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PM स्वनिधि योजना क्या है, इस योजना के तहत किसे मिलेगा फायदा

पीएम स्वानिधि योजना का लाभ रेहड़ी पटरी वालों और छोटी मोटी दुकान लगाकर आजीविका चलाने वालों को मिलेगा. इस योजना के तहत सरकार इन लोगों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए मदद करेगी.

Jun 3, 2020 10:05 IST
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केंद्र सरकार ने रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों के लिए खास योजना को मंजूरी दी है. सरकार ने 01 जून 2020 को कैबिनेट की मीटिंग के बाद पीएम स्वानिधि योजना शुरू करने का घोषणा किया है. लॉकडाउन के कारण रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

पीएम स्वानिधि योजना का लाभ रेहड़ी पटरी वालों और छोटी मोटी दुकान लगाकर आजीविका चलाने वालों को मिलेगा. इस योजना के तहत सरकार इन लोगों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए मदद करेगी. इन्हें इसके तहत कामकाज में मदद के लिए 10,000 रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा.

योजना का उद्देश्य

पीएम स्वानिधि योजना का मकसद रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों को सस्ता कर्ज देना है. यह कारोबार को शुरू करने में मदद करेगा. यह लोन बेहद आसान शर्तों के साथ दिया जाएगा. इसमें किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी.

50 लाख से अधिक कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्‍य

इस योजना से शहरी इलाकों के ऐसे 50 लाख से अधिक कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है जो इस साल 24 मार्च से पहले यही कार्य करते थे. इस योजना की अवधि मार्च-2022 तक की है. पहली बार अर्द्धशहरी या ग्रामीण इलाकों के स्‍ट्रीट वेंडर्स को शहरी आजीविका कार्यक्रम के तहत लाया गया है.

कितना मिलेगा कर्ज

इस तरह के कारोबारी दस हजार रूपये तक का कार्यशील पूंजी-ऋण ले सकते हैं जिसे एक साल के भीतर किस्‍तों में चुकता करना होगा. कर्ज का समय पर या उससे पहले भुगतान करने पर सात फीसदी वार्षिक की दर से ब्‍याज सब्सिडी दी जाएगी जिसे प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण योजना के तहत छमाही आधार पर कर्ज लेने के वाले के बैंक खाते में जमा करा दिया जाएगा.

मंत्रालय विश्‍वसनीयता सूचकांक तैयार करेगा

मंत्रालय ने कहा कि यदि कर्जदार, किस्‍तों का भुगतान समय पर या समय से पहले करता है तो मंत्रालय उनका विश्‍वसनीयता सूचकांक तैयार करेगा जिसके आधार पर वह 20 हजार रूपये या उससे अधिक का सावधि ऋण हासिल करने के लिए पात्र होगा.

शहरी स्‍थानीय निकायों की महत्‍वपूर्ण भूमिका

इस योजना को लागू करने में शहरी स्‍थानीय निकायों की महत्‍वपूर्ण भूमिका होगी. इस तरह के ऋण अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्‍तीय बैंकों, सहकारी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों, सूक्ष्‍म वित्‍त संस्‍थाओं और स्‍वयं-सहायता समूह बैंकों द्वारा प्रदान किये जाएंगे.

योजना को पारदर्शी बनाना

योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए वेबपोर्टल से युक्‍त डिजिटल प्‍लेटफार्म बनाया गया है जिस पर नियंत्रण के लिए एक मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है. सूचना टेक्‍नोलॉजी पर आधारित इस प्‍लेटफार्म से रेहडी-पटरी और फेरी लगाने वाले कारोबारियों को औपचारिक वित्‍तीय प्रणाली से जोडा जा सकेगा.

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