RBI का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 50 हजार करोड़ का कर्ज

कोरोना संकट पर आरबीआई ने बड़ी राहत देते हुए हेल्थ इमरजेंसी के तौर पर बैंकों को कई तरह के राहत देने का घोषणा किया है. 

Created On: May 5, 2021 16:00 ISTModified On: May 5, 2021 15:35 IST

भातीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 05 मई 2021 को देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में अवगत कराया और कुछ राहत उपायों की भी घोषणा की. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना संकट की जरूरत को देखते हुए इमर्जेंसी हेल्थ सेवाओं को लिए 50000 करोड़ का लोन दिया जाएगा.

कोरोना संकट पर आरबीआई ने बड़ी राहत देते हुए हेल्थ इमरजेंसी के तौर पर बैंकों को कई तरह के राहत देने का घोषणा किया है. इसके तहत 25 करोड़ तक लोन लेने वालों को रीस्ट्रक्चरिंग की सुविधा मिलेगी. लेकिन ये सुविधा उनको ही मिलेगी जिन्होंने अब तक लोन रीस्ट्रक्चरिंग नहीं कराई है.

25 करोड़ रुपये तक का लोन

आरबीआई ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में विभिन्न सेक्टर्स को राहत उपलब्ध कराने के लिए रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 का ऐलान किया. रिजोल्यूशन फ्रेमवर्क 2.0 के तहत 25 करोड़ रुपये तक का लोन लेने वाले लोग या छोटे कारोबारी लोन रिस्ट्रक्चरिंग की फैसिलिटी का लाभ उठा सकते हैं.

मुख्य बातें

•    शक्तिकांत दास ने अपने संबोधन के दौरान महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों का धन्यवाद किया.

•    उन्होंने कहा कि आरबीआई विशेष रूप से नागरिकों, व्यापारिक संस्थाओं और दूसरी लहर से प्रभावित संस्थानों के लिए अपने सभी संसाधनों और उपकरणों को तैनात करेगा.

•    आरबीआई गवर्नर ने कहा कि प्रायोरिटी सेक्टर के लिए कोविड लोन बुक बनाए जाएंगे. बैंक अपनी कोविड बुक के बराबर ही रकम रिजर्व बैंक के पास पार्क कर सकते हैं. इसके बदले बैंकों को रेपो रेट से 40 आधार अंक ज्यादा ब्याज मिलेगा.

•    उन्होंने यह भी कहा कि 35000 करोड़ रुपये की सरकारी सिक्योरिटीज की खरीद का दूसरा चरण 20 मई को शुरू किया जाएगा.

•    आरबीआई ने मार्च 2022 तक कोविड-19 से संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 50,000 करोड़ रुपये की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की. इसके जरिए बैंक रेपो रेट पर वैक्सीन मैन्युफैक्चर्स, वैक्सीन ट्रांसपोर्ट, निर्यातकों को आसान किस्तों पर लोन उपलब्ध कराएंगे.

•    उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए ओवरड्राफ्ट सुविधा दी जाएगी. ओवरड्राफ्ट में राज्यों को रियायत मिलेगी. ओवरड्राफ्ट सुविधा की अवधि बढ़ाकर 50 दिन कर दी गई है. पहले इसकी अवधि 36 दिन थी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया

देश में कोरोना संकट के बीच 05 मई 2021 को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना का दूसरी लगह पहले से कहीं ज्यादा घातक है और इसका इकोनॉमी पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि आरबीआई इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली लहर के बाद इकोनॉमी ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया और अच्छी रिकवरी देखने को मिली. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि COVID-19 महामारी की दूसरी लहर को रोकने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन और अन्य COVID- प्रेरित प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचने की आशंका है.

वीडियो केवाईसी को मंजूरी

आरबीआई ने कोरोना के बीच केवाईसी नियमों में छूट दी है. आरबीआई गवर्नर ने वीडियो के माध्यम से केवाईसी में तेजी लाने को कहा है. इसके साथ ही डिजीलॉकर और अन्य डिजिटल माध्यम से केवाईसी करवाने को भी मंजूरी दे दी है.

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