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भारतीय इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

जाने पुर्तगालियों के व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में

Aug 14, 2018
1579 ईस्वी में शासकीय फरमान के आधार पर पुर्तगालियों को नदी के तट तक सिमित कर दिया गया जो बंगाल में सतगाँव से थोड़ी दुरी पर था और वहां से वे व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित करते थे। विभिन्य वर्षों के दौरान, उन्होंने बड़े भवनों के निर्माण द्वारा अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी जिसने उनके व्यापार को सतगाँव से नये पतन हुगली की ओर प्रवासित किया। इस लेख में हमने पुर्तगालियों का व्यापारिक घटनाक्रम के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

15 अगस्त 1947 रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी?

Aug 14, 2018
15 अगस्त 1947 को भारत में स्वतंत्रता दिवस काफी उत्साह से मनाया जाता है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि 15 अगस्त 1947 को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाय जाता है और रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी. क्या कारण था इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में क्या अंतर है

Aug 14, 2018
भारत में ब्रिटिश सरकार समय-समय पर अधिनियम लाती रही है ताकि सरकार के कामकाज की जांच और प्रशासन प्रणाली में सुधार की जा सके। इसी सन्दर्भ में साइमन आयोग का गठन किया गया था। जिसके जवाब में मोतीलाल नेहरु ने एक मसौदा तैयार किया था जिसको ‘नेहरु रिपोर्ट’ कहा जाता है। इस लेख में हमने साइमन कमीशन रिपोर्ट तथा नेहरु रिपोर्ट में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

कौन सी संस्थाओं ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था

Aug 13, 2018
भारत के स्वंतंत्रता संग्राम में 'भारत छोड़ो आंदोलन' एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सम्पूर्ण भारत के गांव-गांव और शहर-शहर से लोग सभी बाधाओं को पार करते हुए एकजुट हुए और उन सबका एक ही मिशन था- साम्राज्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना। इस लेख में हमने उन संस्थाओं पर चर्चा किया हैं जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जहाँगीर ने ऐसा ना किया होता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता

Aug 13, 2018
1615 में जहांगीर के दरबार (मुगल सम्राट) में सर थॉमस रो की भारत यात्रा ने अंग्रेजों के लिए भारत में व्यापार के दरवाज़े खोल दिए, लेकिन जानने योग्य यह है कि भारतीय भूमि पर ऐसा क्या हुआ जिससे इस तुच्छ तथ्य ने जहांगीर के कदमो को भारतीय इतिहास में एक दिलचस्प झलक बना दी।  

कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची

Jul 27, 2018
1836 के बाद भारत के विभिन्न भागों में अनेक सार्वजनिक समितियाँ स्थापित हुई। इन सभी समितियों पर धनि तथा अभिजात्य लोगों का प्रभुत्य था, जिनको तब गणमान्य व्यक्त कहा जाता था, और इसका चरित्र प्रन्तिये तथा स्थानीय था। इस लेख में हमने कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

Jul 18, 2018
प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे। यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार ने कौन से कानून लागू किये थे

Jul 4, 2018
औपनिवेशिक काल के दौरान ब्रिटिश सरकार ने कई अधिनियम पारित किया था जो उनकी औपनिवेशिक सरकार को मजबूत कर सके और अदालती प्रणाली के माध्यम से अपनी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, कानूनी प्रक्रिया और विधि को स्थापित कर सके। इस लेख में हमने भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा लागू किये गए कानूनो पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध क्रन्तिकारी नेताओ के नाम और उनसे सम्बंधित घटनाओ की सूची

Jun 22, 2018
भारत की स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजों के विरुद्ध आन्दोलन दो प्रकार का था एक अहिंसक आन्दोलन एवं दूसरा सशस्त्र क्रान्तिकारी आन्दोलन। भारत में अंग्रेज़ी राज्य की स्थापना के साथ ही सशस्त्र विद्रोह का आरम्भ हो गया था। इस लेख में हमने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध क्रन्तिकारी नेताओ के नाम और उनसे सम्बंधित घटनाओ की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने क्यों गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना जाता है

