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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

General Knowledge for Competitive Exams

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क्या आप ह्वेल मछलियों के बारे में ये बातें जानते हैं?

Jul 18, 2016
ह्वेल सीटेशीअ (cetacean) प्रजाति से ताल्लुक रखती हैं। इसमें ह्वेल, डॉल्फिन और पॉर्पस आते हैं। ह्वेल को दो उप–वर्गों में विभाजित किया जाता हैः बलीन और दांत वाली ह्वेल। बलीन ह्वेल में उसके उपरी जबड़े पर कंधी के जैसे झालर होते हैं, जिसे बलीन कहा जाता है। ह्वेल अपने आस–पास के माहौल का पता प्रतिध्वनि के वापस आने में लगने वाले समय (echolocation) के आधार पर लगाती हैं।

भारतीय गिद्ध विलुप्त क्यों हो रहे हैं– एक संपूर्ण विश्लेषण

Jul 15, 2016
1980 के दशक में भारत में सफेद पूंछ वाले गिद्धों की संख्या करीब 80 मिलियन (800 लाख) थी। आज (2016) इनकी संख्या 40 हजार से भी कम हो चुकी है। यह दुनिया में किसी भी पक्षी प्रजाति की सबसे तेजी से हुई कमी है। गिद्धों की संख्या में हुई कमी की वजह से वर्ष 2015 तक पर्यावरण स्वच्छता के लिए करीब 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुआ है।

सरिस्का टाइगर रिजर्वः तथ्यों पर एक नजर

Jul 14, 2016
सरिस्का टाइगर रिजर्व अरावली हिल्स की गोद में राजस्थान के अलवर जिले में है। सरिस्का टाइगर रिजर्व या सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान अलवर जिले में शिकार करने के लिए आरक्षित क्षेत्र था। वर्ष 1955 में इसे वन्यजीव अभयारण्य का दर्जा मिला और वर्ष 1978 में यह सरिस्का टाइगर रिजर्व बना। यह 866 वर्ग किमी के इलाके में फैला है। सरिस्का रॉयल बंगाल टाइगर और तेंदुआ के लिए प्रसिद्द हैं।

जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, बाघों का स्वर्गः तथ्य एक नजर में

Jul 14, 2016
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है | इसकी स्थापना विलुप्तप्राय बंगाल टाइगरों की रक्षा के लिए 1936 में की गई थी। यह उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है और इसका नाम इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया है। प्रोजेक्ट टाइगर पहल के तहत आने वाला यह पहला उद्यान था। इसका क्षेत्रफल 520.82 वर्ग मील है।

गिर राष्ट्रीय उद्यानः एशियाई शेरों का घर

Jul 13, 2016
गिर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य एशियाई शेरों की जीवित आबादी का अंतिम आश्रय स्थल है। यह उद्यान गुजरात के 1412 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। मई 2015 में एशियाई शेरों की गई 14वीं जनगणना के अनुसार इनकी आबादी बढ़ कर 523 हो गई थी (वर्ष 2010 में की गई पिछली जनगणना की तुलना में 27% अधिक)। वर्तमान में गिर राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभयारण्य में 109 नर, 201 मादा और 213 युवा/ शिशु/ शेर हैं।

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, 'द गार्डन ऑफ ईडन': तथ्यों पर एक नजर

Jul 13, 2016
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश के लखिमपुर खीरी और बहराइच जिलों में संरक्षित क्षेत्र है। यह 1,284.3 किमी (495.9 वर्ग मील) में फैला है समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 110 से 185 मी (361 से 607 फीट) है। इसकी उत्तर– पूर्वी सीमा नेपाल से लगी है। यह राष्ट्रीय उद्यान विभिन्न प्रकार के पक्षियों का आवास स्थान है। इनमें जंगली तीतर, चरस (Bengal Florican) और ग्रेट स्लेटी कठफोड़वा (Great Slaty Woodpecker) शामिल हैं।

दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यानः हंगुल का घर

Jul 12, 2016
दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1981 में हुई थी और यह जम्मू और कश्मीर के उच्च शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है जो श्रीनगर से मात्र 22 किलोमीटर की दूरी पर है। समुद्र तल से उद्यान की औसत ऊंचाई 2990 मीटर है। उद्यान 141 किलोमीटर में फैला है। उद्यान में पाए जाने वाले मुख्य पेड़ हैं– हिमालयी नम शीतोष्ण सदाबहार, नम पर्णपाती और झाड़ियां, देवदार, चीड़ एवं शाहबलूत (ओक)। दाचीगाम का अर्थ है– दस गांव।

बुक्सा टाइगर रिजर्व (बी.टी.आर.): तथ्यों पर एक नजर

Jul 12, 2016
बुक्सा टाइगर रिजर्व (बी.टी.आर.) पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के अलीपुरद्वार उप–डिवीजन में स्थित है। इसमें बुक्सा वन प्रभाग (702.44 वर्ग किमी) का पूरा और कूच– बिहार वन विभाग (58.43 वर्ग किमी) का कुछ हिस्सा आता है। बुक्सा टाइगर रिजर्व 1983 में भारत के 15वें टाइगर रिजर्व के तौर पर बनाया गया था।

बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यानः दक्षिण भारत का टाइगर रिजर्व

Jul 12, 2016
बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान को भारत के सबसे खूबसूरत और बेहतरीन प्रबंधन वाले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक माना जाता है। यह कर्नाटक में मैसूर–ऊटी राजमार्ग पर स्थित है। यह भारत का सबसे बड़ा जीवमंडल (biosphere) रिजर्व बनाता है जिसे 'नीलगिरी जीवमंडल रिजर्व' के नाम से जाना जाता है। बांदीपुर में बाघों की संख्या भी अच्छी– खासी है।

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यानः भारत के राष्ट्रीय पशु की भूमि

Jul 11, 2016
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे लोकप्रिय राष्ट्रीय उद्यान है। यह मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के विंध्य पर्वत पर स्थित है। वर्ष 1968 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान करीब 105 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला है। इस उद्यान में पूरे भारत में बाघों का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व है |

क्या आप बंदरों के बारे में ये तथ्य जानना चाहेंगे?

Jul 8, 2016
बंदर हैप्लोराइन (haplorhine)("dry-nosed") प्राइमेट्स (स्तनपायी प्राणियों में सर्वोच्च श्रेणी के जीव) होते हैं, ये पेराफाईलेटिक समूह है जिनमें आम तौर पर पूंछ होती है और इनकी लगभग 260 ज्ञात प्रजातियां हैं। बंदरों की ज्यादातर प्रजातियां दिन के समय में सक्रिए होती हैं। आमतौर पर नयी दुनिया के बंदरों को बुद्धिमान माना जाता है।

शेर, जंगल का राजाः तथ्यों पर एक नजर

Jul 8, 2016
अफ्रीकी शेर सभी बड़ी बिल्लियों में सबसे अधिक सामाजिक होते हैं। ये समूहों या झुंड में रहते हैं। एक झुंड में करीब 15 शेर होते हैं। नर शेर समूह की सीमा की रक्षा करते हैं जबकि शिकार करने का ज्यादातर काम मादा शेर करती हैं। शेर 81 प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है और 36 फीट की छलांग लगा सकता है। एशियाई शेरों की सबसे बडी संख्या सिर्फ गिर राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात में पाई जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम पेन्थेरा लियो पर्सिका है।

किन विशेषताओं ने पश्चिमी घाटों को विश्व विरासत स्थलों की सूची में स्थान दिलाया?

Jul 7, 2016
पश्चिमी घाट तापी नदी के पहाड़ से लेकर कन्याकुमारी अंतरीप तक, 1600 किमी में फैला हुआ है। इसकी औसत उंचाई 1200 मीटर है। यह एक वास्तविक पहाड़ी श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह प्राद्वीपीय पठार का दरार स्थान है। पश्चिमी घाटों की ऊंचाई उत्तर से दक्षिण की तरफ बढ़ने पर बढ़ती जाती है जबकि पूर्वी घाटों की उंचाई दक्षिण से उत्तर की तरफ बढ़ने पर बढ़ती है।

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान लोकप्रिय क्यों: तथ्यात्मक विश्लेषण

