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भारतीय इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

प्राचीन जनपद एवं महाजनपदों की सूची

Apr 18, 2017
जनपद और महाजनपद काल 600 ईस्वी पूर्व की राज्यव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैंl कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक परिवर्तनों के कारण महाजनपद काल के उभरने की प्रक्रिया की शुरूआत हुई थी और इसके परिणामस्वरूप इस अवधि में सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव देखने को मिलता हैl इस लेख में हम प्राचीन जनपद और महाजनपदों की सूची दे रहे हैं जिससे आपको प्राचीन शासनशैली और तानाशाही स्थिति की बेहतर समझ प्राप्त होगीl

सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची

Apr 17, 2017
सल्तनतकाल मुख्य रूप से सैन्यवादी और कुलीन था और सुल्तानों के अधिकार का वास्तविक स्रोत सैन्य शक्ति थीl दिल्ली सल्तनत के शासकों को कृषि की अहमियत और तकनीकी सहायता के माध्यम से उसे बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, क्योंकि अनाज आंतरिक व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था, जबकि उस समय दास, नील, अफीम, मसालों और कपास से बने सामान का निर्यात किया जाता थाl इस लेख में हम सल्तनतकाल में इस्तेमाल होने वाले प्रशासनिक और कृषि से जुड़े शब्दों की सूची दे रहे हैं, जो स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी अध्ययन सामग्री हैl

चोल प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों की सूची

Apr 14, 2017
850 ईस्वी से 1200 ईस्वी के बीच दक्षिण भारत में चोल एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरे थेl इस दौरान तुंगभद्रा से आगे तक शासन करने वाले राष्ट्रकूटों और बाद में उनके उत्तराधिकारी कल्याणी के चालुक्यों के साथ उनका संघर्ष जारी रहाl चोल वंश की स्थापना विजयालय ने की थी जो पहले पल्लवों का सामंत थाl इस लेख में हम चोल प्रशासन स्थानों की सूची का विवरण दे रहे हैl

सल्तनतकालीन वास्तुकला स्थलों की सूची

Apr 12, 2017
सल्तनत काल की वास्तुकलाओं में नए सल्तनों की सौन्दर्य विरासत को प्रकट किया गया था जिसमें भारतीय-इस्लामी वास्तुकला जैसी धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों तरह की संरचनाएं शामिल थीl उदाहरण के लिए, हिन्दू मंदिरों के शिखर के विपरीत तत्कालीन मस्जिदों की प्रमुख विशेषता गुम्बद थीl इस लेख में हम सल्तनतकालीन वास्तुकला स्थलों का विवरण दे रहे हैं जिसमें हमने इमारत, स्थान और वास्तुकला की विशेषताओं को शामिल किया हैl

प्रमुख राजपूत राजवंश, उसकी राजधानी एवं संस्थापकों की सूची

Apr 11, 2017
भारत में राजपूतों का उदय हर्षवर्धन की मृत्यु और प्रतिहार साम्राज्य के विघटन का परिणाम थाl 7वीं शताब्दी से लेकर अगले 500 वर्षों तक भारतीय राजनीतिक परिदृश्य पर राजपूतों का प्रभुत्व रहाl उनका संबंध भारतीय उपमहाद्वीप के क्षत्रिय परिवारों से था। उन्होंने राजस्थान, सौराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और बिहार में योद्धाओं, उद्यमियों और जमीनदार (भूमि मालिक) के रूप में शासन कियाl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश का संक्षिप्त विवरण

Apr 10, 2017
दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी वंश भारत का पहला अफगान पश्तून राजवंश था, जिसने 1451 से 1526 ईस्वी तक शासन किया थाl इस राजवंश का उदय सैय्यद वंश के बाद हुआ था तथा यह वह समय था जब प्रशासन में सुधार, सेना को मजबूत बनाना, भूमि राजस्व के लिए मशीनरी तैयार करना, खेती का विस्तार एवं सुधार तथा लोगों के कल्याण जैसे कामों को अंजाम दिया गया थाl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत लोदी राजवंश का सम्पूर्ण विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत सैय्यद राजवंश का संक्षिप्त विवरण

Apr 10, 2017
सैय्यद राजवंश की स्थापना खिज्र खान ने की थी, जो मुल्तान का राज्यपाल था और भारत में तैमूर का उत्तराधिकारी थाl इस राजवंश के चार शासकों- खिज्र खान, मुबारक, मुहम्मद शाह और आलम शाह ने 1414 से 1451 के बीच 37 वर्षों तक शासन किया थाl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत शासन करने वाले सैय्यद राजवंश का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत के दौरान किए गए सैन्य सुधारों का संक्षिप्त विवरण

Apr 7, 2017
दिल्ली सल्तनत के सुल्तान पूर्ण रूप से तानाशाह थे और उनके अधिकार का वास्तविक स्रोत सैन्य शक्ति थाl दिल्ली सल्तनत की सेना में शाही अंगरक्षक और राजधानी में रहने वाले सैनिकों के अलावा अमीरों, वलियों और इक़्तेदारों की सेवा में कार्यरत सैनिक शामिल थेl इस लेख में हम विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के उम्मीदवारों के लिए दिल्ली सल्तनत के दौरान किए गए सैन्य सुधारों का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैंl

क्यों मुगल,मौर्यों और मराठों ने कभी दक्षिणी भारत पर आक्रमण नहीं किया?

