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अर्थव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल उत्तर प्रदेश के स्मार्ट शहरों की सूची

Feb 18, 2019
स्मार्ट सिटीज मिशन (SCM) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक शहरी विकास कार्यक्रम है. इसे 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य देश के 100 शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और नागरिकों को एक स्वच्छ और स्थायी वातावरण प्रदान करना है.

शून्य आधारित बजट क्या होता है?

Feb 18, 2019
शून्य आधारित बजट में गत वर्षों के व्यय सम्बन्धी आंकड़ों को कोई महत्व नहीं दिया जाता है. इस प्रणाली में कार्य इस आधार पर शुरू किया जाता है कि अगली अवधि के लिए बजट शून्य है जब तक कि प्रत्येक रुपये की मांग का किसी भी कार्य अथवा परियोजना या क्रिया का औचित्य नहीं दिया जाता है. इस शब्द को “पीटर पायर” ने दिया था. सबसे पहले इस बजट को 1970 के दशक में अमेरिका में शुरू किया गया था.

भारत के 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब और क्यों हुआ था?

Feb 6, 2019
इंदिरा गाँधी सरकार ने 19 जुलाई, 1969 को एक आर्डिनेंस जारी करके देश के 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. जिस आर्डिनेंस के ज़रिये ऐसा किया गया वह ‘बैंकिंग कम्पनीज आर्डिनेंस’ कहलाया था. इस राष्ट्रीयकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंकों को केवल कुछ अमीरों के चंगुल से बाहर निकालना था ताकि आम आदमी को भी बैंकिंग क्षेत्र से जोड़ा जाए.

अंतरिम बजट 2019-20 की खास बातें

Feb 1, 2019
देश का 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है. चूंकि अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बजट के लोक लुभावन होने की पहले से ही उम्मीद थी. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में.

भारत में बजट बनाने में किस तरह की गोपनीयता बरती जाती है?

Jan 31, 2019
भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए| भारत में बजट बनाने के लिए लगभग 100 कर्मचारियों को 7 दिन तक अपने परिवार से दूर, बिना फ़ोन, इन्टरनेट के ख़ुफ़िया विभाग की नजर में एक कमरे में बंद रहना पड़ता है |

भारत के किन राज्यों में सीनियर सिटीजन को सबसे अधिक वृद्धावस्था पेंशन मिलती है?

Jan 2, 2019
जनगणना 2011 के अनुसार भारत में करीब 104 मिलियन सीनियर सिटीजन्स (60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के) हैं. इन सभी को वृद्धावस्था पेंशन मिलती नहीं मिलती है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश में 3.5 करोड़ लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. देश में केरल, दिल्ली, पुदुचेरी और अंदमान के सीनियर सिटीजन्स को हर माह 2000 रुपये मिलते हैं.

सब्सिडी किसे कहते हैं और यह कितने प्रकार की होती है?

Dec 19, 2018
सब्सिडी एक प्रकार की वित्तीय मदद है जो कि सरकार द्वारा किसानों, उद्योगों, उपभोक्ताओं (मुख्यतः गरीबों) को उपलब्ध करायी जाती है जिसके कारण वांछित लोगों के लिए जरूरी चीजों के दाम नीचे आ जाते हैं l वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कुल सब्सिडी बिल 2,32,704.68 करोड़ रुपये था जो कि 2017-18 में 2,40,338.6 करोड़ रुपये होने का अनुमान हैl

जानें नेपाल ने भारत की करेंसी क्यों बैन की?

Dec 17, 2018
नेपाल ने 14 दिसम्बर 2018 को भारत के 100 रूपए से ऊपर के सभी नोटों को अपने देश में बैन कर दिया है. अर्थात नेपाल जाने वाले भारतीय लोगों (व्यापारी, पर्यटक और आम जन) को नेपाल जाने के लिए 200 रूपए से कम वैल्यू के नोट लेकर ही जाना चाहिए. इस लेख में हम यह विश्लेषण कर रहे हैं कि नेपाल ने यह निर्णय क्यों लिया और इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

जानिये किसानों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन समिति की क्या सिफारिशें थीं?

