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इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान

Oct 26, 2017
सातवाहन राजवंश ने मौर्य के पतन और गुप्त साम्राज्य के उदय के बीच की अवधि में भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें दक्कन में आंध्र भी कहा जाता था और उनकी राजधानी पैथान या प्रतिष्ठान थी। आंध्र प्राचीन लोग थे और उनका उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण में किया गया है। यहां हम आम जागरूकता के लिए सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गये विभिन्न लड़ाइयों की सूची

Oct 18, 2017
17वीं सदी के शुरुआत में मराठों के एक नए सैन्य वर्ग का उत्थान हुआ, जब पुणे के भोसले परिवार ने अहमदनगर साम्राज्य से सैन्य और राजनीतिक लाभ प्राप्त किया। भोसले परिवार ने स्थानीय होने का लाभ उठाते हुए कई विशेषाधिकार प्राप्त किए और अपनी सेना में बड़ी संख्या में मराठा सरदार और सैनिकों की भर्ती की। शिवाजी एक निपुण सैनिक और कुशल प्रशासक थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गए विभिन्न लड़ाइयों की सूची दे रहे हैं।

सम्राट अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य

Sep 19, 2017
भारतीय इतिहास में कुछ ही शासकों को उनकी महानता के लिए याद किया जाता है और सम्राट अशोक उनमें से एक हैं। वह मौर्य वंश के तीसरे शासक थे, जिन्होंने लगभग 36 वर्षों तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य क्या था।

दुनिया के ऐसे आविष्कारक जिनकी मृत्यु उन्ही के आविष्कार से हुयी

Aug 25, 2017
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है और यही आवश्यकता की खोज मनुष्य को सूचनागार बना देती है। मनुष्य की प्रकृति जिज्ञासा वाली होती है जो इन्हें विभिन्न घटनाओं को समझने में प्रेरक का काम करता है, परन्तु यह एक जोखिम भरा कार्य भी होता है। आपको हम यहाँ दुनियां के वैसे आविष्कारकों के नाम बताने जा रहें हैं जो इतिहास के पन्नों में तो अमर हो गए पर उनके खुद का आविष्कार ही उनके मौत का कारण बनी।

दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्र कौन से हैं

Aug 23, 2017
वैसे तो हम जानते हैं की कैसे आधुनिक तकनीको ने लोगों की दैनिक जीवन-शैली को आधुनिक और उन्नत बनाने मे अहम् भूमिका निभाई है। लेकिन क्या हम जानते हैं की सैकड़ों साल पहले भी मनुष्य तकनिकी रूप से सक्षम थाl इतिहास और पुरातात्विक निष्कर्षों से यह पता चलता है की मनुष्यों को हमेशा से ही तकनीक और प्रौद्योगिकी आकर्षित करता रहा है। हम यहाँ सामान्य जानकारी के लिए दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्रो के नाम दे रहे हैं।

विश्व के दस अतुलनीय पुस्तकालय

Aug 21, 2017
पुस्तकालय ज्ञान और कल्पना के माध्यम से मानव जाति के लिए अविश्वसनीय उपहार हैं, जो प्रेरणा प्रदान करते हैं और कठिन कामों को करने में सहायता प्रदान करते हैं। कभी-कभी यह ज्ञान के शक्तिगृह (power house) के रूप में काम करता है, क्योंकि इस तक पहुंचने के बाद मनुष्य की कल्पना शक्ति में बढ़ोतरी होती है। यहां, हम दुनिया भर में फैले 10 अविश्वसनीय पुस्तकालयों और किताबों की दुकान की सूची दे रहे हैं।

क्या आप प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे जानते हैं

Jul 3, 2017
प्राचीन काल से ही जासूसी प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं. अति प्राचीन काल से, मनुष्य हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों के बारे में विशिष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए जिज्ञासु रहा है. इस लेख में प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे में अध्ययन करेंगें.

