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Union Budget 2020: 01 फरवरी को पेश होगा आम बजट

पहली बार साल 2017-18 का बजट 01 फरवरी को पेश किया गया था. इससे पहले फरवरी के आखिरी सप्ताह में बजट पेश किया जाता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट के संबंध में लोगों से सुझाव मांगे हैं. 

Jan 31, 2020 11:30 IST
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Union Budget 2020: केंद्रीय बजट 2020-21 को 01 फरवरी को पेश किया जाएगा. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और 03 अप्रैल तक दो चरणों में होगा. रिपोर्टों के अनुसार, संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की सिफारिशों पर संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जायेगा.

केंद्रीय बजट 2020-21 का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक और दूसरा चरण 02 मार्च से 03 अप्रैल तक चलेगा. पहली बार साल 2017-18 का बजट 01 फरवरी को पेश किया गया था. इससे पहले फरवरी के आखिरी सप्ताह में बजट पेश किया जाता था.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट 01 फरवरी 2020 को पेश होगा. इस बजट सेशन की तैयारी जोरों से शुरू हो चुकी है. संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने 08 जनवरी 2020 को इस बात की घोषणा कर दी है. इस बजट से सभी को बहुत उम्मीदें हैं.

प्रधानमंत्री ने बजट पर सुझाव मांगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट के संबंध में लोगों से सुझाव मांगे हैं. मोदी ने ट्वीट किया कि केंद्रीय बजट देश के 130 करोड़ लोगों की उम्मीदों से जुड़ा है. बजट देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करता है. उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को विचार और सुझाव साझा करने हेतु आमंत्रित करता हूं.

निर्मला सीतारमण का दूसरा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 01 फरवरी 2020 को अपना दूसरा बजट पेश करेंगी. उन्हें देश की आर्थिक वृद्धि को पटरी पर लाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा. ऐसी उम्‍मीद है कि आर्थिक मंदी का सामना कर रही अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार हेतु बजट में कुछ बड़े उपायों की घोषणा की जा सकती है. चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है जो छह साल के निचले स्तर पर है.

मोदी सरकार ने खत्म की थीं 92 साल पुरानी प्रथा

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में तत्‍कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 92 साल पुरानी प्रथा को पूरी तरह से खत्म कर दिया था. वित्त मंत्री साल 2017 से रेलवे बजट की घोषणाएं भी आम बजट में ही करने लगे. रेल मंत्री इससे पहले आम बजट से एक दिन पहले रेलवे बजट संसद में पेश करते थे. अलग रेलवे बजट की प्रथा साल 1924 में ब्रिटिश शासन में शुरू की गई थी. सरकार के राजस्व का एक बड़ा हिस्सा और जीडीपी रेलवे द्वारा अर्जित राजस्व पर निर्भर रहता था.

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जीडीपी पांच फीसदी

केंद्र सरकार ने वित्‍त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर घटकर 5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. यह अनुमान सरकारी आंकड़ों में लगाया गया है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने हाल ही में राष्ट्रीय आय का पहला अग्रिम अनुमान जारी किया. चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर पांच फीसदी रहती है तो यह एक दशक में सबसे कम वृद्धि दर होगी. यह अनुमान 2009 के बाद का अभी तक का सबसे निचला स्तर है.

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