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अर्थव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर राजस्व में राज्यों का हिस्सा

Apr 18, 2018
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 में हर पांच वर्षों में एक वित्त आयोग की स्थापना की बात कही गयी है. राष्ट्रपति ने 14वें वित्त आयोग का गठन भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर श्री वाई. वी. रेड्डी की अध्यक्षता में किया है. इस वित्त आयोग की कार्यकाल अवधि 1 अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2020 तक है. 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय कर राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी में 10% की बढ़ोत्तरी की सिफारिश की है. अब राज्यों को केंद्र के कर राजस्व का 42% हिस्सा बांटा जायेगा.

नया निजी बैंक खोलने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना होता है?

Apr 9, 2018
रिज़र्व बैंक ने नए बैंकों को खोलने के लिए फरवरी 22, 2013; को दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इन दिशा निर्देशों में एक प्रावधान यह भी है कि नए बैंक के लिए पेड-अप वोटिंग इक्विटी पूंजी कम से कम 5 अरब रुपये होनी चाहिए, इसका मतलब है कि बैंक के पास 5 अरब रुपये की पूँजी हर समय मौजूद होनी चाहिए.

जनगणना 2011 के अनुसार भारतीय राज्यों में बाल लिंगानुपात कितना है?

Apr 3, 2018
शून्य से 6 वर्ष के बीच की उम्र में प्रति एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या को बाल लिंगानुपात कहा जाता है. वर्ष 2001 की जनगणना में भारत बाल लिंगानुपात 927 था जो कि 2011 की जनगणना में घटकर 919 हो गया है. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में सबसे अधिक बाल लिंगानुपात (972) है जबकि हरियाणा में सबसे कम अर्थात 834 प्रति हजार है.

कंपनी अधिनियम, 2013 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

Mar 27, 2018
कंपनी अधिनियम, 2013; भारत में कॉरपोरेट गवर्नेंस और निगरानी प्रक्रियाओं को विश्व में प्रचलित अच्छे मापदंडों के अनुसार बनाना चाहता है. कंपनी अधिनियम, 2013 को 30 अगस्त को भारत में लागू किया गया था. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनी अधिनियम, 2013 के 470 वर्गों में से 326 अनुभागों (sections) को अधिसूचित (notify) कर दिया है, जबकि बाकी 144 अनुभागों को अभी अधिसूचित किया जाना बाकी है.

भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में 20 जरूरी तथ्य

Mar 21, 2018
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी (7.4%) से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगी. भारतीय अर्थव्यवस्था में तीन प्रमुख क्षेत्रों का योगदान सबसे अधिक है. भारतीय अर्थव्यवस्था में 53.7% योगदान सेवा क्षेत्र का है, इसके बाद 31.2% योगदान के साथ उद्योग क्षेत्र और तीसरा सबसे अहम् क्षेत्र कृषि है जो कि 15.2% का योगदान देता है.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां क्या होतीं है और इनकी रेटिंग का क्या मतलब होता है?

Mar 16, 2018
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां विभिन्न कंपनियों के अनेक प्रकार के वित्तीय उत्पादों जैसे बांड, सावधि जमा खाता और कुछ अन्य छोटी अवधि के ऋण दस्तावेजों का आकलन करके उसमे शामिल रिस्क और लाभ के आधार पर उनको रेटिंग देतीं हैं. वर्तमान में भारत में 4 मुख्य ररूप से 4 क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां काम कर रही हैं. इसके नाम हैं; क्रिसिल (CRISIL), इक्रा (ICRA), केअर (CARE) और डीसीआर इंडिया (DCR India).

भारत में राज्यवार अक्षय ऊर्जा उत्पादन की स्थिति क्या है?

Mar 15, 2018
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत की कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता 896602 मेगावाट है. राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन और देश में कुल अक्षय ऊर्जा उत्पादन का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसके बाद 118208 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ जम्मू और कश्मीर दूसरे और 74500 मेगावाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करके महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है.

पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में क्या अंतर होता है?

Mar 13, 2018
भारत में पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक दोनों ही बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के अधीन कार्य करते हैं लेकिन फिर भी कमर्शियल बैंकों के काम का दायरा पेमेंट बैंकों की तुलना में ज्यादा बड़ा है. पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कमर्शियल बैंक; लोगों से कितनी भी राशि को जमा के रूप में स्वीकार कर सकते हैं लेकिन पेमेंट बैंक एक ग्राहक से अधिकतम 1 लाख रुपए तक का जमा स्वीकार कर सकते हैं.

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP): विस्तृत जानकारी

Mar 6, 2018
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO),"सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय" के अंतर्गत एक विभाग है जो कि 1950 से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) से सम्बंधित आंकड़े एकत्र और प्रकाशित करता है. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन देश के आठ प्रमुख क्षेत्रों के आंकड़ों की गणना करता है. मई 2017 से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का आधार वर्ष 2011-12 है.

भारत के सकल घरेलू उत्पाद में किस सेक्टर का कितना योगदान है?

Mar 5, 2018
भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है. वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का 53.66% योगदान है. दूसरे स्थान पर औद्योगिक क्षेत्र का योगदान है जो कि जीडीपी में लगभग 31% योगदान देता है. तीसरे स्थान पर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली कृषि का नंबर आता है जो कि भारतीय जीडीपी का करीब 17% हिस्सा प्रदान करती है लेकिन भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 53% हिस्सा कृषि कार्यों में लगा हुआ है.

महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न कंपनियों का चुनाव कैसे किया जाता है?

Feb 26, 2018
केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देने के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किया है. यह लेख इस बात पर प्रकाश डाल रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा किस आधार पर दिया जाता है. ज्ञातव्य है कि वर्तमान में भारत में 8 महारत्न, 16 नवरत्न और 74 मिनीरत्न कंपनियां हैं.

सिबिल स्कोर क्या है और यह आपके लोन लेने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है|

Feb 26, 2018
ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड भारत की पहली क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी है जिसे सामान्य रूप से क्रेडिट ब्यूरो भी कहा जाता है| यह कम्पनी लोगों के व्यक्तिगत लोन, वाहन लोन और क्रेडिट कार्ड इत्यादि के आधार पर लोगों का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बनाती है जिसके आधार पर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं यह पता लगा लेतीं है कि अमुख व्यक्ति लोन देने के लायक है कि नही |

जाने बारकोड क्या होता है और यह क्या बताता है?

Feb 21, 2018
बारकोड (barcode) किसी उत्पाद के बारे में आंकड़े या सूचना को लिखने का एक तरीका है। यह बारकोड किसी उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी जैसे उसका मूल्य, उसकी मात्रा, किस देश में बना, किस कंपनी ने बनाया आदि दिया गया होता है| बारकोड को प्रकाशीय पाठकों (optical scanners) की सहायता से पढ़ा जा सकता है जिन्हें बारकोड पाठक (barcode readers) भी कहते हैं।

सर्विस टैक्स और सर्विस चार्ज के बीच क्या अंतर है?

Feb 21, 2018
"सर्विस चार्ज" होटल और रेस्टोरेंट द्वारा ग्राहक को सेवा देने के लिए लिया जाने वाला चार्ज है | यह एक कर नहीं है और सरकार द्वारा नहीं लगाया जाता है, बल्कि विशुद्ध रूप से रेस्तरां द्वारा लगाया जाता है| जबकि ‘सेवा कर’ भारत सरकार द्वारा लगाया जाता है और इसे हर नागरिक को देना ही पड़ता है | वर्तमान में भारत के सकल घरेलु उत्पाद (GDP) का लगभग 60% सेवा कर से आता है |

यदि आपका बैंक दिवालिया हो जाता है तो आपके जमा पैसे पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Feb 20, 2018
सरकार ने अगस्त, 2017 में FRDI (Financial Resolution and Deposit Insurance) बिल- 2017 लोकसभा में रखा था. वर्तमान में यह बिल संसद की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है. इस बिल में वित्तीय सेवा प्रदाताओं के दिवालियापन से निपटने की बात की गई है. इस बिल में यह प्रावधान है कि बैंक; लोगों के जमा धन को वित्तीय संकट के समय देने से मना कर सकते हैं.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग किन्हें कहा जाता है?

Feb 9, 2018
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम,2006 के बाद लघु उद्योग को अब अधिक व्यापक रूप में छोटे, लघु और मझोले क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. फरवरी 2018 में इसमें परिवर्तन किया गया है. इस परिवर्तन के बाद अब “प्लांट और मशीनरी में निवेश” की जगह “टर्न ओवर” के आधार पर MSMEs वर्गीकरण किया जायेगा.

भारत द्वारा आयातित शीर्ष 7 उत्पादों की सूची

Feb 7, 2018
ज्ञातव्य है कि भारत अपनी आवश्यकता का केवल 20% कच्चे तेल का उत्पादन करता है और बकाया का विदेश से आयात करना पड़ता है. भारत के कुल आयात में कच्चे तेल और सम्बंधित उत्पादों का योगदान लगभग 22% है. इसके बाद दूसरे नंबर पर पूंजीगत सामान (मशीनरी, धातु, परिवहन उपकरण) का नम्बर आता है जो कि कुल आयात का 19.2% है. इस लेख में भारत की ओर से आयात किये जाने वाले 7 सबसे बड़े आयातित उत्पादों के बारे में बताया जा रहा है.

थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बीच क्या अंतर होता है?

Feb 7, 2018
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) देश में मुद्रास्फीति की गणना के लिए दो व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले सूचकांक हैं. भारत में मुद्रास्फीति की गणना करने के लिए थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग करता है, जबकि अधिकांश देशों में मुद्रास्फीति नापने के लिए CPI का इस्तेमाल किया जाता है. इस लेख में WPI और CPI के बीच अंतर बताये गये हैं.

गांधीवादी अर्थशास्त्र की क्या विशेषताएं हैं?

Feb 6, 2018
गांधीवादी अर्थशास्त्र एक ऐसी आर्थिक व्यवस्था की संकल्पना पर आधारित है जिसमें “वर्ग” का कोई स्थान नही है. गाँधी का अर्थशास्त्र एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने की बात करता है जिसमें एक व्यक्ति किसी दूसरे का शोषण नही करता है. अर्थात गांधीवादी अर्थशास्त्र सामाजिक न्याय और समता के सिद्धांत पर आधारित है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017-18: मुख्य तथ्यों पर नजर

Feb 3, 2018
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 29 जनवरी 2018 को संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण, देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित आंकड़ों को बताता है. इस सर्वेक्षण के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जा सकता है. आर्थिक सर्वेक्षण-2018 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आर्थिक विकास की दर 7% और 7.5% के बीच रहेगी .

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