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अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के पहले प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का आयोजन

इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा को सस्ती बनाने के लिए चुनौतियों का समाधान करने हेतु दुनिया के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को एक साथ लाना है.

Sep 8, 2020 14:15 IST
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अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के पहले विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का 08 सितम्बर 2020 को उद्घाटन किया गया. आईएसए सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए सम्मेलन में हिस्सा लिया. केंद्रीय मंत्री और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सभा के अध्यक्ष आर के सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ कर सदस्यों को सुनाया. संदेश में प्रधानमंत्री ने सभी देशों से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का हिस्सा बनें और धरती को बचाने की इस मुहिम में शामिल हों. उन्होंने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन दुनिया में न्यूनतम है, लेकिन फिर भी नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने की  भारत की प्रतिबद्धता का नतीजा है कि आज सौर ऊर्जा में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की सभी पेट्रोलियम कंपनियां सौर ऊर्जा समेत नवीकरणीय ऊर्जा के अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक निवेश कर रही हैं. देश की पांच सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस कंपनियां उद्यगी सहभागी के तौर पर आईएसए में हिस्सा लेंगी. सम्मेलन में भारत के नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन और इंटरनेशनल सोलर एलायंस के बीच 47 परियोजनाओं को लागू करने के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत एनटीपीसी आईएसए के 47 सदस्य देशों में सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाएं शुरु करेगा.

इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा को सस्ती बनाने के लिए चुनौतियों का समाधान करने हेतु दुनिया के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को एक साथ लाना है. बैठक में गठबंधन के सभी सदस्‍य देशों के मंत्री हिस्‍सा लेंगे. ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा कि सौर गठबंधन सौर ऊर्जा के बारे में एक पत्रिका भी शुरू करेगा. इससे विश्‍व के लेखकों को सौर ऊर्जा के बारे में लेख प्रकाशित करने में मदद मिलेगी.

ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा?

ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा कि विश्‍व के वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास से संबंधित उच्‍चस्‍तरीय शिष्‍टमंडल और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों का समूह कम लागत, नवाचार और किफायती सौर प्रौद्योगिकी के बारे में विचार-विमर्श करेगा. केंद्र सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी, वैश्विक कंपनियों, वित्‍तीय और बहुपक्षीय संस्‍थाओं के  प्रमुख, सिविल सोसाइटी और विचारक इस सत्र में मौजूद रहेंगे.

मुख्य बिंदु

• आईएसए की सौर परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिये 15 अरब डॉलर की अधिकृत पूंजी के साथ विश्व सौर बैंक गठित करने की योजना है.

• विश्व सौर प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन के बारे में आयोजित वर्चुअल संवादददता सम्मेलन में आईएसए के महानिदेशक उपेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि इस साल अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय सौर संघ की सालाना बैठक में इसका विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पेश किया जा सकता है.

• विश्व सौर प्रौद्योगिक शिखर सम्मेलन अगले महीने आठ सितंबर को होगा. भारत ने साल 2022 तक 1,00,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है.

• केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक इस साल जुलाई तक सौर बिजली उत्पादन क्षमता 35,000 मेगावाट से अधिक हो गयी है. इसके अतिरिक्त दुनिया भर में कुल ऊर्जा में नवीकणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने हेतु सौर परियोजनाओं के लिये बड़े पैमाने पर वित्त पोषण की जरूरत है.

• आईएसए ने सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लिमिटेउ (ईईएसएल) को 4.7 करोड़ सोलर होम सिस्टम के आर्डर की जिम्मेदारी दी है. यह आर्डर लगभग 28 अरब डॉलर का है.

अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन के बारे में

अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन सौर ऊर्जा से संपन्न देशों का एक संधि आधारित अंतर-सरकारी संगठन है. अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत भारत और फ्राँस ने 30 नवंबर 2015 को पेरिस जलवायु सम्‍मेलन के दौरान की थी.

अंतरराष्‍ट्रीय सौर गठबंधन कर्क और मकर रेखा के मध्य आंशिक या पूर्ण रूप से अवस्थित 121 सौर संसाधन संपन्न देशों का एक अंतरराष्‍ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन है. इसका मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में है. इसका गठन सौर ऊर्जा के लाभ के उपयोग और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये वैश्विक बाजार प्रणाली तैयार करने के लिये किया गया है.

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