Jul 7, 2016
सुंदरबन, विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा, 10,200 वर्ग किमी में है जो भारत और बांग्लादेश में फैला है। भारतीय सीमा के भीतर आने वाले वन का हिस्सा सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान कहलाता है। यह पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में है। सुंदरबन 38,500 वर्ग किमी इलाके को कवर करता है। इसका एक–तिहाई भाग पानी/ दलदल से बना है। इस वन में बड़ी संख्या में सुंदरी पेड़ हैं। सुंदरबन रॉयल बंगाल टाइगर के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

मानस वन्यजीव अभयारण्य (असम): एक जैव विविधता हॉटस्पॉट

Jul 5, 2016
मानस वन्यजीव अभयारण्य असम राज्य में भूटान-हिमालय की पहाड़ियों के नीचे स्थित स्थित है। मानस वह पहला रिजर्व था जिसे 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व के नेटवर्क में शामिल किया गया था। मानस वन्यजीव अभयारण्य को 1985 में विश्व विरासत स्थल के रूप में चिह्नित किया गया था। 1989 में मानस को एक बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा हासिल हुआ था।

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यानः तथ्यों पर एक नजर

Jun 30, 2016
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1982 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में हुई थी। यह उत्तरी भारत में उत्तराखंड राज्य में नंदा देवी की चोटी (7816 मी) पर स्थित है। वर्ष 1982 में एक अधिसूचना द्वारा उद्यान की स्थापना संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के तौर पर की गई थी लेकिन बाद में इसका नाम बदल कर नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान रख दिया गया।

पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री

Jun 8, 2016
एक विश्लेषण के अनुसार, IAS की 2014 की प्रारंभिक परीक्षा में पर्यावरण और पारिस्थितिकीय से 18 प्रश्न पूछे गए थे और 2015 में 10 प्रश्न, तो इस विश्लेषण के आधार पर आप इस विषय के महत्व को समझ ही गए होंगे| इसलिए jagranjosh.com आपको इस विषय की विश्वसनीय, तथ्यपूर्ण और सरल अध्ययन सामग्री NCERT, माजिद हुसैन (पर्यावरण और पारिस्थितिकीय), महेश रंगराजन (भारत में पर्यावरण के मुद्दों) को ध्यान में रखकर एक ही क्लिक पर उपलब्ध करा रहा है |

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन : कारण और परिणाम

Feb 23, 2016
कोई भी गैस जो सूर्य से आने वाले लघुतरंगीय विकिरण को तो पृथ्वी पर आने देती है, लेकिन पृथ्वी से वापस जाने वाले दीर्घतरंगीय विकिरण को अवशोषित कर पृथ्वी के तापमान को बढ़ा देती है, ग्रीनहाउस गैस कहलाती है | वर्तमान में मानवीय कारणों से वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती मात्रा वैश्विक तापन व जलवायु परिवर्तन का कारण बन गयी है |

पर्यावरण प्रदूषण : अर्थ, प्रकार, प्रभाव, कारण तथा रोकने के उपाय

Feb 19, 2016
पर्यावरण के किसी भी घटक में होने वाला अवांछनीय परिवर्तन, जिससे जीव जगत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, प्रदूषण कहलाता है। पर्यावरण प्रदूषण में मानव की विकास प्रक्रिया, औद्योगिकीकरण तथा नगरीकरण आदि का महत्वपूर्ण योगदान है। पर्यावरणीय घटकों के आधार पर पर्यावरणीय प्रदूषण को भी ध्वनि, जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण आदि में बाँटा जाता है |

मृदा प्रदूषण

Jan 4, 2016
एक सामान्य अर्थ मे, मिट्टी मे जहरीले रसायनो (प्रदूषक या दूषित पदार्थ) का उच्च सांद्रता मे पाया जाना (जो मानव स्वास्थ्य के लिए और / या पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक हो), मृदा प्रदूषण कहलाता है। इसके अतिरिक्त, जब मिट्टी मे दूषित पदार्थो का स्तर जोखिम भरा नहीं होता है, फिर भी मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उपस्थित दूषित पदार्थो (मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले दूषित पदार्थो के मामले मे) के स्तर मे वृद्धि के कारण मृदा प्रदूषण आसानी से उत्पन्न हो सकता है।

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