्यवस्था की गई है.

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