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रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने हेतु 7 सदस्यीय GoM का गठन किया गया

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल जीएसटी के तहत रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बनाये गये 7 सदस्यीय मंत्री समूह के संयोजक होंगे.

Jan 16, 2019 09:15 IST

नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक लिए गये निर्णय के अनुसार जीएसटी के तहत रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 7 सदस्यीय मंत्री समूह (जीओएम) का गठन किया गया है.

जीएसटी परिषद द्वारा गठित जीओएम के निम्नलिखित सदस्य होंगे:

•    नितिन पटेल, उपमुख्यमंत्री, गुजरात सरकार (संयोजक)

•    सुधीर मुनगंटीवार, वित्त मंत्री, महाराष्ट्र सरकार (सदस्य)

•    कृष्णा बायर गौड़ा, वित्त मंत्री, कर्नाटक सरकार (सदस्य)

•    डॉ। टी.एम. थॉमस इसाक, वित्त मंत्री, केरल सरकार (सदस्य)

•    मनप्रीत सिंह बादल, वित्त मंत्री, पंजाब सरकार (सदस्य)

•    राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (सदस्य)

•    मौविन गोडिन्हो, पंचायत मंत्री, गोवा सरकार (सदस्य)

मंत्री समूह के दायित्व

•    आवासीय निर्माण इकाइयों के लिए एक कंपोजिशन स्कीम प्रदान करके जीएसटी के तहत रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के प्रस्ताव के मद्देनजर चुनौतियों सहित जीएसटी की कर दर का विश्लेषण करना.

•    रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए रचना योजना या किसी अन्य योजना के लिए परीक्षण करना और सुझाव देना.

•    संयुक्त विकास समझौते और उपयुक्त मॉडल में विकास अधिकारों (टीडीआर) और विकास अधिकारों के हस्तांतरण पर जीएसटी के विभिन्न पहलुओं की जांच करना.

•    संरचना और सुझाव तंत्र में भूमि या किसी अन्य संघटक को शामिल करने / शामिल करने की वैधता की जांच करना.

•    जीएसटी के तहत रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्यों से अधिकारियों को आमंत्रित किया जा सकता है, लॉ कमेटी और फिटमेंट कमेटी के संयोजक जीओएम की सहायता करेंगे.

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) क्या है?


वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भारत में 01 जुलाई 2017 से लागू एक महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था है जिसे सरकार व कई अर्थशास्त्रियों द्वारा स्वतंत्रता के पश्चात् सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया गया है. इसके तहत केन्द्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा भिन्न-भिन्न दरों पर लगाए जा रहे विभिन्न करों को हटाकर पूरे देश के लिए एक ही अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू की गयी है, जिससे भारत को एकीकृत साझा बाजार बनाने में मदद मिलेगी.

भारतीय संविधान में इस कर व्यवस्था को लागू करने के लिए संशोधन किया गया है. जीएसटी अलग-अलग स्तर पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी,सेंट्रल सेल्स टैक्स, वैट, लक्ज़री टैक्स, सर्विस कर इत्यादि की जगह अब केवल जीएसटी ही लग रहा है. जीएसटी वह कर है जिसे वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर ही लागू किया गया है.

 

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