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समुद्र में बढ़ी भारत की ताकत, गोवा में तैनात किए गए तीन जलपोत

भारतीय समुद्री इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी पोत का जलावतरण कोविड-19 महामारी के कठोर प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे एहतियाती कदमों को ध्यान में रखकर डिजिटल माध्यम से किया गया.

May 17, 2020 11:01 IST
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 मई 2020 को गोवा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय तटरक्षक बल के 'सचेत' और दो अवरोधक (इंटरसेप्टर) पोतों आइबी सी 450 और सी 451 का जलावतरण किया. समुद्री क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच इनका तैनाती भारत की सुरक्षा को मजबूती देगी.

भारतीय समुद्री इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी पोत का जलावतरण कोविड-19 महामारी के कठोर प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे एहतियाती कदमों को ध्यान में रखकर डिजिटल माध्यम से किया गया. देश एक ओर कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी जैसी चुनौती से लड़ रहा है, तो दूसरी ओर भविष्य की हर तरह की चुनौती से निपटने की तैयारी भी कर रहा है.

आईसीजी के प्रवक्ता ने क्या कहा?

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के प्रवक्ता ने कहा कि पांच अपतटीय गश्ती जहाजों (ओपीवी) की श्रृंखला के तहत पहले पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसे अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, सेंसर और मशीनरी से सुसज्जित किया गया है.

राजनाथ सिंह रहे मौजूद

इस अवसर पर राजनाथ सिंह के साथ, रक्षा सचिव, अजय कुमार और आईसीजी के महानिदेशक डी. कृष्णस्वामी नटराजन भी उपस्थित थे. कमीशन के समय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के वास्को सुविधा में मौजूद थे.

रक्षा मंत्री ने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन पोतों का जलावतरण भारत की तटीय पोत निर्माण प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होगा. कोविड-19 जैसी चुनौतियों के बावजूद यह हमारे देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और दृढ़निश्चय की एक मिसाल है.

आईसीजीएस सचेत के बारे में

• अत्याधुनिक नौवहन और संचार उपकरणों से सुसज्जित 'सचेत' का निर्माण और डिजाइन स्वदेशी कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया है. यह पांच अपतटीय निगरानी वाहनों में से एक है. 105 मीटर लंबा सचेत 2350 टन का है. यह लगभग 50 किलोमीटर रफ्तार से 11,112 किलोमीटर तक जा सकता है.

• इस युद्धपोत में दो हेलीकॉप्टर, चार हाई स्पीड बोट और राहत और बचाव अभियान के लिए एक इनफ्लैटएबल बोट की व्यवस्था है. इसमें प्रदूषण रिस्पांस उपकरण भी है जो समुद में प्रदूषण के रिसाव पर नजर रखता है.

• आइसीजीएस सचेत की कमान उप महानिरीक्षक राजेश मित्तल संभालते हैं। इसमें 11 अधिकारी और अन्य 110 लोग तैनात है. इस पोत में 9,100 किलोवॉट के दो इंजन लगे हुए हैं.

दो इन्टरसेप्ट बोट के बारे में

• इन्टरसेप्ट बोट सी-450 और सी-451 को एलएंडटी शिपयार्ड, हजीरा (गुजरात) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसे नवीनतम नेविगेशन और संचार उपकरणों से सुसज्जित किया गया है.

• 30 मीटर लंबी दो नौकाएं 45 समुद्री मील (नॉट) से भी अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम हैं. इन्हें उच्च गति से अवरोधन, तट के निकट गश्ती एवं कम तीव्रता के समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है.

• आईबी की त्वरित जवाबी कार्रवाई क्षमता किसी भी उभरती समुद्री परिस्थिति से निपटने और उसे विफल करने की दृष्टि से इसे एक आदर्श प्‍लेटफॉर्म बनाती है. इन नौकाओं की कमान सहायक कमांडेंट गौरव कुमार गोला और सहायक कमांडेंट अकिन जुत्शी संभाल रहे हैं.

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