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कला एवं संस्कृति

General Knowledge for Competitive Exams

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महादेवी वर्मा के बारे में 10 रोचक तथ्य

Apr 27, 2018
महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च 1907 को फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था. वह हिन्दी भाषा की प्रख्यात कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी, महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली महान महिला हैं. उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन महिलाओं की शिक्षा और उनके विकास के लिए समर्पित किया. आइये इस लेख के माध्यम से महादेवी वर्मा के बारे में 10 रोचक तथ्यों को अध्ययन करते हैं.

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न धर्मगुरूओं का विवरण

Feb 13, 2018
भारत में जब तांत्रिकों और साधकों के चमत्कार एवं आचार-विचार की बदनामी होने लगी और साधकों को शाक्त, मद्य, मांस तथा स्त्री-संबंधी व्यभिचारों के कारण घृणा की दृष्टि से देखा जाने लगा तथा इनकी यौगिक क्रियाएँ भी मन्द पड़ने लगी, तब इन यौगिक क्रियाओं के उद्धार के लिए नाथ सम्प्रदाय का उदय हुआ थाl नाथ सम्प्रदाय हिन्दू धर्म के अंतर्गत शैववाद की एक उप-परंपरा हैl यह एक मध्ययुगीन आंदोलन है जो शैव धर्म, बौद्ध धर्म और भारत में प्रचलित योग परंपराओं का सम्मिलित रूप हैl इस लेख में हम नाथ शब्द का अर्थ, नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, उसके प्रमुख गुरूओं तथा इस सम्प्रदाय के क्रियाकलापों का विवरण दे रहे हैंl

11 रोचक तथ्य मिर्ज़ा गालिब के बारें में

Dec 27, 2017
मिर्ज़ा गालिब का पूरा नाम मिर्ज़ा असद-उल्लाह बेग ख़ां उर्फ “ग़ालिब” था। उनका जन्म आगरा मे 27 दिसंबर 1797 को एक सैन्य परिवार में हुआ था और निधन 1869 में हुआ| उनकी शायरीयों मे गहन साहित्य और क्लिष्ट भाषा का समावेश था| उन्हें पत्र लिखने का बहुत शौक था इसीलिए उन्हें पुरोधा कहा जाता था| इस लेख में मिर्ज़ा ग़ालिब के बारे में 11 रोचक तथ्य दे रहे है जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे|

चिकन पॉक्स को भारत में माता क्यों कहा जाता है?

Dec 19, 2017
चेचक मानवों में होने वाला एक प्रमुख रोग है. यह रोग मुख्य रूप से छोटे बच्चों को होता है, लेकिन कई बार वयस्क भी इस रोग से ग्रसित हो जाते हैं. भारत में चेचक को माता के नाम से भी जाना जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि चेचक को भारत में माता क्यों कहा जाता है? यदि आप इस प्रश्न के उत्तर से अनभिज्ञ हैं तो इस लेख को पढ़ने के बाद अवश्य जान जाएंगे.

भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची

Dec 19, 2017
ऐसा माना जाता है कि भारत में ईसाई धर्म की शुरुआत थॉमस नामक धर्मदूत द्वारा किया गया था, जो लगभग 52 ईस्वी में केरल के मुजिरिस नामक स्थान पर आये थे. यूँ तो पूरे भारत में ईसाई धर्म को मानने वाले लोग पाए जाते हैं, लेकिन इनकी सर्वाधिक आबादी दक्षिण भारत, दक्षिण तट, कोंकण तट और पूर्वोत्तर भारत में मिलती है.  ईसाई धर्म के अनुयायियों के पूजा स्थल को गिरिजाघर या चर्च कहा जाता है. इस लेख में भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची दे रहे हैं.

भारत की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं और संगठनों की सूची

Oct 30, 2017
किसी भी देश के इतिहास को जानने के लिए उस देश के कला एवं संस्कृति के विकास को जानना बहुत जरूरी होता है. भारत में कला एवं संस्कृति के विकास के लिए बहुत सी संस्थाएं स्थापित की गयी हैं जिनमे बहुत सी संस्थाएं भारत की पुरानी विरासत को संभाल कर रखने के लिए स्थापित की गयी हैं.

