रत्नागिरी रिफाइनरी प्रोजेक्ट हेतु सऊदी अरामको और भारत के बीच 44 बिलियन डॉलर का समझौता

सऊदी अरामको के प्रेसीडेंट एवं सीईओ अमीन एच.नसीर और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) के स्‍टेट मंत्री एवं एडनॉक ग्रुप के सीईओ सुल्‍तान अहमद अल जबेर के बीच यह समझौता हस्ताक्षरित किया गया.

Created On: Jun 26, 2018 09:47 ISTModified On: Jun 26, 2018 09:53 IST

सऊदी अरामको और एडनॉक ने महाराष्‍ट्र के रत्‍नागिरी में एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परिसर को संयुक्‍त रूप से विकसित एवं निर्मित करने के लिए 25 जून 2018 को एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये. यह परियोजना रत्‍नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्‍स लिमिटेड (आरआरपीसीएल) द्वारा क्रियान्वित की जाएगी.

उपर्युक्‍त एमओयू सऊदी अरामको के प्रेसीडेंट एवं सीईओ अमीन एच.नसीर और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) के स्‍टेट मंत्री एवं एडनॉक ग्रुप के सीईओ सुल्‍तान अहमद अल जबेर के बीच हस्ताक्षरित किया गया.

रत्नागिरी रिफाइनरी की विशेषताएं

  • यह मेगा रिफाइनरी प्रतिदिन 1.2 मिलियन बैरल कच्‍चे तेल (60 मिलियन मीट्रिक टन सालाना) का प्रसंस्‍करण (प्रोसेसिंग) करने में सक्षम होगी.
  • यह रिफाइनरी बीएस-VI ईंधन दक्षता मानकों पर खरे उतरने वाले पेट्रोल एवं डीजल सहित अनेक परिशोधित पेट्रोलियम उत्‍पादों का उत्‍पादन करेगी.
  • रत्नागिरी रिफाइनरी उस एकीकृत पेट्रोरसायन परिसर के लिए आवश्‍यक कच्‍चा माल भी सुलभ कराएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 18 मिलियन टन पेट्रोरसायन उत्‍पादों का उत्‍पादन करने में सक्षम होगा.
  • आरआरपीसीएल की गिनती विश्‍व की सबसे बड़ी परिशोधन एवं पेट्रोरसायन परियोजनाओं में होगी और इसकी डिजाइनिंग कुछ इस तरह से की जाएगी, जिससे कि वह भारत में तेजी से बढ़ती ईंधन एवं पेट्रोरसायन मांग को पूरा करने में समर्थ होगी.
  • इस परियोजना पर लगभग 3 लाख करोड़ रुपये (44 अरब अमेरिकी डॉलर) की लागत आएगी.

भारत को लाभ

  • यह भारत के परिशोधन (रिफाइनिंग) क्षेत्र में सर्वाधिक एकल विदेशी निवेश है.
  • यह परियोजना भारतीय कंसोर्टियम और सऊदी अरामको एवं एडनॉक के बीच 50:50 प्रतिशत की संयुक्‍त अंशभागिता वाले उद्यम के रूप में स्‍थापित की जाएगी.
  • आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल वाले भारतीय सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के एक कंसोर्टियम द्वारा प्रवर्त‍ित आरआरपीसीएल के विदेशी रणनीतिक साझेदार अब सऊदी अरामको और एडनॉक होंगे.
  • सऊदी अरामको ने 16वें अंतर्राष्‍ट्रीय ऊर्जा फोरम मंत्रिस्‍तरीय शिखर सम्‍मेलन के अवसर पर भारतीय कंसोर्टियम के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर करके एक विदेशी निवेशक के रूप में इस परियोजना में सह-निवेश के लिए एक अन्‍य रणनीतिक भागीदार के रूप में शामिल होने की इच्‍छा जताई थी.

आरआरपीसीएल की पृष्ठभूमि

रत्‍नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्‍स लिमिटेड (आरआरपीसीएल) एक संयुक्‍त उद्यम कंप‍नी है, जिसका गठन आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के बीच क्रमश: 50:25:25 प्रतिशत की इक्विटी भागीदारी के साथ 22 सितम्‍बर, 2017 को हुआ था. इस कंपनी को महाराष्‍ट्र के रत्‍नागिरी में 60 एमएमटीपीए (1.2 एमएमबीडी) की क्षमता वाली एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परियोजना क्रियान्वित करनी है. इस रिफाइनरी से पेट्रोरसायन का अनुमानित उत्‍पादन लगभग 18 एमएमटीपीए होने की आशा है.

 

यह भी पढ़ें: भारत और क्यूबा के मध्य बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

 

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Post Comment

5 + 5 =
Post

Comments