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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम 'उड़ान' का शुभारम्भ

उड़ान' योजना के तहत शिमला-दिल्ली मार्ग पर पहली उड़ान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाई गई. यह योजना पूर्ण रूपेण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) पर केंद्रित है और वैश्विक रूप से अपनी तरह की पहली योजना है.

Apr 27, 2017 13:06 IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला में 27 अप्रैल 2017 को बहुप्रतीक्षित 'उड़ान' योजना का शुभारम्भ किया. उड़ान' योजना के तहत शिमला-दिल्ली मार्ग पर पहली उड़ान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाई गई.

सिविल एविएशन की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS) या उड़ान स्कीम को गत वर्ष अक्टूबर में सरकार ने लॉन्च किया था. यह सिविल एविएशन पॉलिसी- 2016 का हिस्सा थी.

यह योजना पूर्ण रूपेण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) पर केंद्रित है और वैश्विक रूप से अपनी तरह की पहली योजना है. इस रूट पर एलाइंस एयर ने टैक्स समेत किराया 2036 रुपए निर्धारित किया है.

'उड़ान' योजना के बारे-

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से सस्ती हवाई सेवा के लिए उड़ान स्कीम का शुभारम्भ किया.
  • उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) देश के छोटे व मझोले कस्बों को बड़े नगरों तथा परस्पर किफायती हवाई यातायात सुविधा से जोड़ने की स्कीम है.
  • 'उड़ान' योजना के तहत आम आदमी से 500 किमी की विमान यात्रा हेतु 2500 रुपये का किराया वसूला किया जाएगा.
  • योजना के तहत फिक्स विंग विमानों के मामले में यात्रा की अवधि अधिकतम एक घंटे तथा हेलीकॉप्टर के मामले में आधा घंटे निर्धारित की गई है.
  • 'उड़ान' की उड़ानें देश के 70 हवाई अड्डों से संचालित की जाएंगी.
  • इस योज्मा से घरेलू एविएशन सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. इस सेक्टर में 20 फीसदी सालाना की बढ़ोत्तरी हो रही है.

एयरलाइनों का सरकार को प्रस्ताव-

  • इनमें 27 व्यस्त, 12 कम उपयोग में आने वाले तथा 31 अप्रयुक्त हवाई अड्डे सम्मिलित हैं.
  • इसके लिए विभिन्न नई, पुरानी एयरलाइनों की तरफ से कुल 27 प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुए हैं.
  • इनमें 17 एयरपोर्ट उत्तर, 24 पश्चिम, 11 दक्षिण, 12 पूर्व, 6 पूर्वोत्तर भारत तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं.
  • इस योजना के माध्यम से 22 राज्य व दो केंद्र शासित प्रदेश सस्ती उड़ानों से जुड़ जाएंगे.
  • 16 प्रस्ताव एक-एक रूट पर उड़ान भरने से संबंधित हैं. जबकि 11 प्रस्तावों में एक से अधिक शहरों को जोड़ने की इच्छा व्यक्त की गयी है.
  • छह प्रस्ताव ऐसे हैं जिनमें किसी तरह की सब्सिडी (वीजीएफ) की मांग नहीं की गई.

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वायबिलटी गैप फंडिंग-

  • स्कीम के तहत एयरलाइनों को नुकसान की स्थिति में वायबिलटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत सब्सिडी देने की व्यवस्था है.
  • एयरलाइन्स को इस स्कीम से जो घाटा होगा, उसकी भरपाई के लिए रीजनल कनेक्टिविटी फंड बनाया जाएगा.
  • एक घंटे से ज्यादा के सफर वाली फ्लाइट्स पर एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाएगा.
  • सरकार दो तरह से इस घाटे की पूर्ति कर सकती है एक तो तो वह 1 घंटे से ज्यादा के सफर वाले टिकट पर 2% सेस लगा लागू करे,जो लगभग 60 रुपए तक होगा.  
  • दूसरा, एक घंटे से ज्यादा सफर वाली फ्लाइट की एक लैंडिंग पर संबधित एयरलाइंस से एकमुश्त 8000 रुपए वसूल किए जाय.
  • स्कीम पर सालाना 6.5 लाख सीटों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी की जरूरत का अनुमान है.

उड्डयन के क्षेत्र में नई पॉलिसी-

  • देश में आजादी के बाद आज सिर्फ 70-75 एयरपोर्ट कार्यरत हैं, इन्हें कमर्शियल एक्टिविटी हेतु प्रयोग किया जा रहा है.
  • देश में अभी 394 एयरपोर्ट ऐसे हैं, जहां कोई फ्लाइट सर्विस नहीं है.
  • 16 एयरपोर्ट पर बहुत कम फ्लाइट हैं.
  • योजना के तहत लगभग 70 एयरपोर्ट नए शुरू किए जाएँगे.
  • टायर-2 के शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा.
  • ट्रांजैक्शन, शिकायत आदि हेतु सिंगल विंडो व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
  • वर्तमान मे भारत दुनिया में एविएशन के मामले में 10th पर जल्द ही यह 3rd नंबर पर आ सकेगा. .
  • 2019 तक 127 एयरपोर्ट से फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगे.
  • 2022 तक सालाना 30 करोड़ डोमेस्टिक फ्लाइट टिकट बेचने का टारगेट है.

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