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पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2019-20 का बजट पेश किया

वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि राज्य में वित्त वर्ष 2018-19 में करीब नौ लाख रोजगार पैदा हुये हैं. बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा, मूलभूत सुविधा का विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है.

Feb 5, 2019 18:18 IST

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने 04 फरवरी 2019 को 2.37 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने लगभग 37 मिनट में बजट पाठ पूरा किया.

वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि राज्य में वित्त वर्ष 2018-19 में करीब नौ लाख रोजगार पैदा हुये हैं. बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा, मूलभूत सुविधा का विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया है.

मुख्य तथ्य:

   वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में कुल 2,37,964 करोड़ का आवंटन किया गया है. पिछले वर्ष यह 2,14,959 करोड़ था. बजट आवंटन में 10.70 फीसदी की वृद्धि की गयी.

•   राज्य विकास योजना में पिछले वर्ष के 80,166 करोड़ रुपये में 13.25 फीसदी की वृद्धि के साथ 89,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कृषि विकास पर बजट का मुख्य फोकस है.

   वित्त वर्ष 2018-19 में कृषि मद में 2,767 करोड़ रुपये की तुलना में 2019-20 में 6,086 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें 120 फीसदी की वृद्धि हुई है.

•   वित्त वर्ष 2018-19 में कृषक बंधु योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस वर्ष भी बजट में 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि कुल 7000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं तथा जरूरत के अनुसार कृषक बंधु योजना में और भी राशि आवंटित की जायेगी.

•   सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2018-19 में 38,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इस वर्ष इसमें 8.24 फीसदी वृद्धि के साथ 41,131 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है.

   कृषि व संबंधित क्षेत्रों के लिए वर्ष 2018-19 में 24,199 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. इसमें 13.25 फीसदी वृद्धि के साथ वर्ष 2019-20 में 27,406 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है.

   मूलभूत सुविधाओं के विकास में वर्ष 2018-19 में 7,760 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे. वर्ष 2019-20 में 13.48 फीसदी वृद्धि के साथ 8,806 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है.

   विद्यालय शिक्षा में आवंटन वर्ष 2018-19 में 24,722 करोड़ रुपये से बढ़ कर वर्ष 2019-20 में 27,540 करोड़ रुपये हो गये हैं. इसमें 11.40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है.

   स्वास्थ्य क्षेत्र में आवंटित राशि वर्ष 2018-19 में 8,770 करोड़ रुपये से बढ़ कर वर्ष 2019-20 में 9,556 करोड़ रुपये हो गयी है. इसमें 11 फीसदी का इजाफा हुआ है.

   पूंजीगत खर्च में भी इजाफा हुआ है. वर्ष 2018-19 में 25,756 करोड़ रुपये से बढ़ कर वर्ष वर्ष 2019-20 में 26,667 करोड़ रुपये हो गया है.

 

बेरोजगारों को स्व-रोजगार:

वित्त मंत्री ने 50 हजार बेरोजगारों को स्व-रोजगार के लिए हर साल एक लाख रुपये वित्तीय मदद करने का घोषणा किया है. इसके साथ ही चाय बागानों को दो वित्त वर्ष के लिए शिक्षा एवं ग्रामीण रोजगार उपकर से पूरी तरह छूट देने का फैसला किया है.

 

किसानों को सालाना 5,000 रुपये का भुगतान:

बजट के तहत एक एकड़ जमीन वाले किसानों और बंटाई पर खेती करने वालों को सालाना 5,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा. इससे कम जमीन वाले किसानों को उनकी जमीन के आकार के हिसाब से अनुदान मिलेगा, जो 2,000 रुपये सालाना से कम नहीं होगा. इसके साथ ही किसानों की मृत्यु की स्थिति में एकमुश्त 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट के माध्यम से कृषक, गरीब, छोटे व मध्यम वर्ग के कारोबारियों के विकास तथा राज्य के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया है. बजट में सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता (डीए) भुगतान का कोई प्रस्ताव नहीं है.

 

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