पुष्कर मेले के बारे में रोचक तथ्य

Oct 27, 2017
भारत के राजस्थान में पुष्कर मेला हर साल पुष्कर में आयोजित किया जाता हैं. देश-विदेश से हज़ारों पर्यटक मेला देखने आते है. यहां पर विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है जो इस मेले की शोभा को और बढ़ा देता हैं. आइये इस लेख के माध्यम से पुष्कर मेले के कुछ रोचक तथ्यों के बारे में अध्ययन करते हैं.

क्षेत्रों के अनुसार रंगोली के विभिन्न नाम और उनके महत्व

Oct 14, 2017
रंगोली पूरे देश में लोकप्रिय है और विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से जानी जाती है. वास्तव में भारत के प्रत्येक राज्यों में रांगोली की अपनी ही शैली है,  डिजाइन चित्रण भी अलग-अलग होते हैं क्योंकि वे परंपराओं, लोककथाओं और प्रथाओं को प्रतिबिंबित करते हैं जो प्रत्येक क्षेत्र के लिए अद्वितीय हैं. आइये इस लेख के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार रंगोली के नाम और उसके महत्व के बारे में जानते हैं.

मधुबनी पेंटिंग के बारे में 10 अज्ञात तथ्य

Oct 9, 2017
मधुबनी पेंटिंग भारत और विदेशों में सबसे प्रसिद्ध कलाओं में से एक है. इस चित्रकला की शैली को आज भी बिहार के कुछ हिस्सों में प्रयोग किया जाता है खासकर मिथिला में. इस लेख में मधुबनी पेंटिंग का इतिहास, कैसे यह विश्व में प्रसिद्ध हुई, इसकी क्या खासियत है आदि के बारे में अध्ययन करेंगे.

स्वर्ण मंदिर के बारे में 7 रोचक तथ्य

Jun 12, 2017
स्वर्ण मंदिर हरमंदिर साहिब या श्री दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है.सिखों के पांचवें गुरु अर्जनदेव ने स्वर्ण मंदिर का निर्माण कार्य पंजाब के अमृतसर में शुरू कराया था, जो कि भारत में पंजाब में स्तिथ हैं. इस लेख में स्वर्ण मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्यों पर अध्ययन करेंगे

ललित कला अकादमी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

Jun 5, 2017
ललित कला अकादमी स्वतंत्र भारत में गठित एक स्वायत संस्था है जो 5 अगस्त 1954 को भारत सरकार द्वारा स्थापित की गई. इसको नेशनल अकादमी ऑफ आर्ट्स भी कहते हैं. इस लेख में विस्तार से ललित कला अकादमी के बारें में अध्ययन करेंगे.

दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के बारे में 10 आश्चर्यजनक तथ्य

May 22, 2017
अक्षरधाम मंदिर नई दिल्ली में स्थित हैं. इसको स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भी कहा जाता है. यह भारत का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर में से एक है. यह मंदिर आधिकारिक तौर पर 6 नवंबर, 2005 को खुला था. यह करीब 100 एकड़ की जमीन पर फैला हुआ है. इस लेख में अक्षरधाम मंदिर के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य दिए जा रहें है जिन्हें पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे.

