समुद्र में गंदगी के लिए गंगा सहित विश्व की 10 नदियां जिम्मेदार: रिपोर्ट

Jun 18, 2018 15:40 IST

हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि दुनियाभर के समंदरों में मिल रहे कचरे के लिए 10 नदियां सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं. इनमें चीन की यांग्त्जे नदी पहले नंबर पर है जो कि चीन की सबसे लंबी नदी है.

इनमें दूसरे पायदान पर भारत की गंगा नदी है. समंदरों में जो प्लास्टिक कचरा मिल रहा है, उसका करीब 90% इन 10 नदियों से ही आ रहा है. इन 10 नदियों में से 8 एशिया की हैं.

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

•    समुद्र तक प्लास्टिक कचरा ले जाने में गंगा दुनिया में दूसरे स्थान पर है, जबकि सिंधु छठे स्थान पर आती है.

•    शोधकर्ता डॉ. क्रिश्चियन स्कीमिट के अनुसार अधिकतर कचरा नदी के किनारों की वजह से होता है, जिसका निपटारा नहीं हो पाता है और वह बहता हुआ समंदरों में आ जाता है.

•    ये भी देखने में आया कि बड़ी नदियों के प्रति घन मीटर पानी में जितना कचरा रहता है, उतना छोटी नदियों में नहीं रहता है.

•    कुछ साल पहले सरकार ने गंगा की सफाई के लिए 'नमामि गंगे प्रोजेक्ट' शुरू किया था, लेकिन गंगा की सफाई नहीं हो सकी है.

•    एशिया की सबसे लंबी और दुनिया में इकोलॉजी के लिहाज से महत्वपूर्ण नदियों में से एक यांग्त्जे के आसपास चीन की एक तिहाई आबादी यानी 50 करोड़ से ज्यादा लोग बसते हैं. यही समंदर में सबसे ज्यादा कचरा ले जा रही है.

•    वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 80 लाख टन कचरा समंदरों में मिल रहा है. इसी को मद्देनजर रखते हुए चीन ने 46 शहरों में कचरे को काबू करने का निर्देश जारी किया है.

समुद्र में कचरे के लिए जिम्मेदार 10 नदियां:


1- यांग्त्जे, चीन

2- गंगा, भारत

3- येलो, चीन

4- पर्ल, चीन

5- एमर रूस, चीन

6- सिंधु, भारत

7- मिकांग, चीन

8- है ही, चीन

9- नील, अफ्रीका

10- नाइजर, अफ्रीका


यह भी पढ़ें: अंटार्कटिका की बर्फ तीन गुना तेजी से पिघल रही है: अध्ययन

 

Is this article important for exams ? Yes1 Person Agreed

Commented

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK