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केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा कैबिनेट सचिव नियुक्त

राजीव गौबा शुरू में कैबिनेट सचिवालय में विशेष कार्याधिकारी के तौर पर काम संभालेंगे और बाद में मौजूदा कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की जगह देश के शीर्ष नौकरशाह की जिम्मेदारी लेंगे. उनका कार्यकाल दो साल का होगा.

Aug 22, 2019 11:44 IST
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केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा को 21 अगस्त 2019 को अगला कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल दो साल का होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने राजीव गौबा को कैबिनेट सचिव के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी है. उनका कार्यकाल 30 अगस्त 2019 से दो साल या अगले आदेश, जो भी पहले हो, तक होगा.

राजीव गौबा, पी. के. सिन्हा की जगह लेंगे.  पी. के. सिन्हा इस पद पर चार साल पूरा करने के बाद कार्यकाल विस्तार के तहत काम कर रहे थे. केंद्र सरकार ने पी. के. सिन्हा को चार साल से अधिक का विस्तार नियमों में बदलाव लाकर दिया था.

केंद्र सरकार ने इसके अतिरिक्त अजय कुमार को रक्षा सचिव, बृज कुमार अग्रवाल को लोकपाल के सचिव और सुभाष चंद्रा को रक्षा उत्पादन विभाग का सचिव नियुक्ति किया है. अजय कुमार केरल कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. फिलहाल, वे रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव हैं. संजय मित्रा का कार्यकाल पूरा होने के बाद अजय कुमार उनकी जगह लेंगे. बृज कुमार अग्रवाल हिमाचल प्रदेश कैडर के 1985 बैच के आईएएस अधिकारी है. उन्हें लोकपाल का सचिव नियुक्त किया गया है. सुभाष चंद्रा कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव नियुक्त किए गए है. वे वर्तमान में रक्षा विभाग के विशेष सचिव हैं.

राजीव गौबा के बारे में

• राजीव गौबा ने 31 अगस्त 2017 को गृह सचिव के तौर पर कामकाज संभाला था.

• वे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.

• वे केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में काम कर चुके हैं.

• उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक किया था. वे 15 महीने तक झारखंड के मुख्य सचिव भी रहे है.

• उनकी नक्सलवाद पर नियंत्रण हेतु नई पॉलिसी और एक्शन प्लान बनाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

• उन्होंने चार वर्ष तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व किया.

• वे पुलिस आधुनिकीकरण और पुलिस सुधार के प्रभारी भी रह चुके हैं.

• उन्हें गृह सचिव के तौर पर आंतरिक सुरक्षा, जम्मू कश्मीर एवं पूर्वोत्तर में उग्रवाद, मध्य तथा पूर्वी भारत में नक्सली समस्या समेत अन्य विषयों को संभालने का अनुभव है.

• जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून का मसौदा तैयार करने में भी राजीव गौबा की अहम भूमिका रही.

• राजीव गौबा का झारखंड से पुराना संबंध रहा है. उनके पिता 60 के दशक में एजी ऑफिस रांची में कार्यरत थे. उनकी आरंभिक शिक्षा रांची में ही हुई थी.

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