Jagran Josh Logo

भारत में पल्स पोलियो अभियान की आवश्यकता

Feb 8, 2018 17:42 IST

भारत में 28 जनवरी 2018 पल्स पोलियो अभियान 2018 को पुनः आरंभ किया गया. इस अभियान को दो चरणों में क्रियान्ववित किया जायेगा. दूसरे चरण का क्रियान्वयन 11 मार्च को किया जाएगा. इन दो अभियानों के तहत 5 वर्ष से कम आयु वाले लगभग 17 करोड़ बच्चों तक पोलियो ड्रॉप्स की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी.

भारत में 28 जनवरी 2018 और 11 मार्च 2018 तिथियों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाए जाने के लिए निर्धारित किया गया है.

पोलियो के बारे में जानकारी

•    यह एक संक्रामक रोग है जो एक ऐसे वायरस से उत्पन्न होता है, जो गले तथा आंत में रहता है.

•    साधारणतया यह एक व्ययक्ति से दूसरे व्यएक्ति में संक्रमित व्य क्ति के मल के माध्यम से फैलता है तथा यह नाक और मुंह के स्राव से भी फैलता है.

•    यह मुख्यतः एक से पाँच वर्ष की आयु के बच्चों को ही प्रभावित करता है, क्योंकि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हुई होती.

•    पोलियो का असर सबसे पहले आमतौर पर पैर में होता है लेकिन यह सिर, गर्दन, और डायाफ्राम की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है.

•    पोलियो का पहला टीका जोनास सौल्क द्वारा विकसित किया गया था.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ किया

भारत में आवश्यकता क्यों?

भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया सहित वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था. इस क्षेत्र के पोलियो मुक्त होने का बावजूद यहां इसलिए अभियान चलाया जाना आवश्यक है क्योंकि शोधकर्ताओं का मानना है कि यहां पोलियो वापिस आ सकता है.

•    भारत में इसकी आवश्यकता इसलिये भी है क्योंकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो वायरस सक्रिय है.

•    यह पोलियो वायरस इन देशों से आने वाले वयस्कों के माध्यम से आसानी से भारत में प्रवेश कर सकता है.

•    डब्ल्यूएचओ के अनुसार वर्ष 2016 में पाकिस्तान ने 20 वन्य पोलियो वायरस के मामले दर्ज किये जबकि अफगानिस्तान में 13 मामले सामने आए थे. डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से वायरस फैलने का खतरा अधिक रहता है.

चीन के पोलियो मुक्त होने के 10 साल बाद 2011 में झिंजियांग प्रांत में लकवाग्रस्त पोलियो के 21 मामले और दो मौतों की खबरें सामने आई थी. अनुसंधान करने पर चीन में इस वायरस का प्रवेश पाकिस्तान से पाया गया.

Is this article important for exams ? Yes2 People Agreed

DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

Latest Videos

Register to get FREE updates

    All Fields Mandatory
  • (Ex:9123456789)
  • Please Select Your Interest
  • Please specify

  • ajax-loader
  • A verifcation code has been sent to
    your mobile number

    Please enter the verification code below

Newsletter Signup
Follow us on
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK