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टॉप कैबिनेट मंजूरी: 03 मई 2018

May 3, 2018 12:59 IST

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने संयुक्‍त सचिव स्‍तर के पदों के निर्माण, उन्‍मूलन तथा उन्‍नयन के साथ आईबीएम के पुर्नगठन को मंजूरी दी  

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 02 मई 2018 को संयुक्‍त सचिव स्‍तर तथा इससे ऊपर के पदों के निर्माण, उन्‍मूलन तथा उन्‍नयन के साथ भारतीय खान ब्‍यूरो (आईबीएम) के पुर्नगठन को मंजूरी दे दी. भारतीय खान ब्‍यूरो के वर्तमान 1477 पदों को बनाये रखा गया है.   

पुनर्गठन से आईबीएम को खान क्षेत्र में नियमों को बदलने तथा सुधार करने में सहायता मिलेगी. इससे आईबीएम, खनिज नियमन तथा विकास में सुधार के लिए आईटी तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की सेवाएं अपनाने में सक्षम होगा. इसके अलावा संगठन के कार्य संचालन में इन पदों से निर्णय प्रक्रिया में तेजी आयेगी तथा उत्‍तरदायित्‍व में वृद्धि होगी.

प्रस्‍ताव से खनिज क्षेत्र के तेजी से विकास में योगदान के लिए गंभीर उत्‍तरदायित्‍व वाले   तकनीकी कर्मियों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा. इस प्रकार पूरे क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में उल्‍लेखनीय वृद्धि होगी. आईबीएम के बेहतर प्रदर्शन से खनन क्षेत्र को लाभ मिलेगा.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने तम्बाकू नियंत्रण पर डब्ल्यूएचओ रूपरेखा समझौते के अंतर्गत प्रोटोकॉल स्वीकार करने की स्वीकृति दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 02 मई 2018 को तम्बाकू उत्पादों में अवैध व्यापार को समाप्त करने के लिए तम्बाकू नियंत्रण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के रूपरेखा समझौते के अंतर्गत प्रोटोकॉल को स्वीकार करने की स्वीकृती दी है.

यह ध्रूमपान और तम्बाकू चबाने या धुआं रहित तम्बाकू (एसएलटी) रूपों में तम्बाकू नियंत्रण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रूपरेखा समझौते की धारा 15 के अंतर्गत समझौता वार्ता (डब्ल्यूएचओ एफसीटीसी) और अंगीकार रूप में लागू होगा. भारत डब्लूयएचओ एफसीटीसी समझौतें में शामिल है.

प्रोटोकॉल में विभिन्न पक्षों के दायित्व निर्धारित किए गए हैं. इन उपायों में तम्बाकू उत्पाद बनाने के लिए लाइसेंस, तम्बाकू बनाने के लिए मशीनीरी, उत्पादन में शामिल पक्षों के लिए उचित उद्यम, ट्रैकिंग और ट्रैसिंग व्यवस्था, रिकॉर्ड कीपिंग और सुरक्षा शामिल हैं.

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नई दिल्‍ली के नजफगढ़ में 100 बिस्‍तरों के सामान्‍य अस्‍पताल निर्माण एवं परिचालन को मंजूरी दी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 02 मई 2018 को नई दिल्‍ली के नजफगढ़ के ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) में करीब 95 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 100 बिस्‍तरों के सामान्‍य अस्‍पताल निर्माण एवं परिचालन को मंजूरी दी.

इस परियोजना की परिक्‍लपना दो वर्ष पूर्व नजफगढ़ के आसपास के 73 गांवों की 13.65 लाख स्‍थानीय आबादी को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 100 बिस्‍तरों वाले अस्‍पताल की स्‍थापना की गई थी.

इस अस्‍पताल से स्‍थानीय आबादी खासकर महिलाओं और बच्‍चों जैसे वंचित तबकों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी. यह इस क्षेत्र में लोगों को शिशु एवं मातृत्‍व देखभाल सेवाएं, ट्रॉमा देखभाल सेवाएं एवं बुनियादी नैदानिक, थेराप्‍यूटिक, प्रिवेंटिव एवं क्‍यूरेटिव सेवाएं मुहैया कराएगा.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया और साउथ अफ्रीकन इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स के बीच आपसी मान्‍यता समझौते को मंजूरी दी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 02 मई 2018 को इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) और साउथ अफ्रीकन इंस्‍टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स (एसएआईसीए) के बीच आपसी मान्‍यता समझौते को मंजूरी दी है.

मौजूदा आईसीएआई योग्‍यता के साथ स्‍थानीय लेखांकन योग्‍यता में भारतीय लेखांकन पेशेवरों को मान्‍यता मुहैया कराएगा, जिससे दक्षिण अफ्रीकी बाजारों में उनके लिए पेशेवर अवसर बढ़ेंगे. दोनों देशों के बीच लेखा पेशेवरों की आवाजाही को रफ्तार देगा, जिससे दोनों देशों में लघु एवं मझोले उद्यमों को एक नई दिशा मिलेगी.