क्या आप 1400 साल पुरानी सूर्य घड़ी के बारे में जानते हैं

Jun 29, 2017
यह लेख चोला राज्य के समय में निर्मित एक सूर्य घड़ी के बारे में है जिसका निर्माण 1400 साल पहले हुआ था और बिना बिजली या बैटरी के यह चलती है. कैसे चलती है यह घड़ी, सबसे बड़ी बात अभी तक अस्तित्व में है और किसने इसको बनवाया था के बारे में अध्ययन करते हैं.

ऑपरेशन ब्लू स्टार: इंदिरा गांधी की राजनीतिक हत्या का मुख्य कारण

Jun 7, 2017
ऑपरेशन ब्लू स्टार अमृतसर में सिख धर्म के सबसे पवित्र मंदिर हरिमंदिर साहिब परिसर से खालीस्थान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए भारतीय सेना द्वारा 3 से 6 जून 1984 में चलाया गया एक अभियान था. इस लेख में ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़े तथ्यों पर नज़र डालेंगे की किसने किया था ये ऑपरेशन, क्यों किया था आदि.

विजयनगर साम्राज्य के दौरान भारत आने वाले विदेशी यात्री

May 24, 2017
प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक भारतीय उपमहाद्वीप कई विदेशी यात्रियों के आगमन का गवाह रहा है और उनमें से कुछ यात्रियों के द्वारा बहुमूल्य यात्रावृतांतों की भी रचना की गई हैंl इन यात्रावृतांतों से हमें तत्कालीन सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति को समझने में मदद मिलती हैl तत्कालीन लेखकों की लेखन के बारे में क्या धारणा थी, उसे जाने बिना इन यात्रावृतांतों को नहीं समझा जा सकता हैl यहां हम विजयनगर साम्राज्य के विभिन्न शासकों के शासनकाल के दौरान भारत आने वाले प्रसिद्ध यात्रियों का विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत की समय-सीमा और कालक्रम

May 9, 2017
दिल्ली सल्तनत की स्थापना की शुरूआत मुहम्मद गौरी के आक्रमण के साथ हुई थीl वह अपने साथ बड़ी संख्या में दासों को लेकर भारत आया था और उन्हें अधिकारियों के रूप में नियुक्त किया थाl 1206 ईस्वी में उसकी मृत्यु के बाद उसके तीन जनरलों, “कुतुब-उद-दीन ऐबक (उसके सेना का सेनापति), ताजुद्दीन एल्दौज (अफगानिस्तान और सिंध के बीच स्थित कारमान और खुरासान का शासक) और नासीरूद्दीन कूबाचा के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थीl इस लेख में हम कालक्रम के अनुसार दिल्ली सल्तनत की समय-सीमा और उसके पतन के कारणों का विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संक्षिप्त विवरण

May 9, 2017
इल्बरी वंश दिल्ली सल्तनत का पहला वंश थाl विभिन्न इतिहासकारों ने इसे गुलाम वंश या मामलूक वंश के रूप में भी नामित किया हैl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं, जिसका उपयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवार अपनी तैयारी के पुनरीक्षण के लिए कर सकते हैंl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत खिलजी वंश का संक्षिप्त विवरण

Apr 27, 2017
खिलजी, दिल्ली के इल्बरी वंश के शासकों की सेवा करते थेl मलिक फिरोज ने खिलजी वंश की स्थापना की थी, जो मूलतः इल्बरी वंश के पतन के दिनों में “कैकूबाद” द्वारा नियुक्त “अर्ज-ए-मुमालिक” थाl उसने राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाया और “जलालुद्दीन फिरोज खिलजी” के नाम से दिल्ली के सिंहासन पर आसीन हो गयाl

