सऊदी अरब में खत्म हुआ महिला के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध

Jun 25, 2018 18:42 IST

सऊदी अरब में 24 जून 2018 को महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर ड्राइविंग करने (गाड़ी चलाने) की इजाजत मिल गई. बैन हटने के बाद सऊदी की सड़कों पर महिलाएं सड़कों पर गाड़ी चलाते हुए नजर आईं.

इसके साथ ही सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया. सऊदी अरब दुनिया का इकलौता ऐसा देश था जहां महिलाएं ड्राइव नहीं कर सकती थीं.

उल्‍लेखनीय है कि सितंबर 2017 में ही महिलाओं के गाड़ी चलाने पर दशकों पुराने प्रतिबंध को 24 जून 2018 को हटाने की घोषणा की गई थी. यह बड़ा फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है. क्राउन प्रिंस 2030 तक सऊदी अरब की इकोनॉमी को तेल से अलग करना चाहते हैं और इसके लिए तमाम सुधार किए जा रहे हैं.

एक अनुमान के मुताबिक साल 2020 तक सऊदी अरब में 30 लाख से ज्यादा महिलाएं ड्राइवर होंगी.

समय-सीमा:

सितंबर 2017: सऊदी के शाह सलमान ने 24 जून, 2018 से दशकों पुराने प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की.

अक्तूबर 2017: महिलाओं को ड्राइविंग सिखाने के लिए ट्रेनिंग स्कूल खुलना शुरू हुए.

जनवरी 2018: जेद्दा में महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पहला कार शोरूम खुला.

जून 2018: महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनने शुरू हुए.

महिलाएं सिर्फ कार ही नहीं:

 महिलाएं सिर्फ कार ही नहीं बल्कि वैन, ट्रक और मोटरसाइकिल भी चला सकेंगी. हालांकि निजी वाहन चलाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और सार्वजनिक वाहन के लिए 20 साल उम्र होनी चाहिए.

सऊदी अरब में महिलाओं को यह हैं आजादी:

•    सऊदी की महिलाएं कारोबार कर सकती हैं.

•    सऊदी की महिलाओं को सेना में शामिल होने की इजाजत है.

•    पुरुषों की अनुमति लिए बिना कारोबार शुरू करने की मंजूरी है.

•    महिलाओं को रिटेल और अस्पतालों में काम करने की छूट है.

•    महिला वकीलों को वकालत करने की इजाजत मिल चुकी है.

•    देश की कूटनीतिक सेवाओं के लिए महिलाएं आवेदन कर सकती हैं.

•    महिलाएं अखबार की संपादक और टीवी शो की होस्ट बन सकती हैं.

•    इसके अलावा कॉल सेंटर में काम करने की उन्हें पूरी छूट है.

•    फुटबॉल मैच देखने के लिए स्टेडियम जाने पर पाबंदी नहीं है.

सऊदी अरब में फिर भी कई काम ऐसे हैं, जिन्हें करने के लिए या तो उन्हें पुरुषों की अनुमति लेनी होती है या वे कर ही नहीं सकतीं:

बैंक खाता नहीं खुलवा सकतीं: सऊदी में महिलाओं को बैंक अकाउंट खुलवाने की आजादी नहीं है. इसके लिए उन्हें घर के पुरुषों की मंजूरी लेना जरूरी है.

खुद नहीं बनवा सकतीं पासपोर्ट: सऊदी में महिलाओं को पासपोर्ट बनवाने के लिए पिता, पति, भाई या घर के किसी पुरुष से आधिकारिक अनुमति लेना जरूरी हैं.

शादी-तलाक की आजादी नहीं: सऊदी में महिलाओं को अपनी पसंद के पुरुष से शादी करने की आजादी नहीं है.

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