Mar 8, 2017
भारत के उस भाग को "दक्षिण भारत" के नाम से जाना जाता है, जहां द्रविड़ भाषाएं बोली जाती हैंl इसमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैंl इस क्षेत्र का अधिकांश भाग कई बार मौर्यों, दिल्ली सल्तनत और मुगलों के अधीन रहा हैl मूल रूप से जो छोड़ दिया गया था वो केरल और दक्षिणी तमिलनाडु है। अब सवाल यह उठता है कि उत्तर भारत की तरह इन साम्राज्यों का विस्तार दक्षिण भारत में क्यों नहीं हो पायाl

संगम युग के प्रमुख राजवंशों का संक्षिप्त विवरण

Dec 13, 2016
संगम युग का कालक्रम तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से चौथीं शताब्दी ईस्वी तक था और इस युग को संगम युग इसलिए कहा जाता है क्योंकि उस समय कवियों और विद्वानों का एक परिषद् था जिसे संगम कहा जाता था| यहाँ हम संगम युग के प्रमुख राजवंशों का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

बौद्ध धर्म, बुद्ध की शिक्षा, बौद्ध संगीति और बौद्ध धर्म में गिरावट के कारणों का संक्षिप्त विवरण

Dec 12, 2016
बौद्ध धर्म स्वभावतः नास्तिक है और वह लौकिक उन्नति और अवनति में विश्वास करता है| यहाँ हम बौद्ध धर्म का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जिससे छात्रों एवं बौद्ध धर्म के बारे में जानने को इच्छुक व्यक्तियों को बौद्ध धर्म, बुद्ध की शिक्षा, बौद्ध धर्म के प्रसार और भारतीय संस्कृति पर इसके योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त होगी|

बिहार में हुए आदिवासी विद्रोहों की सूची

Dec 7, 2016
बिहार के आदिवासी विद्रोह ज्यादातर असंगठित, स्थानीय और समय– समय पर होने वाले विद्रोह थे। ये विद्रोह मुख्य रूप से ब्रिटिश सरकार द्वारा आदिवासियों और आदिवासियों की जमीन के शोषण से संबंधित और बाहरी लोगों को उनकी जमीन देने से जुड़े थे। यहां, हम 'बिहार के आदिवासी विद्रोहों' की सूची दे रहे हैं। इसमें तारीख, इससे जुड़े लोगों के साथ– साथ विद्रोह की प्रकृति और उद्देश्य भी दिए जा रहे हैं।

वैदिककालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं महिलाओं की स्थिति का संक्षिप्त विवरण

Dec 6, 2016
आर्यों एवं वैदिक काल के बारे में जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद और वेदांग हैं| यहाँ, हम “वैदिककालीन राजनीतिक, सामाजिक एवं महिलाओं की स्थिति का संक्षिप्त विवरण” प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

Nov 23, 2016
प्राचीन भारत के वैज्ञानिकों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया है| यहाँ हम प्राचीन भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिए गए बहुमूल्य योगदान का सक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके योगदान का संक्षिप्त विवरण

Nov 21, 2016
भारत का इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है| यहाँ हम "प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके योगदान” का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्रमुख एवं लघु शिलालेखों तथा स्तंभलेखों की सूची

Nov 15, 2016
शिलालेखों में मूल रूप से राज्य को चलाने में सहायक व्यावहारिक निर्देश जैसे- सिंचाई प्रणालियों की योजना, सम्राटों के शांतिपूर्ण नैतिक व्यवहार की व्याख्या की गई थी| इन शिलालेखों की व्याख्या सर्वप्रथम ब्रिटिश पुरातत्वविद् और इतिहासकार जेम्स प्रिंसेप द्वारा की गई थी|

भारत में सूफी आन्दोलन का संक्षिप्त विवरण

Nov 11, 2016
“सूफी” शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द “सफा” से हुई है जिसके दो अर्थ हैं- पहला, ऐसे व्यक्ति जो ऊनी वस्त्र पहनते हैं और दूसरा, शुद्धता और पवित्रता| सूफीवाद कुरान की उदार व्याख्या, जिसे “तरीकत” कहा जाता है, के साथ जुड़ा हुआ है। शरीयत में कुरान की रूढ़िवादी व्याख्या की गई है। सूफीवाद का मानना है कि “हक” (ईश्वर) और “खलक” (आत्मा) एक ही है|

विभिन्न बौद्ध संगीतियों के आयोजनस्थल, संरक्षक एवं परिणाम की सूची

Nov 10, 2016
बौद्ध दर्शन जीवन में किसी भी क्षेत्र में अति से बचने की हिदायत देता है, चाहे वह जीवन की सांसारिक सुख की लत हो, दर्दनाक तप हो या आत्म-वैराग्य हो| बौद्ध धर्म ने भारतीय संस्कृति के बौद्धिक, साहित्यिक, कला और वास्तु के क्षेत्र में एक नई शक्ति प्रदान की थी| यहाँ हम विभिन्न बौद्ध संगीतियों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

छठी शताब्दी ई.पू. के प्रमुख भारतीय गणराज्यों की सूची

Nov 8, 2016
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत में महाजनपदों के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार एवं या सिंधु घाटी में कई गणराज्यों का अस्तित्त्व था| इन गणराज्यों में, वास्तविक शक्ति जनजातीय कबीलों के हाथों में था| यहाँ हम छठी शताब्दी ई.पू. के विभिन्न भारतीय गणराज्यों की सूची दे रहे हैं जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है|

मध्यपाषाणकालीन एवं नवपाषाणकालीन भारतीय स्थलों की सूची

Nov 7, 2016
मध्य पाषाणकाल की प्रमुख विशेषता छोटे नुकीले और तेज धार वाले पत्थर के औजार हैं, जबकि नवपाषाणकाल की प्रमुख विशेषता चिकने पत्थर के उपकरणों का प्रयोग और कृषि की शुरुआत है| यहाँ हम मध्यपाषाणकालीन एवं नवपाषाणकालीन भारतीय स्थलों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

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