स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ रोज़गार के लिए तैयार करने हेतु ‘SHREYAS’ पोर्टल लॉन्च

Feb 28, 2019 09:49 IST

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 27 फरवरी 2019 को युवाओं में कौशल विकास के जरिये उन्हें काबिल बनाने के लिए ‘श्रेयस’ (स्कीम फॉर हायर एजुकेशन यूथ फॉर अप्रेंटिसशिप एंड स्किल) पोर्टल लॉन्च किया है. इस पोर्टल की सहायता से स्नातक की डिग्री पाने वाले छात्रों को उद्योग जगत में प्रशिक्षण का कोर्स कर उन्हें कौशल युक्त बनाया जायेगा ताकि वे रोजगार के योग्य हो सकें.

 

श्रेयस (SHREYAS) के उद्देश्य

SHREYAS योजना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:

  • उच्च शिक्षा प्रणाली की सीखने की प्रक्रिया में रोजगार प्रासंगिकता की शुरुआत करके छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार करना.
  • स्थायी आधार पर शिक्षा और उद्योग / सेवा क्षेत्रों के बीच घनिष्ठ कार्यात्मक संबंध बनाना.
  • मौजूदा समय की मांग के अनुसार छात्रों को कौशल प्रदान करना.
  • उच्च शिक्षा कार्यक्रमों में पढ़ाई के साथ-साथ कमाई की व्यवस्था को स्थापित करना.
  • इंडस्ट्री को बेहतर कार्य शक्ति प्रदान करने के लिए कुशल कार्यकर्ताओं को तैयार करना.
  • सरकार के प्रयासों को सुविधाजनक बनाने के साथ छात्र समुदाय को रोजगार से जोड़ना.

 


श्रेयस (SHREYAS) की विशेषताएं

•    इसमें देश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेज, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों को रजिस्ट्रेशन करना होगा.

•    उनकी प्रोफाइल के आधार पर आगे छह, नौ या एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी.

•    मानव संसाधन विकास मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय और श्रम और रोजगार मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में यह पोर्टल काम करेगा.

•    वर्ष 2019 में लगभग तीन लाख छात्रों को इसके माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी.

•    यूजीसी, एआईसीटीई राज्यों समेत शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर इसमें जुड़ने को कहा जायेगा. इंडस्ट्री को केंद्र सरकार की ओर से पैसे का भुगतान किया जाएगा.

•    प्रोग्राम के माध्यम से इंडस्ट्री छात्रों को स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग आदि का पूरा प्रशिक्षण देगी, ताकि डिग्री पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें रोजगार मिल सके.

•    इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सामान्य पढ़ाई के साथ रोज़गार से जोड़ने के लिए तैयार करना है.

योजना का संचालन


प्राथमिक योजना का संचालन National Apprenticeship Promotion Scheme (एनएपीएस) के साथ किया जाएगा, जो प्रत्येक व्यवसाय/उद्योग में कुल कार्यबल के 10% तक प्रशिक्षुओं को रखने का प्रावधान करता है. यह योजना शुरू में बैंकिंग कौशल बीमा सेवा (बीएफएसआई), खुदरा, स्वास्थ्य देखभाल, दूरसंचार, लॉजिस्टिक्स, मीडिया, प्रबंधन सेवाओं, आईटीईएस और सेक्टर कौशल परिषदों (एसएससी) द्वारा कार्यान्वित की जाएगी. एप्रेंटिसशिप की बढ़ती मांग और पाठ्यक्रमों में बदलाव के साथ समय-समय पर अधिक क्षेत्रों को इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा.

 

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