ऑस्कर पुरस्कारों में नामांकित एवं पुरस्कार विजेता भारतीयों की सूची

Feb 27, 2017
लॉस एंजेलिस में आयोजित विश्व प्रसिद्ध 89वें ऑस्कर अवॉर्ड समारोह में "मूनलाईट" को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के पुरस्कार से नवाजा गया जबकि "ला ला लैंड" को “सर्वश्रेष्ठ निर्देशक” और “सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री” सहित छह श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया है| इस समारोह में भारतीय मूल के ब्रिटिश अभिनेता देव पटेल "सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता" का पुरस्कार प्राप्त करने से चूक गए| इस लेख में हम ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित या विभिन्न श्रेणियों में नामांकित भारतीय/भारतीय मूल के व्यक्तियों की सूची दे रहे हैं|

गंधार, मथुरा और अमरावती शैलियों में क्या अंतर होता है

Feb 27, 2017
मूर्ति कला की तीन प्रमुख शैलियों अर्थात गंधार, मथुरा और अमरावती शैली का विकास अलग-अलग स्थानों पर हुआ है | गंधार शैली का विकास आधुनिक पेशावर और अफगानिस्तान के निकट पंजाब की पशिचमी सीमाओं में 50 ईसा पूर्व से लेकर 500 ईस्वी तक हुआ| मथुरा शैली का विकास पहली और तीसरी शताब्दी ई .पू के बीच की अवधि में यमुना नदी के किनारे हुआ और भारत के दक्षिणी भाग में, अमरावती शैली का विकास सातवाहन शासकों के संरक्षण में कृष्णा नदी के किनारे हुआ था | इस लेख में इन शैलियों के बीच के अंतर का अध्ययन करेंगे |

हड़प्पा सभ्यता: कला और वास्तुकला एक नज़र में

Feb 23, 2017
भारतीय कला और वास्तुकला विकास पर निर्भर करती है और इसके पीछे कई कहानियां है| इस लेख में हड़प्पा सभ्यता की कला और वास्तुकला के बारे में जानेंगे और देखेंगे की कैसे इन कलाओं का उदभव हुआ, कहा से हुआ आदि |

जाने तानसेन समारोह कब, कहाँ और क्यों मनाया जाता है?

Dec 19, 2016
तानसेन समारोह भारत में आयोजित सबसे पुराने संगीत समारोहों में से एक है| इसका आयोजन अकबर के दरबार में रहने वाले महान संगीतकार तानसेन को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया जाता है। तानसेन समारोह या तानसेन संगीत समारोह का आयोजन हर वर्ष दिसम्बर महीने में मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के “बेहत” नामक गांव में किया जाता है।

कमल मंदिर (लोटस टेम्पल) अविस्मरणीय क्यों है?

Aug 17, 2016
नई दिल्ली का कमल मंदिर बहाई संप्रदाय से संबंधित है। बहाई धर्म दुनिया के नौ महान धर्मों का संयोजन है और इसकी स्थापना पैगंबर बहाउल्लाह ने की थी। यह मंदिर तालाबों और बगीचों के बीच आधे खुले तैरते कमल के आकार में बना है। कमल मंदिर एशिया में बना एक मात्र बहाई मंदिर है। एक वर्ष में यहां करीब 45 लाख पर्यटक आते हैं।

गोलकुंडा का किला क्यों विशेष है?

Aug 16, 2016
यह किला तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास स्थित है। यह किला 1143 में बनवाया गया था। ऐतिहासिक गोलकोंडा किले का नाम तेलुगु शब्द 'गोल्ला कोंडा' पर रखा गया है| किसी जमाने में गोलकुंडा के इलाके की हीरे की खान से कोहेनूर हीरा निकला था। यह पूरा किला एक बड़े ग्रेनाइट के पहाड़ पर बना है। इसके बगल में मूसी नदी बहती है।

भारत में सबसे अधिक प्रसिद्ध 10 उत्तम मार्शल आर्ट्स

Jul 6, 2016
भारत विविध संस्कृति और जातियों का देश है और इसलिए भारत अपने प्राचीन काल से ही विकसित मार्शल आर्ट के लिए प्रसिद्ध है। आजकल इन कला के रूपों का कई अनुष्ठानो में उपयोग किया जाता है जैसे शास्रविधि समारोह में, खेल में, शारीरिक योग्यता के लिए आत्म रक्षा के रूप में आदि लेकिन इससे पहले इन कलाओं का युद्ध के लिए प्रयोग किया जाता था । कई कला नृत्य, योग आदि करने से संबंधित हैं।

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