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इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

भारत की प्रसिद्ध बौद्ध मठों की सूची

Sep 20, 2018
बौद्ध मठ का अर्थ ऐसे संस्थानों से है जहाँ बौद्ध धर्म के गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश इत्यादि प्रदान करते हैं। विश्व में बौद्ध धर्म के बहुत से तीर्थ स्थल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार से हैं:- विहार, पगोडा, स्तूप, चैत्य, गुफा, बुद्ध मुर्ती एवं अन्य। इस लेख में हमने भारत की प्रसिद्ध बौद्ध मठों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें भारतीय मंदिरों के कौन-कौन से अंग होते हैं

Sep 20, 2018
भारतीय स्थापत्य में भारतीय मंदिरों के वास्तुकला का विशेष स्थान है। यदि आप प्राचीनकाल के मंदिरों की रचना देखेंगे तो जानेंगे कि सभी कुछ-कुछ पिरामिडनुमा आकार के होते थे। भारत के स्थापत्य की जड़ें यहाँ के इतिहास, दर्शन एवं संस्कृति में निहित हैं और यहाँ की परम्परागत एवं बाहरी प्रभावों का मिश्रण है। इस लेख में हमने शिल्पशास्त्र के अनुसार भारतीय मंदिरों के प्रमुख अंगो की सूची दिया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों की सूची

Sep 18, 2018
बौद्ध वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। यह तीन प्रकार के ढांचे जुड़े हुए हैं: मठ (विहार), अवशेषों (स्तूप), और चैत्यगृह। वैसे तो विहार और चैत्य दोनों ही निवास स्थान के रूप में प्रयोग हो सकते हैं। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन काल में सोने और चांदी के सिक्कों को क्यों बनाया जाता था?

Sep 17, 2018
सोने और चांदी के सिक्कों का चलन प्राचीन काल में शुरू हुआ था. उस समय कोई और धातु के सिक्कें नहीं बनाए जाते थे. क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों सोने और चांदी के ही सिक्कों को बनाया गया. इसके पीछे क्या कारण था. कुछ शोधकर्ताओं ने रसायनिक आधार पर इसके पीछे के कारणों को बताया है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

मुगल काल के प्रसिद्ध फारसी इतिहासकारों की सूची

Sep 14, 2018
मुग़लकाल में हरेक भाषा के साहित्य को पोषण मिलता था तथा मुग़ल बादशाह विभिन्य भाषाओँ के विभिन्न शाखाओं के विकास को बहुत प्रोत्साहन देते थे। अकबर के संरक्षण में बहुत-से विद्वान् हुए तथा उन्होंने दिलचस्प एवं महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। इस लेख में हमने मुगल काल के प्रसिद्ध फारसी इतिहासकारों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें भारत में अंग्रेजों की सफलता के क्या-क्या कारण थे?

Sep 14, 2018
18वीं शताब्दी के मध्य में, भारत वास्तव में चराहे पर खड़ा था। इस विभिन्य ऐतिहासिक शक्तियां गतिशील थी, जिसके परिणामस्वरुप देश एक नई दिशा की ओर उन्मुख हुआ। कुछ इतिहासकार इसे 1740 का वर्ष मानते हैं, जब भारत में सर्वोच्चता के लिए आंग्ल-फ़्रांसीसी संघर्ष की शुरुवात हुई थी। इस लेख में हमने बताया है की कौन-कौन से कारणों की वजह से अंग्रेजो को भारत में सफलता मिली जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात के प्रमुख वचनों और नारों की सूची

Sep 12, 2018
भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात हुई परिस्थितयों से निपटने के लिए, भारत के रहनुमाओं ने समय-समय पर अपने आवाज़ बुलंद किया है और विभिन्न नारों तथा वचनों की मदद से भारतियों में आत्मविश्वास भरा है। इस लेख में हमने भारत की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्रता पश्चात के प्रमुख वचनों और नारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के ऐसे जिले जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी.

Sep 10, 2018
भारत को ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी. उस समय सम्पूर्ण भारत में हर्ष और उल्लास था. लेकिन इस तथ्य को भी नहीं भुलाया जा सकता है कि भारत को विभाजन से गुजरना पड़ा था. इस दौरान लोगों ने बहुत कुछ झेला था. क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसे भी जिले थे जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी. इसके पीछे क्या कारण था. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको की सूची

Sep 7, 2018
अशोक 269 ईसा पूर्व के लगभग मौर्य सिहांसन पर आसीन हुआ था। बहुत सारे इतिहासकार उसे प्राचीन विश्व का महानतम सम्राट मानते हैं। उसकी धम्म नीति विद्वानों के बीच निरंतर चर्चा का विषय रही है। इस लेख में हमने अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं भारतीय लघु कला चित्रकारी कैसे विकसित हुई?

