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सिक्किम के मुख्यमंत्री ने 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया

इस योजना के तहत राज्य के उस प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है.

Jan 14, 2019 12:41 IST
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सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने 12 जनवरी 2019 को 'एक परिवार, एक नौकरी' योजना का शुभारंभ किया. इस योजना की घोषणा पवन कुमार चामलिंग ने वर्ष 2018 में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान की थी.

एक परिवार-एक नौकरी योजना के तहत नौकरी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी कार्मिक विभाग को दी गई है. उनका दावा है कि ऐसी योजना लागू करने वाला सिक्किम देश का पहला राज्य बन गया है.

योजना का लाभ:

इस योजना के तहत राज्य के उस प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है. इस योजना के पहले चरण में कुल 20 हजार युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है. बाकी युवाओं के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में रोजगार मेला दोबारा आयोजित किया जाएगा.

पवन कुमार चामलिंग सिक्किम राज्य के मुख्यमंत्री है. चामलिंग राजनैतिक दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के संस्थापक अध्यक्ष है, जो वर्ष 1994 से लगातार सिक्किम में शासन में है. पवन कुमार चामलिंग के नाम सबसे लंबे समय (लगभग 25 वर्ष) तक सीएम रहने का रिकार्ड है.

मुख्य तथ्य:

•   मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने खेती और कृषि क्षेत्र में लगे सभी लोगों की कर्जमाफी की भी घोषणा की.

•   उन्होंने पलजोर स्टेडियम में आयोजित रोजगर मेला 2019 के दौरान इस योजना का शुभारंभ किया और इसके साथ ही राज्य के 32 विधानसभा क्षेत्रों से दो-दो लोगों को खुद अस्थायी नियुक्ति पत्र सौंपा.

•   इससे पहले इस योजना के तहत 20,000 युवाओं को तुरंत अस्थायी नौकरी देने की घोषणा की थी. वहीं इस दौरान कुल 11,772 लोगों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए.

•   मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि फिलहाल की जा रही अस्थाई नियुक्तियों को अगले पांच वर्षों में नियमित किया जाएगा और सभी लाभार्थी स्थायी कर्मचारी बन जाएंगे.

•   वर्तमान में 12 सरकारी विभागों के ग्रुप सी और ग्रुप डी में नई भर्तियां की जा रही हैं.

•   मुख्यमंत्री के अनुसार, चौकीदार (गार्ड), माली, अस्पतालों में वार्ड अटेंडेंट, अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं, ग्राम पुलिस गार्ड और सहायक ग्राम पुस्तकालयाध्यक्ष सहित 26 विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां दी जा रही है.

 

सरकार ने अब तक सिर्फ 6.4 लाख की आबादी वाले राज्य में पेरोल पर एक लाख से अधिक नियमित कर्मचारियों को रखा है. राज्य के 25000 अनियमित सरकारी कर्मचारियों को भी 2019 के अंत तक वरिष्ठता क्रम के हिसाब से स्थायी करने की घोषणा की गईं है. नई भर्तियों को परिलब्धि भुगतान के लिए चालू वित्त वर्ष में 89 दिनों का बजट आवंटित किया गया है और अगले वित्त वर्ष में नए प्रावधान किए जाएंगे.

 

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