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प्राचीन इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

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जानें बोधगया में बुद्ध की शयन मुद्रा में भारत की सबसे बड़ी प्रतिमा के बारे में

Jun 9, 2021
बुद्ध जयंती या बुद्ध पूर्णिमा पर, बोधगया में बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय कल्याण मिशन मंदिर में शयन मुद्रा में बुद्ध की भारत की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जानी थी. COVID-19 प्रतिबंधों के कारण तह समारोह स्थगित कर दिया गया. आइये इस लेख के माध्यम से बुद्ध की शयन मुद्रा वाली प्रतिमा के बारे में अध्ययन करते हैं.

Buddha Jayanti 2021: भगवान बुद्ध की शिक्षाएं जो जीवन को बदल सकती हैं और सकारात्मकता की ओर ले जाती हैं

May 26, 2021
Buddha Jayanti 2021: ऐसी मान्यता है कि वैशाख महीने की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी में हुआ था. उनको 'एशिया के ज्योति पुंज' के तौर पर भी जाना जाता है. इस साल 7 मई को बुद्ध जयंती या बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. आइये इस लेख के माध्यम से भगवान बुद्ध की शिक्षाएं, विचार और बौध धर्म से जुड़ी प्रमुख बातों पर अध्ययन करते हैं जिनसे जीवन में काफी बदलाव लाया जा सकता है.

मंगोलियाई कंजूर क्या है और इसका महत्व?

Jul 20, 2020
राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा मंगोलियाई कंजूर के 108 खंडों का पुनर्मुद्रण करने की परियोजना आरंभ की है. उम्मीद है कि मार्च 2022 तक इन सभी संस्करणों को प्रकाशित किया जाएगा. आइए मंगोलियाई कंजूर के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं.

सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची

Feb 29, 2020
सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया के चार प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है । रेडियो कार्बन डेटिंग के अनुसार सभ्यता 2500-1750 ई.पू. के आसपास में सभ्यता का विकास हुआ था । हम , यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची है दे रहे हैं  जो यूपीएससी, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस, और रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है |

जानें तानाजी मालुसरे की शौर्यगाथा और सिंहगढ़ किले की लड़ाई के बारे में.

Jan 9, 2020
क्या आपने तानाजी मालुसरे के बारे में सुना या पढ़ा है? वे कौन थे? भारतीय इतिहास में उन्हें क्यों याद किया जाता है?  आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं.    

जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण

Apr 17, 2019
जैन धर्म ने गैर-धार्मिक विचारधारा के माध्यम से रूढ़िवादी धार्मिक प्रथाओं पर जबरदस्त प्रहार किया। जैन धर्म लोगों की सुविधा हेतु मोक्ष के एक सरल, लघु और सुगम रास्ते की वकालत करता है। यहाँ हम जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

बिहार का प्राचीन इतिहास

Dec 6, 2018
बिहार का प्राचीन इतिहास का विस्तार मानव सभ्यता के आरंभ तक है। साथ ही यह सनातन धर्म के आगमन संबंधी मिथकों और किंवदंतियों से भी संबद्ध है। यहां, हम 'प्राचीन बिहार के इतिहास' पर पूर्ण अध्ययन सामग्री दे रहे हैं जो उम्मीदवारों को बीपीएससी और अन्य राज्य स्तर की परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की राह को आसान कर देगा।

भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों की सूची

Sep 18, 2018
बौद्ध वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। यह तीन प्रकार के ढांचे जुड़े हुए हैं: मठ (विहार), अवशेषों (स्तूप), और चैत्यगृह। वैसे तो विहार और चैत्य दोनों ही निवास स्थान के रूप में प्रयोग हो सकते हैं। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको की सूची

Sep 7, 2018
अशोक 269 ईसा पूर्व के लगभग मौर्य सिहांसन पर आसीन हुआ था। बहुत सारे इतिहासकार उसे प्राचीन विश्व का महानतम सम्राट मानते हैं। उसकी धम्म नीति विद्वानों के बीच निरंतर चर्चा का विषय रही है। इस लेख में हमने अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

Jul 18, 2018
प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे। यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने क्यों गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना जाता है

Jun 21, 2018
गुप्तकाल सांस्कृतिक प्रस्फुटन या विकास का युग था। इस युग में धर्म, कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की अदभुत प्रगति हुई. इसलिए, अनेक विद्वानो ने गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना है। इस लेख में हम पाठको का मार्गदर्शन करेंगे की गुप्तकाल को क्यों प्राचीन भारत का स्वर्ण युग माना जाता है।

क्या आप जानते हैं हड़प्पा सभ्यता के पतन के क्या-क्या कारण थे

May 30, 2018
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक है।1800 ई० पू० के आस-पास हड़प्पा सभ्यता के पतन के लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। इस सभ्यता का पतन कब और कैसे हुआ इस सम्बन्ध में अब भी मतभेद बना हुआ है। इस लेख में हमने हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों को के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची

May 29, 2018
वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। इस लेख में हमने वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

क्या आप जानते हैं पांडुलिपि और शिलालेख में क्या अंतर है?

Mar 1, 2018
इतिहास लेखन तीन तरह के स्रोत जैसे साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों का विवरण और पुरातत्त्व सम्बन्धी साक्ष्य के आधार पर होता है। इस लेख में हमने पांडुलिपि और शिलालेख में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
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