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बजट 2019: जानें कैसे पेश होता है बजट

बजट में वित्त मंत्री 31 मार्च 2018 से 1 अप्रैल 2019 के बीच सरकारी आय-व्यय का ब्यौरा देंगे. बता दें की लोकसभा चुनाव की वजह से यह अंतरिम बजट होगा.

Feb 1, 2019 09:24 IST
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अंतरिम बजट (Budget 2019) की तैयारी पूरी हो चुकी है. बजट 01 फरवरी को पेश किया जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि पीयूष गोयल इस साल बजट पेश करेंगे.

फिलहाल, अरुण जेटली अमेरिका में अपना इलाज करवा रहे हैं. उनकी गैर मौजूदगी में पीयूष गोयल ही वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं. बजट इस साल सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा.

बजट में वित्त मंत्री 31 मार्च 2018 से 1 अप्रैल 2019 के बीच सरकारी आय-व्यय का ब्यौरा देंगे. बता दें की लोकसभा चुनाव की वजह से यह अंतरिम बजट होगा. नई सरकार पूर्ण कालिक बजट पेश करेगी. बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा.

प्रक्रिया क्या-क्या होती है?

वित्त मंत्रालय से 1 फरवरी को बजट के पेपर को लोकसभा लाया जाएगा. उसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी. बैठक में बजट से जुड़े फैसलों पर चर्चा होती है. कैबिनेट बैठक के बाद ही वित्त मंत्री लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करेंगे. बजट भाषण 2-3 घंटे का होता.

रेल बजट साधारण बजट के साथ:

पहले रेल बजट को अलग से पेश किया जाता था. लेकिन, अब रेल बजट भी साधारण बजट के साथ पेश किया जाता है.

नोट:

बता दें,  बजट से एक दिन पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है, लेकिन इस साल आर्थिक सर्वे पेश नहीं किया जाएगा.

आम चुनाव के बाद नई सरकार का गठन होगा और फिर नई सरकार आर्थिक सर्वेक्षण के साथ पूर्ण बजट पेश करेगी.

बजट का समय:

वर्ष 1924 से लेकर वर्ष 1999 तक बजट फरवरी के अंतिम कार्यकारी दिन शाम पांच बजे पेश किया जाता था. यह प्रथा सर बेसिल ब्लैकैट ने वर्ष 1924 में शुरु की थी इसके पीछे का कारण रात भर जागकर वित्तिय लेखा जोखा जोखा तैयार करने वाले अधिकारियों को अराम देना था. यशवंत सिन्हा ने वर्ष 2000 में पहली बार बजट सुबह 11 बजे पेश किया था.

सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकार्ड:

मोरारजी देसाई ने अब तक सर्वाधिक दस बार बजट पेश किया है छह बार वित्त मंत्री और चार बार उप प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होने ऐसा किया. अपने जन्मदिन पर भी बजट पेश करने वाले भी वह एकमात्र मंत्री है.

हलवा खाने की रस्म:

बजट छपने के लिए भेजे जाने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा खाने की रस्म निभाई जाती है. इस रस्म के बाद बजट पेश होने तक वित्त मंत्रालय के संबधित अधिकारी किसी के संपर्क में नहीं रहते परिवार से दूर उन्हें वित्त मंत्रालय में ही रुकना पड़ता है.

बजट को कौन तैयार करता है?

बजट, भारत के वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत आने वाले ‘बजट विभाग’ की देखरेख में तैयार होता है. यही विभाग प्रत्येक साल भारत का बजट तैयार करता है.

बजट क्या होता है?

बजट एक फ्रांसिसी शब्द से बना है. फ्रांस में Bougette शब्द का अर्थ चमड़े का एक छोटा थैला होता है. इसी से बजट शब्द बना है. इसका प्रयोग पहली बार वर्ष 1803 में फ्रांस में ही किया गया था. इंग्लैंड में वर्ष 1733 में इस शब्द का प्रयोग जादू के पिटारे के अर्थ में भी किया गया था.

बाद में इसका अर्थ बदल गया. बाद में उस छोटे से थैले के भीतर के सामानों के अर्थ में इसका उपयोग किया जाने लगा. बजट एक सरकारी डॉक्यूमेंट होता है जिसमें सरकार की कमाई और खर्च का ब्यौरा होता है.

