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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गये

हाल ही में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अधिकारिक वेबसाइट पर इस योजना से संबंधित प्रमुख नियम एवं गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं.

Feb 8, 2019 14:51 IST
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अंतरिम बजट 2019-20 में वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की गई थी. बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि इसमें छोटे और सीमांत किसानों के लिये 6,000 रुपए की आय समर्थन राशि दी जाएगी.

हाल ही में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अधिकारिक वेबसाइट (http://pmkisan.nic.in) पर इस योजना से संबंधित प्रमुख नियम एवं गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. इसमें कहा गया है कि आयकर देने वाले परिवारों, सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा या पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को बजट में घोषित आय समर्थन योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा-निर्देश


•    सरकार ने इस 75,000 करोड़ रुपए की योजना के परिचालन दिशानिर्देशों को जारी करते हुए कहा है कि पेशेवर निकायों के पास पंजीकृत चिकित्सकों, इंजीनियरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वास्तुकारों तथा उनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं होंगे.

•    दिशा-निर्देशों में छोटे और सीमान्त किसानों को ऐसे किसान परिवार के रूप में परिभाषित किया गया है जिनमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के पास संबंधित राज्य या संघ शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार सामूहिक रूप से खेती योग्य भूमि दो हेक्टेयर अथवा इससे कम है.

•    दिशा-निर्देश में यह भी बताया गया है कि भूमि सीमा को पूरा करने के बावजूद कुछ श्रेणी के लोग इस नकदी समर्थन के पात्र नहीं होंगे.

•    इस योजना के तहत सरकार पहली किस्त 31 मार्च से पहले जारी करेगी.

•    पहली किस्त प्राप्त करने के लिए आधार नंबर जरूरी नहीं है, लेकिन दूसरी किस्त से यह अनिवार्य होगा.

•    संस्थागत भूमि मालिकों को भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है.

 

किसे नहीं मिलेगा लाभ?

  • यदि किसी किसान परिवार के एक या अधिक सदस्य निम्न श्रेणियों, किसी संस्थागत पद पर पूर्व में या वर्तमान में कार्यरत, मौजूदा या पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा-राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के पूर्व या मौजूदा सदस्य, नगर निगमों के पूर्व या मौजूदा मेयर और जिला पंचायतों के मौजूदा या पूर्व चेयरपर्सन में आते हैं तो उनको भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
  • केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों (इसमें मल्टी टास्किंग कम्रचारी-श्रेणी चार-समूह डी के कर्मचारी शामिल नहीं हैं) को भी इस योजना का फायदा नहीं मिल सकेगा.
  • ऐसे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी या पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपए या उससे अधिक है, को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

 

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