Dec 5, 2018
अशोक दलवाई समिति की रिपोर्ट के मुताबिक अभी भारत के किसान की औसत आय 77,976 रुपये प्रतिवर्ष है. भारत सरकार ने इसे 2022 तक दुगुना करने का लक्ष्य रखा है. भारत में वर्ष 1995 से 2004 के बीच कुल मिलाकर 1,56,541 किसानों ने आत्महत्या की है. इसका मतलब है कि इस दशक में हर साल लगभग 15,654 किसानों ने आत्महत्या की है. स्वामीनाथन समिति ने किसानों की दशा सुधारने के लिए कई सिफरिसें सरकार को वर्ष 2006 में सौंप दी थी.

कार्बन ट्रेडिंग किसे कहते हैं और इसका व्यापार कैसे किया जाता है?

Nov 28, 2018
कार्बन क्रेडिट अंतर्राष्ट्रीय उद्योग में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण की योजना है. कार्बन क्रेडिट सही मायने में किसी देश द्वारा किये गये कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने का प्रयास है जिसे प्रोत्साहित करने के लिए मुद्रा से जोड़ दिया गया है. अर्थात कार्बन ट्रेडिंग से सीधा मतलब है कार्बन डाइऑक्साइड का व्यापार.

मेथनॉल अर्थव्यवस्था क्या है और इससे भारत को क्या फायदे होंगे?

Nov 19, 2018
वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य ड्राईवर डीजल और पेट्रोल हैं अर्थात भारत की अधिकतम ऊर्जा जरूरतें डीजल और पेट्रोल के प्रयोग से पूरी होतीं हैं लेकिन अब इस ट्रेंड को बदलने की दिशा में काम हो रहा है. मेथनॉल अर्थव्यवस्था का शब्दिक अर्थ ऐसी अर्थव्यवस्था से है जो कि डीजल और पेट्रोल पर आधारित होने के बजाय मेथनॉल के बढ़ते प्रयोग पर आधारित हो.

विश्व इतिहास में सबसे बड़ी महामंदी कब, कहाँ और क्यों आई थी?

Nov 16, 2018
वर्ष 1929 में शुरू हुई महामंदी के आने से पहले विश्व के उद्योगपतियों की धारणा यह थी कि “पूर्ती अपनी मांग स्वयं पैदा कर लेती है”. इसी विचारधारा के कारण उद्योगपतियों ने उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया उसकी बिक्री पर नहीं. एक समय ऐसा आ गया कि बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की पूर्ती ज्यादा हो गयी और मांग कम. इसी कारण पूरा विश्व महामंदी की चपेट में आ गया था.

इनलैंड वॉटरवे टर्मिनल क्या है और इससे भारत को क्या फायदे होंगे?

Nov 15, 2018
वाराणसी-हल्दिया नैशनल वॉटर-वे 1 देश का पहला इनलैंड वॉटरवे (नदी मार्ग) टर्मिनल है. इस टर्मिनल के माध्यम से 1620 किलोमीटर लंबे वॉटरवे से गंगा के जरिए वाराणसी से कोलकाता के हल्दिया के बीच माल ढुलाई आसान होगी. अर्थात इस जल मार्ग के माध्यम से अब मालवाहक जहाजों की मदद से सामान को लाने और ले जाने में आसानी होगी.

जानिये भारत सरकार की सालाना आमदनी और खर्च कितना है?

