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पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स में केरल लगातार तीसरे साल शीर्ष स्थान पर

इस सूची में केरल के बाद दूसरे स्थान पर तमिलनाडु, तीसरे स्थान पर तेलंगाना, चौथे स्थान पर कर्नाटक और पांचवें स्थान पर गुजरात हैं.

Jul 23, 2018 11:00 IST

पब्लिक अफेयर सेंटर (पीएसी) द्वारा 22 जुलाई 2018 को जारी पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स (पीएआई) 2018 के अनुसार केरल देश में सबसे बेहतर प्रशासित राज्य है.

देश में बेहतर तरीके से शासन करने को लेकर एक सूचकांक जारी हुआ है. केरल वर्ष 2016 से ही बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रशासित राज्य रहा है.

मुख्य तथ्य:

  • इस सूची में केरल के बाद दूसरे स्थान पर तमिलनाडु, तीसरे स्थान पर तेलंगाना, चौथे स्थान पर कर्नाटक और पांचवें स्थान पर गुजरात हैं.
  • पीएआई में मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार निचले स्तर पर हैं, जो इन राज्यों में अधिक सामाजिक और आर्थिक असमानता का सूचक है.
  • पीएसी के चेयरमैन के. कस्तूरीरंगन के अनुसार युवाओं की बढ़ती आबादी वाले देश के रूप में भारत को अपनी विकास परक चुनौतियों का आकलन करने और उनका समाधान करने की जरूरत है.
  • देश में बच्चों पर अपराध बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा भी चिंता का विषय है. पीएआई के मुताबिक बच्चों के लिए बेहतर जीवनयापन परिस्थितियों में केरल, हिमाचल प्रदेश और मिजोरम जैसे राज्यों ने अच्छे अंक हासिल किए हैं.
  • वहीं छोटे राज्य (2 करोड़ से कम आबादी वाले राज्य) में हिमाचल प्रदेश बेहतर गवर्नेंस के मामले में सबसे बेहतर राज्य साबित हुआ है. हिमाचल प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर गोवा, तीसरे पर मिजोरम, चौथे पर सिक्किम और पांचवें पर त्रिपुरा का नाम है. वहीं रिपोर्ट में छोटे राज्यों के मामले में नागालैंड, मिजोरम और मेघालय निचले स्थान पर रहे हैं.

                                                            क्या है पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स?

पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स की नींव वर्ष 1994 में रखी गई थी, जिसका काम भारत में शासन की गुणवत्ता में सुधार लाना है.

 

रिपोर्ट कैसे तैयार किया गया?

यह सूचकांक वर्ष 2016 से राज्यों की शासन व्यवस्था पर सालाना आधार पर जारी हो रहा है. इस रिपोर्ट में राज्यों के सामाजिक और आर्थिक विकास के आंकड़ों के आधार पर शासन-व्यवस्था के प्रदर्शन की रैंकिंग की जाती है. सूचकांक को राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव विकास में मददगार परिस्थितियों, सामाजिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, महिलाओं-बच्चों की स्थिति के आकलन के आधार पर तैयार किया गया है.

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