Jun 21, 2018
गुप्तकाल सांस्कृतिक प्रस्फुटन या विकास का युग था। इस युग में धर्म, कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की अदभुत प्रगति हुई. इसलिए, अनेक विद्वानो ने गुप्तकाल को हिन्दू-पुनर्जागरण या स्वर्णयुग का काल माना है। इस लेख में हम पाठको का मार्गदर्शन करेंगे की गुप्तकाल को क्यों प्राचीन भारत का स्वर्ण युग माना जाता है।

क्या आप जानते हैं हड़प्पा सभ्यता के पतन के क्या-क्या कारण थे

May 30, 2018
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक है।1800 ई० पू० के आस-पास हड़प्पा सभ्यता के पतन के लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। इस सभ्यता का पतन कब और कैसे हुआ इस सम्बन्ध में अब भी मतभेद बना हुआ है। इस लेख में हमने हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों को के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची

May 29, 2018
वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। इस लेख में हमने वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

राममोहन रॉय और ब्रह्म समाज

May 22, 2018
सामाजिक और धार्मिक जीवन के कुछ पहलुओं के सुधार से प्रारंभ होने वाला जागरण ने समय के साथ देश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और  राजनीतिक जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया। 18वीं सदी के उत्तरार्ध में कुछ यूरोपीय और भारतीय विद्वानों ने प्राचीन भारतीय दर्शन,विज्ञान,धर्म और साहित्य का अध्ययन प्रारंभ किया। इस अध्ययन के द्वारा भारतीय अपने प्राचीन भारतीय ज्ञान से परिचित हुए,जिसने उनमें अपनी सभ्यता के प्रति गौरव का भाव जाग्रत किया।

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

विजयनगर साम्राज्य के स्रोतों की सूची

Mar 26, 2018
विजयनगर साम्राज्य की इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यतः तीन स्रोतों से प्राप्त होती है- विदेशियों का विवरण, स्वदेशी साहित्यिक कार्य तथा पुरातत्व-संबंधी साक्ष्य। इस लेख में हमने विजयनगर साम्राज्य के स्रोतों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं पांडुलिपि और शिलालेख में क्या अंतर है?

Mar 1, 2018
इतिहास लेखन तीन तरह के स्रोत जैसे साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों का विवरण और पुरातत्त्व सम्बन्धी साक्ष्य के आधार पर होता है। इस लेख में हमने पांडुलिपि और शिलालेख में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों की सूची

Feb 28, 2018
समिति और आयोग एक विशेषज्ञ लोगों की समूह को कहते है जो किसी विशिष्ट कार्य के लिए सरकार द्वारा गठित किये जाते हैं। इस लेख में, हमने ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों को सूचीबद्ध किया है, जो प्रशासकीय सुधारों, न्यायिक सुधारों या सामाजिक सुधारों के लिए बनाई गई थी।

मुगल सम्राट अकबर के महत्वपूर्ण कार्यों की सूची

Feb 28, 2018
जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था। वह मुगल साम्राज्य के संस्थापक जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का पौत्र और नासिरुद्दीन हुमायूं एवं हमीदा बानो का पुत्र था। इस लेख में हम मुगल सम्राट अकबर के महत्वपूर्ण कार्यों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

सल्तनत काल से पहले और बाद के प्रांतीय राज्यों की सूची

Feb 28, 2018
मध्यकालीन भारतीय इतिहास की शुरुवात गुप्ता साम्राज्य के पतन से लेकर दिल्ली सल्तनत के उदय और पतन के साथ-साथ मुगल साम्राज्य के उदय तक माना जाता है। इस लेख में सल्तनत काल से पहले और बाद के प्रांतीय राज्यों की सूची दी गयी है जो UPSC-prelims, SSC, State Services, NDA, CDS, और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी है।

सल्तनत काल से पहले और बाद के प्रांतीय राज्यों की सूची

Feb 27, 2018
मध्यकालीन भारतीय इतिहास की शुरुवात गुप्ता साम्राज्य के पतन से लेकर दिल्ली सल्तनत के उदय और पतन के साथ-साथ मुगल साम्राज्य के उदय तक माना जाता है। इस लेख में सल्तनत काल से पहले और बाद के प्रांतीय राज्यों की सूची दी गयी है जो UPSC-prelims, SSC, State Services, NDA, CDS, और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी है।

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