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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नये रोस्टर सिस्टम की घोषणा

नये रोस्टर के अनुसार मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ सभी जनहित याचिकाओं, सामाजिक न्याय, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण और अदालत की अवमानना से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

Jun 25, 2018 09:05 IST
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जस्टिस जे चेलमेश्वर के रिटायरमेंट के दो दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामलों के आवंटन के लिए 24 जून 2018 को नया रोस्टर जारी किया है. यह रोस्टर दो जुलाई से प्रभावी होगा क्योंकि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद न्यायालय का नियमित कामकाज दो जुलाई से शुरू होगा.

सुप्रीम कोर्ट के 10 न्यायाधीश

इस अधिसूचना में उन मामलों की सूची है जिनकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश और 10 अन्य न्यायाधीशों - जस्टिस गोगोई, जस्टिस लोकुर, जस्टिस जोसेफ, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस एस ए जस्टिस बोबडे, जस्टिस एन वी रमण, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस ए के गोयल, जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस  ए एम सप्रे की पीठों द्वारा की जानी है.


सुप्रीम कोर्ट का नया रोस्टर

•    मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ सभी जनहित याचिकाओं, सामाजिक न्याय, चुनाव, बंदी प्रत्यक्षीकरण और अदालत की अवमानना से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

•    न्यायमूर्ति चेलमेश्वर की सेवानिवृति के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश बन चुके न्यायमूर्ति रंजन गोगोई श्रम कानूनों, अप्रत्यक्ष करों, पर्सनल लॉ और कंपनी कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई करने का अधिकार दिया गया है.

•    न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ को सेवा, सामाजिक न्याय, पर्सनल लॉ, भूमि अधिग्रहण, खदान एवं खनिज, उपभोक्ता संरक्षण और सशस्त्र एवं अर्धसैनिक बलों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है.

•    न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर पारिस्थितिकीय असंतुलन, वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, पेड़ों की कटाई और भूजल स्तर से जुड़े मामलों की भी सुनवाई करेंगे.

•    न्यायमूर्ति जोसेफ की पीठ को श्रम कानूनों, किराया कानून, पारिवारिक कानून, अदालत की अवमानना और पर्सनल लॉ के मामले दिए गए हैं. वह धार्मिक एवं परमार्थ दान के अलावा सभी भूमि कानूनों एवं कृषि काश्तकारियों के मामलों की भी सुनवाई करेंगे.

•    उच्चतम न्यायालय के पांच सदस्यीय कोलेजियम के नए सदस्य न्यायमूर्ति सीकरी की पीठ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों, चुनाव एवं आपराधिक मामलों, पर्सनल लॉ, अदालत की अवमानना, सामान्य दीवानी मामलों और विधि अधिकारियों की नियुक्ति के मामलों की सुनवाई करेगी.

पृष्ठभूमि

जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस गोगोई, तथा जस्टिस एम बी लोकुर और कुरियन जोसेफ ने 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट पर मामलों के आवंटन में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. इसके बाद एक फरवरी को पहली बार सुप्रीम कोर्ट का रोस्टर सार्वजनिक किया गया था. तब से सुप्रीम कोर्ट के रोस्टर को सार्वजनिक किया जा रहा है ताकि मामलों के आवंटन को लेकर किसी में मतभेद न रहे.

 

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