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ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट में विजय माल्या की अर्जी खारिज, 28 दिन में भेजा जा सकता है भारत

विजय माल्या ने कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक राहत पैकेज के घोषणा पर केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए.

May 15, 2020 11:16 IST
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ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने 14 मई 2020 को भारतीय व्यापारी विजय माल्या की प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया है. भारत ने विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया हुआ है. ये याचिका ख़ारिज होने के बाद विजय माल्या के पास ब्रिटेन में लगभग सभी तरह के क़ानूनी विकल्प ख़त्म हो चुके हैं.

विजय माल्या को 14 मई 2020 को उस समय बड़ा झटका लगा जब ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की अनुमति मांगने का उसका आवेदन अस्वीकृत हो गया. अब विजय माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया 28 दिन के अंदर पूरी करनी होगी. ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल को इस पर अंतिम फ़ैसला लेना है.

विजय माल्या ने की मोदी सरकार की तारीफ

विजय माल्या ने कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक राहत पैकेज के घोषणा पर केंद्र सरकार को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकार को उससे सारा पैसा वापस ले लेना चाहिए.

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने भी माल्या की याचिका ख़ारिज की

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने भी विजय माल्या की याचिका ख़ारिज कर दी थी. विजय माल्या ने भारत में प्रत्यर्पित करने के आदेश के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद उनके पास सभी क़ानूनी विकल्प ख़त्म हो चुके हैं.

भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के अनुसार

भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के अनुसार, अब ब्रिटेन के गृह मंत्री प्रीति पटेल को आने वाले 28 दिनों के अंदर विजय माल्या को भारत प्रत्यर्पित किए जाने के कोर्ट ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने होंगे. हालांकि, विजय माल्या अभी भी यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपनी अर्ज़ी दे सकते हैं क्योंकि तकनीकी रूप से ब्रिटेन अभी भी यूरोपीय संघ में शामिल है.

विजय माल्या पर आरोप क्या हैं?

विजय माल्या मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे. उन पर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी किंगफ़िशर एयरलाइन कंपनी के लिए बैंकों से क़र्ज़ लिया और उसे बिना चुकाए वो विदेश चले गए. विजय माल्या मनी लॉन्ड्रिंग और लोन की रकम दूसरे कामों में खर्च करने के अलावा 9,000 करोड़ रूपये का लोन वापस न करने के मामले का सामना कर रहे है. किंगफिशर एयरलाइन्स पर लगभग 9000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. यह कर्ज एसबीआई की अगुवाई वाले 17 बैंकों के समूह ने दिया था. मार्च 2016 में विजय माल्या भारत छोड़ कर लंदन चले गये थे.

विजय माल्या पर एसबीआई और अन्य बैंकों से किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लोन लेकर उसे न चुकाने, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं. मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने सितंबर 2018 में माल्या के प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी थी जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख़ किया था. हाई कोर्ट ने पिछले महीने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. स्कॉटलैंड यार्ड ने अप्रैल 2017 में उनके ख़िलाफ़ प्रत्यर्पण वॉरंट जारी किया था जिसके बाद वो ज़मानत पर हैं. उन्होंने ज़मानत के लिए साढ़े छह लाख पाउंड का बॉन्ड भरा था.

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018

भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के मुताबिक, 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक के आर्थिक अपराध में शामिल व्यक्ति अगर देश छोड़कर चला जाता है तथा लौटन से इनकार करता है तो उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सकता है.

विजय माल्‍या के बारे में:

विजय माल्‍या का जन्‍म 18 दिसंबर 1955 को कर्नाटक में मंगलौर के बंटवाल शहर में हुआ था. उनकी प्रारम्‍भिक शिक्षा कोलकाता के लॉ मास्‍टीने स्‍कूल से हुई.  उन्होंने सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. विजय माल्या पहली बार वर्ष 2002 में कर्नाटक से निर्दलीय सांसद के तौर पर चुनाव जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे.

विजय माल्‍या ने किंगफिशर एयरलाइंस की स्थापना वर्ष 2005 में की थी. किंगफिशर एयरलाइंस को फरवरी 2013 में बंद कर दिया गया था. विजय माल्‍या को दुनिया भर के अमीर लोगों में ‘किंग ऑफ गुड टाइम’ के नाम से जाने जाते है. विजय माल्‍या वर्ल्‍ड इकॉनॉमिक्‍स फोरम द्वारा अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर का 'कल का नेता' अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.

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