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जाने कौन हैं उद्धव ठाकरे जिन्होंने पेश किया सरकार बनाने का दावा?

उद्धव ठाकरे राज्य के शीर्ष राजनीतिक पद पर पहुंचने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य होंगे. यह निर्णय एक होटल में तीनों दलों की संयुक्त बैठक में लिया गया.

Nov 28, 2019 10:29 IST
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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 26 नवंबर 2019 को महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा पेश किया है. उद्धव ठाकरे 28 नवंबर को शाम 6:40 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं.

शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन ने 26 नवंबर 2019 को शाम को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद हेतु अपने उम्मीदवार के रूप में चुना. उद्धव ठाकरे राज्य के शीर्ष राजनीतिक पद पर पहुंचने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य होंगे. यह निर्णय एक होटल में तीनों दलों की संयुक्त बैठक में लिया गया.

शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को 166 विधायकों के समर्थन के पत्र सौंपे. महाराष्ट्र के राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को राज्य विधानसभा में बहुमत समर्थन दिखाने वाले पत्रों को प्रस्तुत करने के लिए 03 दिसंबर तक का समय दिया.

इसके अलावा, उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र विधानसभा के निर्वाचित सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें सीएम पद की शपथ लेने के छह महीने के भीतर चुनाव लड़ने और विधानसभा का सदस्य बनने की आवश्यकता होगी.

उद्धव ठाकरे के साथ, कांग्रेस के बालासाहेब थोराट और राकांपा के जितेंद्र अवध को भी महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने की संभावना है. 

उद्धव ठाकरे के बारे में

उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने के लिए ठाकरे परिवार के पहले सदस्य होंगे. उन्हें शपथ लेने के छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लड़ना होगा. 

शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे ने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा और वे कभी भी राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं रहे.

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दिवंगत बाल ठाकरे ने मराठी लोगों के अधिकारों के लड़ने के लिए साल 1966 में शिवसेना की स्थापना की थी.

उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने चुनाव लड़ने के लिए ठाकरे परिवार का पहला सदस्य बनकर इतिहास रचा था. आदित्य ठाकरे ने वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीता भी था.

महाराष्ट्र की राजनीति में यह पहली बार होगा जब शिवसेना अपने तीस साल (बीजेपी) के सहयोगी से अलग हो गई है और 30 साल की अपनी दुश्मन, कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया है.

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