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इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको की सूची

Sep 7, 2018
अशोक 269 ईसा पूर्व के लगभग मौर्य सिहांसन पर आसीन हुआ था। बहुत सारे इतिहासकार उसे प्राचीन विश्व का महानतम सम्राट मानते हैं। उसकी धम्म नीति विद्वानों के बीच निरंतर चर्चा का विषय रही है। इस लेख में हमने अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं भारतीय लघु कला चित्रकारी कैसे विकसित हुई?

Sep 7, 2018
मिनीएचर (Miniature) का मतलब होता है लाघु लैटिन शब्द 'मिनियम' से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ 'लाल रंग का शीशा' होता है। भारतीय उप-महाद्वीप में लघु चित्रकारी का लम्बा परम्परा रहा है और इसका विकास कई शैलियों में हुआ है। इस लेख में हमने भारतीय लघु चित्रकारी के विकास को लघु चित्रकारी का क्रमागत उन्नति के बारे में बताया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची

Sep 5, 2018
उत्तर प्रदेश का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के लोगों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। इस राज्य ने भारत को पहला प्रधानमंत्री, पहली महिला प्रधानमंत्री दिए हैं। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भक्ति आंदोलन के संतों और शिक्षकों की सूची

Sep 4, 2018
भक्ति आन्दोलन मध्‍यकालीन भारत का सांस्‍कृतिक इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण पड़ाव था। यह एक मौन क्रान्ति थी जिसमे इस काल के सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भगवान की भक्ति का प्रचार-प्रसार किया गया। इन संतो ने भक्ति मार्ग को ईश्वर प्राप्ति का साधन मानते हुए ‘ज्ञान’, ‘भक्ति’ और ‘समन्वय’ को स्थापित करने का प्रयास किया। इस लेख में हमने भक्ति आंदोलन के संतों और शिक्षकों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

कौन-कौन से ब्रिटिशकालीन कानून आज भी भारत में लागू हैं

Aug 28, 2018
अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 सालों के शासन दौरान इस देश को अपनी सहूलियत के हिसाब से चलाने के लिए कई कानून बनाये| इन सभी कानूनों का मकसद सिर्फ भारत से संसाधनों को लूटने और इस लूट को रोकने के लिए उत्पन्न होने वाले विद्रोहों को दबाने के उपाय किये गए थे | इस लेख में ऐसे ही कुछ अनैतिक और स्वार्थ से भरे कानूनों के बारे में बताया गया है|

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की 11 सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं

Aug 22, 2018
भारत को आजाद कराने में कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं ने भूमिका निभाई थी. आइये इस लेख के माध्यम से उन घटनाओं के बारे में अध्ययन करते हैं कि कब ये घटनाएं कब और कैसे हुई थी, इसमें किसने मुख्य भूमिका निभाई थी इत्यादि.

क्या आप जानते हैं साड़ी की उत्पत्ति भारत में नहीं हुयी है?

Aug 21, 2018
किसी भी देश की पहचान उसकी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजनीतिक व्यवस्था, नृजातीयता (Ethnicity) एवं सांस्कृतिक परिवेश से होती है। इन सभी पहचान के तत्वों के साथ साथ भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए विशेष रूप से विश्वपटल पर जाना जाता है। इस लेख में ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से इस सत्य सी प्रतीत मान्यता पर पड़ी परतों को हटाकर आप तक साड़ी की वास्तिविक उत्पत्ति कहाँ हुई इसकी जानकारी देने का प्रयास किया हैं।

वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Aug 20, 2018
प्रारंभिक वैदिक काल की राजनीति मूल रूप से केंद्र में जनजातीय प्रमुख के साथ एक जनजातीय राजनीति थी। जनजाति को जन कहा जाता था और आदिवासी प्रमुख को राजन कहा जाता था। राजा की शक्ति की वैधता पुजारी द्वारा यज्ञ और अनुष्ठानों करके दी जाती थी तथा राज्य मामलों में राजा की सहायता करने वाले अधिकारी को रत्नी बोला जाता था। इस लेख में हमने वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित 10 सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने पुर्तगालियों के व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में

Aug 14, 2018
1579 ईस्वी में शासकीय फरमान के आधार पर पुर्तगालियों को नदी के तट तक सिमित कर दिया गया जो बंगाल में सतगाँव से थोड़ी दुरी पर था और वहां से वे व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित करते थे। विभिन्य वर्षों के दौरान, उन्होंने बड़े भवनों के निर्माण द्वारा अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी जिसने उनके व्यापार को सतगाँव से नये पतन हुगली की ओर प्रवासित किया। इस लेख में हमने पुर्तगालियों का व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

15 अगस्त 1947 रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी?