ऐसे तैयार होता है बजट:

   सामान्य स्थिति में बजट निर्माण की प्रक्रिया सितंबर से शुरू हो जाती है. सभी मंत्रालयों, विभागों और स्वायत्त निकायों को सर्कुलर भेजा जाता है, जिसके जवाब में विवरण के साथ उन्हें आगामी वित्तीय वर्ष के अपने-अपने खर्च, विशेष परियोजनाओं का ब्यौरा और फंड की आवश्यता की जानकारी देनी होती है. यह बजट की रूपरेखा के लिए एक आवश्यक कदम हैं.

   वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवंबर में रायसीना हिल्स पर नॉर्थ ब्लॉक में हितधारकों जैसे उद्योग संघों, वाणित्य मंडलों, किसान समूहों और ट्रेड यूनियनों के साथ परामर्श शुरू करते हैं. सभी मिलकर टैक्स छूट और राजकोषीय प्रोत्साहनों पर बहस करते हैं.

   इस चरण में आगामी वर्ष की बड़ी संभावनाओं पर फोकस किया जाता है. हितधारकों के साथ आखिरी बैठक होती है, जिसमें खुद वित्त मंत्री अध्यक्षता करते हैं. योजनाओं में सत्तारूढ़ पार्टी के राजनीतिक झुकाव और उसके सहयोगी दलों की इच्छाओं के हिसाब से सुधार किया जाता है.

   वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, विशेषज्ञ, प्रिंटिंग टेक्निशियन और स्टेनोग्राफर्स नॉर्थ ब्लॉक में एक तरह से कैद में रहते हैं और आखिरी के सात दिनों में तो बाहरी दुनिया से एकदम कट जाते हैं. वे परिवार से भी बात नहीं कर सकते हैं. किसी आपातकालीन स्थिति में, इन अधिकारियों के परिवार उन्हें दिए गए नंबर पर संदेश छोड़ सकते हैं, लेकिन उनसे सीधे बात नहीं कर सकते.

   संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी बजट बनाने वाली टीम की गतिविधियों और फोन कॉल्स पर नजर रखते हैं. स्टेनोग्राफरों पर सबसे अधिक नजर रखी जाती है. साइबर चोरी की आशंका से बचने के लिए इन स्टेनो के कम्प्यूटर नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) सर्वर से अलग रहते हैं. जहां स्टेनोग्राफर और अन्य अधिकारी काम करते हैं और रहते हैं, वहां वित्त मंत्री के साथ ही इंटेलिजेस ब्यूरो चीफ अचानक दौरा कर सकते हैं.

   वित्त मंत्री का भाषण एक सबसे सुरक्षित दस्तावेज है. यह बजट की घोषणा होने के दो दिन पहले मध्यरात्रि में प्रिंटर्स को सौंपा जाता है. आम बजट फरवरी के अंतिम कार्य दिवस के दिन पेश किया जाता है. सरकार को इसके लिए राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होती है. संसद के दोनों सदनों में बजट रखने से पहले इसे यूनियन कैबिनेट के सामने रखना होता है. वित्त मंत्री लोकसभा में बजट सुबह 11 बजे पेश करते हैं.

बजट कितने प्रकार के होते हैं?

केंद्रीय बजट दो प्रकार का होता है. पहला - रेलवे बजट जो रेलवे फाइनेंस का ब्‍यौरा देता है. जबकि दूसरा जनरल बजट होता है, जो पूरे साल सरकार के आय और व्‍यय का लेखा जोखा बनाता है.

बजट क्यों पेश किया जाता है?

बता दें की बजट में केंद्र सरकार के 3 वर्ष के आय और व्यय का लेखा-जोखा होता है. वित्तमंत्री संसद में यह बताते हैं कि पिछले साल सरकार की आय और व्यय कितनी थी, वर्तमान वर्ष में कितनी है और अगले साल ‘आय और व्यय’ कितनी होने की उम्मीद है.  

बजट के माध्यम से सरकार पूरे देश को यह बताती है कि वह जनता की कमाई का एक-एक पैसा योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल कर रही है.  बजट के माध्यम से ही देश की आर्थिक स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शाया जाता है.

 

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