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17वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू, प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ लिया

सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से शुरू हुआ. संसद का यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सत्र में केंद्रीय बजट पारित किया जाएगा, साथ ही तीन तलाक विधेयक को नये स्वरूप में पेश किया जायेगा.

Jun 17, 2019 14:56 IST
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मोदी सरकार 2.0 की संसदीय परीक्षा आज से शुरू हो गई है. 17वीं लोकसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो गया है, इस दौरान नए सांसदों की शपथ कराई जा रही है. लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर सत्ता में भारतीय जनता पार्टी चाहेगी कि इस सत्र में बजट के अलावा अन्य अटके हुए विधेयकों को पास करा सके.

वीरेंद्र कुमार ने प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ ली, जो कि सांसदों को शपथ दिलाएंगे. 17 जून से शुरू होकर ये सत्र 26 जुलाई तक जारी रहेगा, तो वहीं 5 जुलाई को बजट पेश किया जाएगा.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद वीरेंद्र कुमार ने 17 जून 2019 को सुबह प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ ली. उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई. वीरेंद्र कुमार ही अब सभी नए लोकसभा सांसदों को शपथ दिलाएंगे. अगले दो दिनों में सभी 542 सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी.

आपको बता दें कि वीरेंद्र कुमार टीकमगढ़ से सांसद हैं. वीरेंद्र कुमार साल 1996 में पहली बार सांसद बने थे और मौजूदा समय में इस बार सातवीं बार लोकसभा सदस्य चुने गए हैं. उनकी वरिष्ठता को देखते हुए प्रोटेम स्पीकर बनाने का फैसला किया गया है.

मुख्य बिंदु:

  सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई और इसके बाद 2 मिनट का मौन रखा गया. सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद सदस्य के तौर पर शपथ ली. इस दौरान सदन में मोदी-मोदी के नारे गूंजते रहे.

•  गांधीनगर से पहली बार चुने गए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी सांसद के तौर पर शपथ ली.

•  इसके साथ ही विदेश मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी शपथ ली.

  केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, डॉक्टर हर्षवर्धन, रमेश पोखरियाल समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने सांसद के तौर पर शपथ ली.

•  बीजेपी सांसद अश्वनी कुमार चौबे, किरण रिजिजू, जितेंद्र सिंह, गिरिराज सिंह, प्रह्लाद जोशी, राव इंद्रजीत सिंह, प्रह्लाद सिंह पटेल, अर्जुन राम मेघनाल, कृष्णपाल गुर्जर, साध्वी निरंजन ज्योति, बाबुल सुप्रियो, शिवसेना के अरविंद सावंत ने शपथ ग्रहण की.

बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो और देबाश्री चौधरी ने सांसद के तौर पर शपथ ली. यह दोनों ही सांसद पश्चिम बंगाल से जीतकर आए हैं.

इसके अलावा बीजेपी के प्रताप चंद्र सारंगी ने संस्कृत में शपथ ग्रहण की. आरा से चुने गए बीजेपी सांसद आर के सिंह ने भी शपथ ली.

कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई, प्रद्युत बोरदोलोई ने शपथ ग्रहण की.

बीजेपी के तपन गोगोई ने भी लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. असम से चुने गए अधिकतर सांसदों ने असमिया भाषा में शपथ ली.

बीजेपी के संजय जायसवाल और राधामोहन सिंह ने भी सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण की.

मधुबनी से बीजेपी सांसद अशोक कुमार ने मैथली में शपथ ग्रहण की.

बिहार के महाराजगंज से बीजेपी सांसद जर्नादन सिंह सिग्रीवाल ने हिन्दी में शपथ ग्रहण की. इसके बाद बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी और लोजपा के रामचंद्र पासवान ने सांसद के तौर पर शपथ ली.

बीजेपी के रामकृपाल यादव ने शपथ ग्रहण की.

सासाराम से चुने गए बीजेपी सांसद छेदी पासवान, जेडीयू के महाबली सिंह, चंद्रेश्वर प्रसाद, औरंगाबाद से चुने गए बीजेपी सांसद सुशील कुमार सिंह ने शपथ ग्रहण की.

गया से चुने गए जेडीयू के विजय कुमार, नवादा से चुने गए लोजपा के चंदन सिंह, लोजपा के चिराग पासवान ने शपथ ग्रहण की. इसके बाद गोमती साई ने शपथ ग्रहण की.

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी ने लोकसभा सांसद के तौर पर शपथ ली.

गौतम गंभीर ने भी शपथ ग्रहण की. गंभीर पूर्वी दिल्ली से सांसद चुने गए हैं और चुनाव से कुछ दिन पहले ही वह बीजेपी में शामिल हुए थे.

इसके अलावा दिल्ली से चुनी गईं बीजेपी सांसद मीनाक्षा लेखी ने संस्कृत में शपथ ग्रहण की.

गायक से नेता बने हंसराज हंस ने भी लोकसभा सांसद के तौर पर शपथ ली. हंसराज भी चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए थे.

बीजेपी के ही प्रवेश वर्मा ने शपथ ली. दिल्ली में बीजेपी ने सातों सीट पर जीत हासिल की है.

पृष्ठभूमि:

26 जुलाई 2019 को समाप्त होने वाले इस सत्र में 30 बैठकें होंगी. पहले दो दिन लोकसभा के सभी सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी. कार्यवाहक लोकसभा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार शपथ दिलाएंगे. लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 19 जून 2019 को होगा. अगले दिन दोनों सदनों के संयुक्त सत्र की बैठक में राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा. केंद्रीय बजट 05 जुलाई 2019 को पेश होना है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई लोकसभा के पहले सत्र की पूर्वसंध्या पर 16 जून 2019 को सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री ने लोकसभा में इस बार कई नये चेहरे होने की बात को रेखांकित करते हुए कहा कि निचले सदन का पहला सत्र नये उत्साह और सोच के साथ शुरू होना चाहिए.