आईसीएआई भारतीय संसद द्वारा पारित कानून ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्‍ट 1949’ के तहत स्‍थापित एक वैधानिक संस्‍था है. इसकी स्‍थापना भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे को विनियमित करने के लिए की गई है.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आईपीईएसएस के नाम से पीईएसओ के तकनीकी कैडर के तहत ग्रुप सेवा के गठन एवं कैडर समीक्षा को मंजूरी दी

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 02 मई 2018 को इंडियन पेट्रोलियम एक्‍सप्‍लोसिव्‍स सेफ्टी सर्विस (आईपीईएसएस) के नाम से पेट्रोलियम एंड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पीईएसओ) के तकनीकी कैडर के तहत ग्रुप ‘ए’ सेवा के गठन एवं कैडर समीक्षा को मंजूरी दी है. इस पहल से संगठन की क्षमता एवं कुशलता में सुधार होगा. साथ ही इससे ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों के करियर में प्रगति भी बेहतर होगी.

पीईएसओ औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) के तहत एक सहायक कार्यालय है. यह संगठन विस्‍फोटक, संपिडि़त गैस एवं पेट्रोलियम जैसे विनियमित पदार्थों की सुरक्षा के लिए 1898 से ही एक नोडल एजेंसी के रूप में राष्‍ट्र की सेवा कर रहा है. समय के साथ-साथ पीईएसओ की भूमिका और दायित्‍व में कई गुना इजाफा हुआ और उसका विस्‍तार विविध क्षेत्रों तक हो चुका है.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने लखनऊ, चेन्नई एवं गुवाहाटी हवाई अड्डों के अवसंरचना के उन्नयन एवं विस्तार को मंजूरी दी

आर्थिक मामलों की समिति ने 02 मई 2018 को लखनऊ, चेन्नई एवं गुवाहाटी हवाई अड्डों पर समेकित टर्मिनलों के उन्नयन एवं विस्तार को क्रमश: 2467 करोड़ रुपये, 1383 करोड़ रुपये एवं 12432 करोड़ रुपये की लागत से अपनी मंजूरी दे दी.

तीनों परियोजनाओं की विशेषताएं:

लखनऊ हवाई अड्डा: नए समेकित टर्मिनल के निर्माण में 16292 वर्ग मीटर के साथ वर्तमान टर्मिनल भवन के साथ 88,000 वर्ग मीटर का एक क्षेत्र होगा. वार्षिक क्षमता 2.6 मिलियन अंतरराष्‍ट्रीय एवं 11 मिलियन घरेलू यात्री ट्रैफिक को संचालित करने की होगी.

चेन्नई हवाई अड्डा: 197000 वर्ग मीटर की माप के वर्तमान प्रस्‍ताव समेत, प्रस्‍तावित टर्मिनल भवन का कुल निर्मित क्षेत्र 35 एमपीपीए संचालित करने की वार्षिक क्षमता के साथ 336000 वर्ग मीटर होगा. नए टर्मिनल भवन में गृह-4 स्टार रेटिंग अर्जित करने के उद्देश्य से हरित भवन की विशेषताएं शामिल होंगी.

गुवाहाटी हवाई अड्डाः नए टर्मिनल भवन में 9 एमपीपीए की संयुक्त वार्षिक क्षमता को संचालित करने के लिए 102500 वर्ग मीटर का क्षेत्र होगा. यह ‘एक्ट ईस्ट’ नीति पर जोर के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा.

 

कैबिनेट ने किसानों की बकाया गन्ना रकम निपटाने हेतु चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने को मंजूरी दी

आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 02 मई 2018 को चीनी सीजन वर्ष 2017-18 में पेराई किये गये प्रति क्विटंल गन्ने पर 5.50 रुपये की वित्तीय सहायता चीनी मिलों को देने को अपनी मंजूरी दे दी है, ताकि गन्ने की लागत की भरपाई हो सके. इससे चीनी मिलों को किसानों की बकाया गन्ना रकम निपटाने में मदद मिलेगी.

इसके तहत सहायता उन मिलों को दी जाएगी जो सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करेंगी. इसका समायोजन विगत वर्षों से संबंधित बकाया रकमों सहित उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के सापेक्ष किसानों को देय गन्ना मूल्य में किया जाएगा.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के रूप में जारी रखने के लिए कार्यक्रम के पुनर्गठन को स्‍वीकृति दी

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 02 मई 2018 को बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) को प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के रूप में नामकरण करने और पुनर्गठन की मंजूरी दे दी है.

 पुनर्गठित कार्यक्रम अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को विशेष रूप से शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतर सामाजिक-आर्थिक संरचना सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा. इससे पिछड़ेपन के मामले में राष्‍ट्रीय औसत और अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के बीच खाई में कमी आएगी. अल्‍पसंख्‍यक सघनता वाले शहरों तथा गांवों के क्लस्‍टरों को चिन्हित करने के मानक को अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के जनसंख्‍या प्रतिशत मानक घटा कर विवेकसंगत बनाया गया है.

 

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि क्षेत्र में छतरी योजना हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’ को जारी रखने की स्‍वीकृति दी

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 02 मई 2018 को कृषि क्षेत्र में छतरी योजना ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’को 12वीं पंचवर्षीय योजना से आगे यानी वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक जारी रखने को अपनी स्‍वीकृति दे दी है. इसमें कुल केंद्रीय हिस्‍सा 33,269.976 करोड़ रूपये का है.

छतरी योजना में 11 योजनाएं/मिशन शामिल हैं. इन योजनाओं का उद्देश्‍य समग्र और वैज्ञानिक तरीके से उत्‍पादन और उत्‍पादकता बढ़ाकर तथा उत्‍पाद पर बेहतर लाभ सुनिश्‍चत करके किसानों की आय बढ़ाना है.

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री वय वंदन योजना में निवेश सीमा दोगुनी करने को मंजूरी

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