Nov 13, 2018
भारत सरकार देश के विकास के लिए लोगों से कर लेती है वहीँ दूसरी तरफ लोगों के कल्याण में वृद्धि करने के लिए इस धन को सार्वजानिक व्यय के माध्यम से खर्च भी करती है. बजट अनुमान (2018-19) के आंकड़े बताते हैं कि सरकार के कुल खर्च का 23.58% सिर्फ ब्याज भुगतान के लिए आवंटित किय गया है. वर्तमान में सरकार की आय का प्रमुख स्रोत “वस्तु एवं सेवा कर” (33 % योगदान) है इसके बाद कारपोरेशन टैक्स (27%) और आय कर की हिस्सेदारी 23% है.

ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग क्या होती है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

Nov 1, 2018
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का अर्थ है कि देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है. अर्थात किसी देश में कारोबार शुरू करने और उसे चलाने के लिए माहौल कितना अनुकूल है. विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग (या व्यापार की सुगमता सूची) 2018-19 की लिस्ट में भारत 77वीं रैंक पर आ गया है. वर्ष 2018 में भारत की रैंकिंग में 23 स्थानों का सुधार हुआ है. वर्ष 2017-18 की लिस्ट में भारत की 100वीं रैंक थी.

भारत में आय असमानता के बारे में 14 रोचक तथ्य

Oct 24, 2018
वर्ष 2017 में दुनिया भर में 2,043 अरबपति, जबकि भारत में 101 अरबपति थे. भारत का 73% धन सिर्फ सबसे अमीर 1% व्यक्तियों के पास है. भारत की धनाढ्यता का दूसरा पक्ष यह है कि यहाँ पर 70 मिलियन लोग अत्यन्त गरीबी में जीवन-यापन करते हैं. हालाँकि दुनिया में सबसे अधिक गरीब लोग नाइजीरिया में (87 मिलियन) रहते हैं. विश्व स्तर पर अत्यन्त गरीब उन लोगों को माना जाता है जो कि एक दिन में 1.90 डॉलर से कम कमाते हैं.

रुपये के कमजोर होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को होने वाले फायदे और नुकसान

Oct 12, 2018
1 जनवरी 2018 को एक डॉलर का मूल्य 63.88 था. इसका मतलब है कि जनवरी 2018 से अक्टूबर 2018 तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये में लगभग 15% की गिरावट आ गयी है. इस लेख में हम यह बताने जा रहे हैं कि रुपये की इस गिरावट का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

सोने-चांदी का हर दिन उत्पादन होने के बावजूद भी इनके मूल्यों में वृद्धि क्यों होती है?

Oct 11, 2018
वर्ष 2017 में सोने का कुल वैश्विक उत्पादन 3,247 टन था. पूरी दुनिया में चीन सबसे बड़ा सोने का उत्पादक है. वर्ष 2017 में चीन ने 426 सोने का उत्पादन किया था जो कि पूरी दुनिया के उत्पादन का 13 प्रतिशत था. अब सवाल यह उठता है कि जब हर साल सोने और चांदी का उत्पादन विश्व में होता है तो फिर इन दोनों के दामों में लगातार वृद्धि क्यों होती रहती है.

जानें भारत में डीजल और पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स

Oct 4, 2018
अंतरराष्ट्रीय बाजार में वर्तमान कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर भारत में इसकी कीमत 31 रुपये प्रति लीटर आती है लेकिन भारत में केंद्र सरकार द्वारा लगाये जाने वाले उत्पाद कर और राज्य सरकार द्वारा लगाये जाने वाले वैट के कारण उपभोक्ताओं को पेट्रोल खरीदने के लिए दिल्ली में 76.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल खरीदने के लिए 67.54 खर्च करने पड़ रहे हैं.

जानिये दुनिया के किस देश में महंगाई दर सबसे अधिक है?

Sep 19, 2018
मुद्रास्फीति बाजार की वह अवस्था होती है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें "लगातार" बढ़ती जातीं हैं. ऐसी ही स्थिति दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में है जहाँ पर महंगाई की दर  इस साल के अंत तक 10 लाख प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस लेख में हमने इस समस्या के कारणों और महंगाई के कुछ रोचक उदाहरणों को बताया है.

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