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Road Accidents in India: सड़क हादसों में तमिलनाडु पहले स्थान पर

रिपोर्ट में साल 2010 तक दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई थी. इसके अतिरिक्त साल 2010 से साल 2018 तक की अवधि में दुर्घटनाओं के साथ-साथ दुर्घटनाओं की वार्षिक वृद्धि दर में भारी गिरावट आई.

Nov 20, 2019 15:20 IST
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 19 नवंबर 2019 को अपनी रिपोर्ट ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं- 2018’ जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 के मुकाबले साल 2018 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 0.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर में भी 2.37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

रिपोर्ट में साल 2010 तक दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई थी. इसके बाद साल दर साल मामूली उतार-चढ़ाव के साथ वे कुछ हद तक स्थिर हो गये. इसके अतिरिक्त साल 2010 से साल 2018 तक की अवधि में दुर्घटनाओं के साथ-साथ दुर्घटनाओं की वार्षिक वृद्धि दर में भारी गिरावट आई.

मुख्य बिंदु:

• रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 के दौरान देश में सड़क दुर्घटनाओं में 0.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. साल 2017 में 4,64,910 के मुकाबले 4,67,044 सड़क दुर्घटनाएं हुईं.

• इस अवधि के दौरान मृत्यु दर में भी करीब 2.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. साल 2017 में 1,47,913 के मुकाबले साल 2018 में 151471 लोग मारे गए थे.

• सड़क दुर्घटना में घायलों की संख्‍या में साल 2017 की तुलना में साल 2018 में 0.33 प्रतिशत की कमी आई.

• राष्ट्रीय राजमार्ग, देश के कुल सड़क नेटवर्क में एनएच की हिस्सेदारी केवल 1.94 प्रतिशत ही है जबकि कुल सड़क दुर्घटनाओं में इसकी हिस्सेदारी 30.2 प्रतिशत है.

• अन्य सड़कें, जो कुल सड़कों का करीब 95.1 प्रतिशत हैं, क्रमशः 45 प्रतिशत दुर्घटनाओं और 38 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार थीं.

• लगभग 15 प्रतिशत पैदल यात्रियों ने सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाई. साइकिल चालकों की हिस्सेदारी 2.4 प्रतिशत थी और दोपहिया वाहनों की संख्या 36.5 प्रतिशत थी.

• साल 2018 में, तमिलनाडु में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक लोग मारे गए.

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मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस वर्ष मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी है. इस विधेयक में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माने को और ज्यादा कड़ा किया गया है. नए विधेयक के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल भी भेजा सकता है. इस विधेयक के अंतर्गत यदि नाबालिग गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके माता-पिता तथा गाड़ी के मालिक को दोषी माना जायेगा. इस विधेयक के तहत गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जायेगा.

नए विधेयक के तहत सड़क दुर्घटना में अगर किसी की भी मौत होती है तो न्यूनतम मुआवज़ा 25 हज़ार से बढ़ाकर अब दो लाख रुपए कर दिया गया है. सड़क दुर्घटना में किसी को गंभीर रूप से घायल होने पर मुआवज़ा 50,000 कर दिया गया है. विधेयक के तहत खतरनाक ड्राइविंग के लिए जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है.

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