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रेल मंत्रालय ने ‘ई-दृष्टि’ सॉफ्टवेयर लांच किया

ई-दृष्टि एक सॉफ्टवेयर है, जिसका विकास सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) ने किया है. इसके जरिये विशाल पर्दे पर समस्त चालू परियोजनाओं के अलावा ट्रेनों के आवागमन की सूचनाएं एक क्लिक पर हासिल की जा सकती हैं.

Dec 2, 2018 09:00 IST
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केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में ई-दृष्टि सॉफ्टवेयर लांच किया हैं. इस सॉफ्टवेयर की सहायता से रेलों की समयनिष्टता की निगरानी की जा सकती है, इसका उपयोग यात्री रेलगाड़ियों तथा मालगाड़ियों दोनों के लिए किया जा सकता है.

इस सॉफ्टवेयर की सहायता से रेल मंत्री पीयूष गोयल अब रेल भवन स्थित अपने कार्यालय में बैठे-बैठे ट्रेनों की आवाजाही, राष्ट्रीय परिवहन की आय और अन्य गतिविधियों सहित पूरे रेल नेटवर्क पर नजर रख सकेंगे.

उपयोग:

इसका उपयोग देश में कहीं भी किया जा सकता है. इस सॉफ्टवेयर का विकास केन्द्रीय रेलवे सूचना प्रणाली (सीआरआईएस) द्वारा किया गया है.

आम जनता के लिए भी उपलब्ध:

यह प्रणाली आम जनता के लिए भी उपलब्ध होगी. रेलवे पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अपने परिसरों ने इसके लिए स्क्रीन लगाने पर विचार कर रही है.

ई-दृष्टि सॉफ्टवेयर:

•   इस सॉफ्टवेयर की मदद से मंत्री मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों से होने वाली कमाई, मालगाड़ियों में सामान की लदाई और उसे उतारने, ट्रेनों के समय पर पहुंचने, बड़ी परियोजनाओं, शिकायतों, ट्रेनों का लाइव स्टेटस, स्टेशनों की जानकारी और अन्य तमाम चीजें देख सकेंगे.

•   इस तरह के तमाम एप को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करके ई-दृष्टी का नाम दे दिया गया है.

•   रेलवे के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब रेल मंत्री और रेलवे के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को रेलवे से जुड़ी सभी ताजा जानकरियां उनके कम्प्यूटर या मोबाइल पर हर वक्त मौजूद रहेंगी.

•   इसे भारतीय रेल कैटरिंग व पर्यटन कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) के बेस किचन से भी जोड़ा गया है, इसकी सहायता रेल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से सम्बंधित शिकायतों की निगरानी भी की जाती है.

•   रेल मंत्री लाइव विडियो के माध्यम से भी आईआरसीटीसी के रसोईघर की निगरानी कर सकते हैं. खाने में गड़बड़ियों के संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों के कारण रसोई को सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है.

•   इस सॉफ्टवेयर के द्वारा ट्रेन की आरक्षित व अनारक्षित सीटों की जानकारी भी मिलेगी तथा किसी भी समय पर ट्रेन की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है.

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