Sep 7, 2018
मिनीएचर (Miniature) का मतलब होता है लाघु लैटिन शब्द 'मिनियम' से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ 'लाल रंग का शीशा' होता है। भारतीय उप-महाद्वीप में लघु चित्रकारी का लम्बा परम्परा रहा है और इसका विकास कई शैलियों में हुआ है। इस लेख में हमने भारतीय लघु चित्रकारी के विकास को लघु चित्रकारी का क्रमागत उन्नति के बारे में बताया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची

Sep 5, 2018
उत्तर प्रदेश का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के लोगों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। इस राज्य ने भारत को पहला प्रधानमंत्री, पहली महिला प्रधानमंत्री दिए हैं। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भक्ति आंदोलन के संतों और शिक्षकों की सूची

Sep 4, 2018
भक्ति आन्दोलन मध्‍यकालीन भारत का सांस्‍कृतिक इतिहास में एक महत्‍वपूर्ण पड़ाव था। यह एक मौन क्रान्ति थी जिसमे इस काल के सामाजिक-धार्मिक सुधारकों द्वारा समाज में विभिन्न तरह से भगवान की भक्ति का प्रचार-प्रसार किया गया। इन संतो ने भक्ति मार्ग को ईश्वर प्राप्ति का साधन मानते हुए ‘ज्ञान’, ‘भक्ति’ और ‘समन्वय’ को स्थापित करने का प्रयास किया। इस लेख में हमने भक्ति आंदोलन के संतों और शिक्षकों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

कौन-कौन से ब्रिटिशकालीन कानून आज भी भारत में लागू हैं

Aug 28, 2018
अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 सालों के शासन दौरान इस देश को अपनी सहूलियत के हिसाब से चलाने के लिए कई कानून बनाये| इन सभी कानूनों का मकसद सिर्फ भारत से संसाधनों को लूटने और इस लूट को रोकने के लिए उत्पन्न होने वाले विद्रोहों को दबाने के उपाय किये गए थे | इस लेख में ऐसे ही कुछ अनैतिक और स्वार्थ से भरे कानूनों के बारे में बताया गया है|

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की 11 सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं

Aug 22, 2018
भारत को आजाद कराने में कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं ने भूमिका निभाई थी. आइये इस लेख के माध्यम से उन घटनाओं के बारे में अध्ययन करते हैं कि कब ये घटनाएं कब और कैसे हुई थी, इसमें किसने मुख्य भूमिका निभाई थी इत्यादि.

क्या आप जानते हैं साड़ी की उत्पत्ति भारत में नहीं हुयी है?

Aug 21, 2018
किसी भी देश की पहचान उसकी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजनीतिक व्यवस्था, नृजातीयता (Ethnicity) एवं सांस्कृतिक परिवेश से होती है। इन सभी पहचान के तत्वों के साथ साथ भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए विशेष रूप से विश्वपटल पर जाना जाता है। इस लेख में ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से इस सत्य सी प्रतीत मान्यता पर पड़ी परतों को हटाकर आप तक साड़ी की वास्तिविक उत्पत्ति कहाँ हुई इसकी जानकारी देने का प्रयास किया हैं।

वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Aug 20, 2018
प्रारंभिक वैदिक काल की राजनीति मूल रूप से केंद्र में जनजातीय प्रमुख के साथ एक जनजातीय राजनीति थी। जनजाति को जन कहा जाता था और आदिवासी प्रमुख को राजन कहा जाता था। राजा की शक्ति की वैधता पुजारी द्वारा यज्ञ और अनुष्ठानों करके दी जाती थी तथा राज्य मामलों में राजा की सहायता करने वाले अधिकारी को रत्नी बोला जाता था। इस लेख में हमने वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित 10 सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने पुर्तगालियों के व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में

Aug 14, 2018
1579 ईस्वी में शासकीय फरमान के आधार पर पुर्तगालियों को नदी के तट तक सिमित कर दिया गया जो बंगाल में सतगाँव से थोड़ी दुरी पर था और वहां से वे व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित करते थे। विभिन्य वर्षों के दौरान, उन्होंने बड़े भवनों के निर्माण द्वारा अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी जिसने उनके व्यापार को सतगाँव से नये पतन हुगली की ओर प्रवासित किया। इस लेख में हमने पुर्तगालियों का व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

15 अगस्त 1947 रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी?

Aug 14, 2018
15 अगस्त 1947 को भारत में स्वतंत्रता दिवस काफी उत्साह से मनाया जाता है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि 15 अगस्त 1947 को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाय जाता है और रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी. क्या कारण था इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में क्या अंतर है

Aug 14, 2018
भारत में ब्रिटिश सरकार समय-समय पर अधिनियम लाती रही है ताकि सरकार के कामकाज की जांच और प्रशासन प्रणाली में सुधार की जा सके। इसी सन्दर्भ में साइमन आयोग का गठन किया गया था। जिसके जवाब में मोतीलाल नेहरु ने एक मसौदा तैयार किया था जिसको ‘नेहरु रिपोर्ट’ कहा जाता है। इस लेख में हमने साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आये थे

Aug 13, 2018
20 मई, 1498 को भारत के कालीकट बंदरगाह पर वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) के आगमन के साथ ही यूरोप और पूर्वी देशों के बीच समुद्री मार्ग खुल गया था। इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे।

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