महमूद गजनी द्वारा भारत पर किये गए हमलों का विस्तृत विवरण

Apr 21, 2017
महमूद गजनी “सुबुक्तगिन” का पुत्र था और उसकी नीति अपने पिता की तरह भारत पर विजय प्राप्त करना था, जिन्होंने अपने 20 साल के शासन के बाद सिंधु नदी के दूसरे ओर साम्राज्य का विस्तार किया था। महमूद गजनी एक उत्कृष्ट सेनापति और महान विजेता थाl उसने 1000-1027 ईस्वी के दौरान भारत पर 17 बार आक्रमण कियाl इनमें से सबसे महत्वपूर्ण आक्रमण 1025 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर किया गया आक्रमण था, क्योंकि इससे महमूद गजनी को एक विशाल खजाना प्राप्त हुआ थाl

प्राचीन जनपद एवं महाजनपदों की सूची

Apr 18, 2017
जनपद और महाजनपद काल 600 ईस्वी पूर्व की राज्यव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैंl कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक परिवर्तनों के कारण महाजनपद काल के उभरने की प्रक्रिया की शुरूआत हुई थी और इसके परिणामस्वरूप इस अवधि में सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव देखने को मिलता हैl इस लेख में हम प्राचीन जनपद और महाजनपदों की सूची दे रहे हैं जिससे आपको प्राचीन शासनशैली और तानाशाही स्थिति की बेहतर समझ प्राप्त होगीl

सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची

Apr 17, 2017
सल्तनतकाल मुख्य रूप से सैन्यवादी और कुलीन था और सुल्तानों के अधिकार का वास्तविक स्रोत सैन्य शक्ति थीl दिल्ली सल्तनत के शासकों को कृषि की अहमियत और तकनीकी सहायता के माध्यम से उसे बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, क्योंकि अनाज आंतरिक व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था, जबकि उस समय दास, नील, अफीम, मसालों और कपास से बने सामान का निर्यात किया जाता थाl इस लेख में हम सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची दे रहे हैं, जो स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी अध्ययन सामग्री हैl

चोल प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों की सूची

Apr 14, 2017
850 ईस्वी से 1200 ईस्वी के बीच दक्षिण भारत में चोल एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरे थेl इस दौरान तुंगभद्रा से आगे तक शासन करने वाले राष्ट्रकूटों और बाद में उनके उत्तराधिकारी कल्याणी के चालुक्यों के साथ उनका संघर्ष जारी रहाl चोल वंश की स्थापना विजयालय ने की थी जो पहले पल्लवों का सामंत थाl इस लेख में हम चोल प्रशासन स्थानों की सूची का विवरण दे रहे हैl

सल्तनतकालीन वास्तुकला स्थलों की सूची

Apr 12, 2017
सल्तनत काल की वास्तुकलाओं में नए सल्तनों की सौन्दर्य विरासत को प्रकट किया गया था जिसमें भारतीय-इस्लामी वास्तुकला जैसी धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों तरह की संरचनाएं शामिल थीl उदाहरण के लिए, हिन्दू मंदिरों के शिखर के विपरीत तत्कालीन मस्जिदों की प्रमुख विशेषता गुम्बद थीl इस लेख में हम सल्तनतकालीन वास्तुकला स्थलों का विवरण दे रहे हैं जिसमें हमने इमारत, स्थान और वास्तुकला की विशेषताओं को शामिल किया हैl

प्रमुख राजपूत राजवंश, उसकी राजधानी एवं संस्थापकों की सूची

Apr 11, 2017
भारत में राजपूतों का उदय हर्षवर्धन की मृत्यु और प्रतिहार साम्राज्य के विघटन का परिणाम थाl 7वीं शताब्दी से लेकर अगले 500 वर्षों तक भारतीय राजनीतिक परिदृश्य पर राजपूतों का प्रभुत्व रहाl उनका संबंध भारतीय उपमहाद्वीप के क्षत्रिय परिवारों से था। उन्होंने राजस्थान, सौराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और बिहार में योद्धाओं, उद्यमियों और जमीनदार (भूमि मालिक) के रूप में शासन कियाl

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