Aug 14, 2018
15 अगस्त 1947 को भारत में स्वतंत्रता दिवस काफी उत्साह से मनाया जाता है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि 15 अगस्त 1947 को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाय जाता है और रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी. क्या कारण था इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में क्या अंतर है

Aug 14, 2018
भारत में ब्रिटिश सरकार समय-समय पर अधिनियम लाती रही है ताकि सरकार के कामकाज की जांच और प्रशासन प्रणाली में सुधार की जा सके। इसी सन्दर्भ में साइमन आयोग का गठन किया गया था। जिसके जवाब में मोतीलाल नेहरु ने एक मसौदा तैयार किया था जिसको ‘नेहरु रिपोर्ट’ कहा जाता है। इस लेख में हमने साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आये थे

Aug 13, 2018
20 मई, 1498 को भारत के कालीकट बंदरगाह पर वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) के आगमन के साथ ही यूरोप और पूर्वी देशों के बीच समुद्री मार्ग खुल गया था। इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे।

कौन सी संस्थाओं ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था

Aug 13, 2018
भारत के स्वंतंत्रता संग्राम में 'भारत छोड़ो आंदोलन' एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सम्पूर्ण भारत के गांव-गांव और शहर-शहर से लोग सभी बाधाओं को पार करते हुए एकजुट हुए और उन सबका एक ही मिशन था- साम्राज्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना। इस लेख में हमने उन संस्थाओं पर चर्चा किया हैं जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान कब और क्यों बना

Aug 13, 2018
रविन्द्रनाथ टैगोर ने भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बंगाली भाषा में लिखा था. 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा ‘जन गण मन’ के हिन्दी संस्करण को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया. यह हमारे देश के इतिहास और परंपरा को दर्शाता है. इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि सर्वप्रथम राष्ट्रगान कब गाया गया था और इसको गाने के पीछे क्या कारण था.

जहाँगीर ने ऐसा ना किया होता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता

Aug 13, 2018
1615 में जहांगीर के दरबार (मुगल सम्राट) में सर थॉमस रो की भारत यात्रा ने अंग्रेजों के लिए भारत में व्यापार के दरवाज़े खोल दिए, लेकिन जानने योग्य यह है कि भारतीय भूमि पर ऐसा क्या हुआ जिससे इस तुच्छ तथ्य ने जहांगीर के कदमो को भारतीय इतिहास में एक दिलचस्प झलक बना दी।

वर्तमान में स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रितों को क्या सुविधाएँ मिलती है?

Aug 13, 2018
स्वतंत्रता सेनानी कोटे के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएँ सिर्फ तीसरी पीढ़ी तक ही मिलती हैं. गृह मंत्रलाय की वेबसाइट के अनुसार अगस्त 2018 तक कुल 13,013 स्वतंत्रता सेनानियों और 24,445 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को सरकार से पेंशन मिल रही है. इस प्रकार अभी कुल 37,458 लोग "स्वतंत्र सैनिक सम्मान योजना" के तहत पेंशन और नौकरियों में आरक्षण का लाभ ले रहे हैं. आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल दोनों में 4937 पेंशनभोगी है जबकि महाराष्ट्र में 4738 पेंशनभोगी हैं.

भारत छोड़ो आन्दोलन

Aug 10, 2018
अप्रैल 1942 में क्रिप्स मिशन के असफल होने के लगभग चार महीने बाद ही स्वतंत्रता के लिए भारतीयों का तीसरा जन आन्दोलन आरम्भ हो गया| इसे भारत छोड़ो आन्दोलन के नाम से जाना गयाै। 8 अगस्त, 1942 को बम्बई में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में यह घोषित किया गया था कि अब भारत में ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति भारत में स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की स्थापना के लिए अत्यंत जरुरी हो गयी है।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के 7 महानायक जिन्होंने आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई

Aug 9, 2018
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन, परिवार, संबंध और भावनाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था हमारे देश की आजादी और इसके लिए उन्होंने अपनी जान की भी प्रवाह नहीं की. आइये ऐसे 7 महानायकों के बारे में अध्ययन करते हैं जिन्होंने देश को आजाद कराने में मुख्य भूमिका निभाई.

कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची

Jul 27, 2018
1836 के बाद भारत के विभिन्न भागों में अनेक सार्वजनिक समितियाँ स्थापित हुई। इन सभी समितियों पर धनि तथा अभिजात्य लोगों का प्रभुत्य था, जिनको तब गणमान्य व्यक्त कहा जाता था, और इसका चरित्र प्रन्तिये तथा स्थानीय था। इस लेख में हमने कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

Jul 18, 2018
प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे। यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

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