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प्राचीन इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

मंगोलियाई कंजूर क्या है और इसका महत्व?

Jul 20, 2020
राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा मंगोलियाई कंजूर के 108 खंडों का पुनर्मुद्रण करने की परियोजना आरंभ की है. उम्मीद है कि मार्च 2022 तक इन सभी संस्करणों को प्रकाशित किया जाएगा. आइए मंगोलियाई कंजूर के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं.

Buddha Jayanti 2020: भगवान बुद्ध की शिक्षाएं जो जीवन को बदल सकती हैं और सकारात्मकता की ओर ले जाती हैं

May 7, 2020
Buddha Jayanti 2020: ऐसी मान्यता है कि वैशाख महीने की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी में हुआ था. उनको 'एशिया के ज्योति पुंज' के तौर पर भी जाना जाता है. इस साल 7 मई को बुद्ध जयंती या बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है. आइये इस लेख के माध्यम से भगवान बुद्ध की शिक्षाएं, विचार और बौध धर्म से जुड़ी प्रमुख बातों पर अध्ययन करते हैं जिनसे जीवन में काफी बदलाव लाया जा सकता है.

सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची

Feb 29, 2020
सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया के चार प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है । रेडियो कार्बन डेटिंग के अनुसार सभ्यता 2500-1750 ई.पू. के आसपास में सभ्यता का विकास हुआ था । हम , यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची है दे रहे हैं  जो यूपीएससी, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस, और रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है |

जानें तानाजी मालुसरे की शौर्यगाथा और सिंहगढ़ किले की लड़ाई के बारे में.

Jan 9, 2020
क्या आपने तानाजी मालुसरे के बारे में सुना या पढ़ा है? वे कौन थे? भारतीय इतिहास में उन्हें क्यों याद किया जाता है?  आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं.    

जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण

Apr 17, 2019
जैन धर्म ने गैर-धार्मिक विचारधारा के माध्यम से रूढ़िवादी धार्मिक प्रथाओं पर जबरदस्त प्रहार किया। जैन धर्म लोगों की सुविधा हेतु मोक्ष के एक सरल, लघु और सुगम रास्ते की वकालत करता है। यहाँ हम जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

बिहार का प्राचीन इतिहास

Dec 6, 2018
बिहार का प्राचीन इतिहास का विस्तार मानव सभ्यता के आरंभ तक है। साथ ही यह सनातन धर्म के आगमन संबंधी मिथकों और किंवदंतियों से भी संबद्ध है। यहां, हम 'प्राचीन बिहार के इतिहास' पर पूर्ण अध्ययन सामग्री दे रहे हैं जो उम्मीदवारों को बीपीएससी और अन्य राज्य स्तर की परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की राह को आसान कर देगा।

भारत के प्रसिद्ध बौद्ध मठों की सूची

Sep 20, 2018
बौद्ध मठ का अर्थ ऐसे संस्थानों से है जहाँ बौद्ध धर्म के गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश इत्यादि प्रदान करते हैं। विश्व में बौद्ध धर्म के बहुत से तीर्थ स्थल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार से हैं:- विहार, पगोडा, स्तूप, चैत्य, गुफा, बुद्ध मुर्ती एवं अन्य। इस लेख में हमने भारत की प्रसिद्ध बौद्ध मठों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों की सूची

Sep 18, 2018
बौद्ध वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। यह तीन प्रकार के ढांचे जुड़े हुए हैं: मठ (विहार), अवशेषों (स्तूप), और चैत्यगृह। वैसे तो विहार और चैत्य दोनों ही निवास स्थान के रूप में प्रयोग हो सकते हैं। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध चैत्यों और विहारों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन काल में सोने और चांदी के सिक्कों को क्यों बनाया जाता था?

