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बीडीएल ने नौसेना को वरुणास्त्र टारपीडो की आपूर्ति हेतु समझौता किया

वरुणास्त्र एक भारतीय उन्नत दिग्गज पनडुब्बी रोधी टारपीडो है. इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला द्वारा किया गया है. डीआरडीओ की तारपीडो में 'वरुणास्त्र' सबसे ताकतवर है.

Jun 14, 2019 17:19 IST

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने भारतीय नौसेना को ज्यादा शक्तिशाली वरुणास्त्र टारपीडो की आपूर्ति के लिए 1,187.82 करोड़ रुपये के ठेके पर हस्ताक्षर किए. कंपनी हथियारों की आपूर्ति 42 महीने में पूरी करेगी.

अधिक शक्तिशाली टारपीडो या वरुणास्त्र टारपीडो में लक्ष्य को खुद ढूंढ़ने की डिजिटल प्रणाली लगी है. बीडीएल के निदेशक (तकनीकी) एन पी दिवाकर और रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और क्रय प्रबंधक (मेरीटाइम एवं सिस्टम्स) निधि छिब्बर ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. ये हथियार डीआरडीओ के सहयोग से बीडीएल की विशाखापत्तनम फैक्ट्री में बनाए जाएंगे.

वरुणास्त्र के बारे में:

•   वरुणास्त्र एक भारतीय उन्नत दिग्गज पनडुब्बी रोधी टारपीडो है. इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला द्वारा किया गया है. डीआरडीओ की तारपीडो में 'वरुणास्त्र' सबसे ताकतवर है.

•   वरुणास्त्र टारपीडो समुद्र में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मार करने में सफल रहा है. पनडुब्बियों के अलावा इसको कई जंगी पोतों में भी फिट किया जा सकता है. यह दूसरे जंगी पोतों को नष्ट कर सकता है.

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•   वरुणास्त्र को बनाने में डीआरडीओ की मदद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी ने भी की है. यह हथियार युद्ध के दौरान पैदा होने वाली कई स्थितियों के अनुकूल है.

•   वरुणास्त्र टारपीडो का जहाज लॉन्च संस्करण औपचारिक रूप से 26 जून 2016 को माननीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था.

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल):

भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है. इसका मुख्यालय हैदराबाद में है. यहाँ भारत का गोलाबारूद एवं प्रक्षेपात्र (मिसाइल) बनता है. इसकी स्थापना साल 1970 में हुई थी.

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