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Sawan Shivratri 2019: 29 और 30 जुलाई को है अदभुत संयोग, जानिए महत्व और विशेषता

सावन शिवरात्रि को भारत में बेहद महवपूर्ण माना जाता है. माना जाता है कि यदि त्रयोदशी के समाप्ति काल और चतुर्दशी के प्रारंभ के संगम काल में शिव का जलाभिषेक किया जाए तो अत्यंत श्रेष्ठ रहेगा.

Jul 29, 2019 18:00 IST

Sawan Shivratri 2019: सावन माह में आने वाली इस शिवरात्रि को विशेष स्थान प्राप्त है. भगवान शिव के भक्तों के लिए इस दिन को विशेष रूप से शुभ माना जाता है. हिन्दू मान्यताओं के आधार पर यह कहा जाता है कि त्रयोदशी और चतुर्दशी पर जलाभिषेक करने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. इस वर्ष 29 और 30 जुलाई दोनों दिन जलाभिशेषक किया जा सकता है, इन दोनों दिनों को ही शुभ बताया गया है. इस वर्ष जलाभिषेक के लिए 30 जुलाई, अर्थात मंगलवार को पूरा दिन जलाभिषेक का योग है.

जलाभिषेक का समय

त्रयोदशी 29 जुलाई 2019 को शाम 05:09 मिनट से शुरू होगी और उसी समय जलाभिषेक आरंभ हो जायेगा. इसी प्रकार 30 जुलाई को पूरा दिन जलाभिषेक किया जायेगा. इस वर्ष 30 जुलाई को दोपहर 02:49 मिनट पर त्रयोदशी समाप्त होकर चतुर्दशी प्रारंभ होगी.

यह भी संयोग बताया जा रहा है कि यदि त्रयोदशी के समाप्ति काल और चतुर्दशी के प्रारंभ के संगम काल में शिव का जलाभिषेक किया जाए तो अत्यंत श्रेष्ठ रहेगा. त्रयोदशी और चतुर्दशी के संगम काल में आद्रा नक्षत्र भी रहेगा. माना जाता है कि आद्रा नक्षत्र शिव को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दृष्टि से दोपहर 02:49 मिनट पर शिव का जलाभिषेक करना सबसे बेहतर रहेगा.

सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक क्यों?

धार्मिक आस्था और मान्यताओं के अनुसार सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव को जल अर्पित करने से न केवल वे प्रसन्न होते हैं, बल्कि भक्तों की सभी कामना जल्द ही पूरी करते हैं. ऐसा माना जाता है कि शिवरात्रि का व्रत और इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से अर्चक को शांति, रक्षा, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है.

सावन शिवरात्रि 2019 का समय

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 30 जुलाई 2019 को दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से

चतुर्दशी तिथि समाप्त: 31 जुलाई 2018 को  सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक

निशिथ काल पूजा: 31 जुलाई 2019 को दोपहर 12 बजर 06 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक

पारण का समय: 31 जुलाई 2019 को सुबह 05 बजकर 46 मिनट से सुबह 11 बजकर 57 मिनट तक

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