Sep 17, 2018
सोने और चांदी के सिक्कों का चलन प्राचीन काल में शुरू हुआ था. उस समय कोई और धातु के सिक्कें नहीं बनाए जाते थे. क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों सोने और चांदी के ही सिक्कों को बनाया गया. इसके पीछे क्या कारण था. कुछ शोधकर्ताओं ने रसायनिक आधार पर इसके पीछे के कारणों को बताया है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको की सूची

Sep 7, 2018
अशोक 269 ईसा पूर्व के लगभग मौर्य सिहांसन पर आसीन हुआ था। बहुत सारे इतिहासकार उसे प्राचीन विश्व का महानतम सम्राट मानते हैं। उसकी धम्म नीति विद्वानों के बीच निरंतर चर्चा का विषय रही है। इस लेख में हमने अशोक द्वारा भेजे गए धर्म-प्रचारको को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

Aug 20, 2018
प्रारंभिक वैदिक काल की राजनीति मूल रूप से केंद्र में जनजातीय प्रमुख के साथ एक जनजातीय राजनीति थी। जनजाति को जन कहा जाता था और आदिवासी प्रमुख को राजन कहा जाता था। राजा की शक्ति की वैधता पुजारी द्वारा यज्ञ और अनुष्ठानों करके दी जाती थी तथा राज्य मामलों में राजा की सहायता करने वाले अधिकारी को रत्नी बोला जाता था। इस लेख में हमने वैदिक काल के रत्नियों और अधिकारियों पर आधारित 10 सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

Jul 18, 2018
प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे। यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने क्यों गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना जाता है

Jun 21, 2018
गुप्तकाल सांस्कृतिक प्रस्फुटन या विकास का युग था। इस युग में धर्म, कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की अदभुत प्रगति हुई. इसलिए, अनेक विद्वानो ने गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना है। इस लेख में हम पाठको का मार्गदर्शन करेंगे की गुप्तकाल को क्यों प्राचीन भारत का स्वर्ण युग माना जाता है।

क्या आप जानते हैं हड़प्पा सभ्यता के पतन के क्या-क्या कारण थे

May 30, 2018
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक है।1800 ई० पू० के आस-पास हड़प्पा सभ्यता के पतन के लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। इस सभ्यता का पतन कब और कैसे हुआ इस सम्बन्ध में अब भी मतभेद बना हुआ है। इस लेख में हमने हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों को के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची

May 29, 2018
वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। इस लेख में हमने वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

क्या आप जानते हैं पांडुलिपि और शिलालेख में क्या अंतर है?

Mar 1, 2018
इतिहास लेखन तीन तरह के स्रोत जैसे साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों का विवरण और पुरातत्त्व सम्बन्धी साक्ष्य के आधार पर होता है। इस लेख में हमने पांडुलिपि और शिलालेख में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

गुप्तकालीन नाटको एवं नाटककारो की सूची

Dec 29, 2017
गुप्तकाल में धर्म, कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की अदभुत प्रगति हुई। इसलिए, अनेक विद्वानो ने गुप्तकाल को स्वर्णयुग का काल माना है। कवियों ने प्रशस्तिया लिखी. प्रयाग एवं मंदसौर की प्रशस्तिया क्रमशः हरिशेण और वसूल ने लिखी। इस समय के सबसे प्रख्यात कवि और नाटकार  महाकवि कालिदास थे। इस लेख में हम पाठको के सामन्य ज्ञान के बढ़ोतरी के लिए गुप्तकालीन नाटको एवं नाटककारो की सूची दे रहे हैं।

चेर शासकों की सूची और उनके योगदान

Nov 14, 2017
चेर राजवंश, तमिलकम के तीन प्रमुख राजवंशों में से एक थे, जिसके शासकों ने दक्षिण भारत में वर्तमान केरल राज्य तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर शासन किया था. "चेर" शब्द शायद चेरल शब्द से उत्पन्न हुआ था, जिसका अर्थ प्राचीन तमिल में "एक पहाड़ की ढ़लान" है। यहां हम सामान्य जागरूकता के लिए चेर शासकों की सूची और  उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान

Oct 30, 2017
चोल वंश सभी दक्षिण भारतीय राजवंशों में सबसे महान था। उन्होंने मालदीव और श्रीलंका जैसे समुद्री द्वीपों पर भी शासन किया जो दर्शाता है कि उनके पास बहुत ही कुशल और विशाल नौसैनिक शक्ति थी। यहां, हम आम जागरूकता के लिए चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

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