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भारतीय राजव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है और इसे पेश करने की क्या प्रक्रिया है?

Jul 20, 2018
अविश्वास प्रस्ताव एक संसदीय प्रस्ताव है, जिसे विपक्ष द्वारा लोकसभा में केंद्र सरकार को गिराने या कमजोर करने के लिए रखा जाता है. यह प्रस्ताव संसदीय मतदान द्वारा पारित या अस्वीकार किया जाता है. अब तक 26 बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है.

यदि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाता है तो क्या-क्या बदल जायेगा?

Jul 5, 2018
सन 1991 में 69वें संविधान संशोधन से दिल्ली को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया, साथ ही लेफ्टिनेंट गवर्नर को दिल्ली का प्रशासक नामित किया गया था. संविधान के अनुच्छेद 239A के तहत दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है.

सरकार UGC की जगह “उच्च शिक्षा आयोग” क्यों बनाना चाहती है?

Jun 29, 2018
केंद्र सरकार; यूजीसी अधिनियम, 1956 को निरस्त करके उसके स्थान पर 'भारत के उच्च शिक्षा आयोग, 2018 बिल संसद के मानसून सत्र में लाने पर विचार कर रही है. सरकार के इस कदम से फर्जी व खराब गुणवत्ता वाले संस्थानों को बंद करने का रास्ता साफ होगा. उच्च शिक्षा आयोग का आदेश नहीं मानने वाले संस्थान के खिलाफ जुर्माना और भारतीय दंड संहिता के हिसाब से 3 साल तक की सजा दिलाने का प्रावधान होगा.

उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश को हटाने की क्या प्रक्रिया है?

Jun 27, 2018
उच्चतम न्यायालय (SC) के न्यायधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है. S.C. के मुख्य न्यायधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति, S.C. के अन्य न्यायधीशों एवं उच्च न्यायालयों के न्यायधीशों की सलाह के बाद करता है. राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश को पद से हटाया जा सकता है हालाँकि न्यायधीश को हटाने की प्रक्रिया संसद के दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित करायी जाती है.

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर्स की सूची

Jun 22, 2018
वर्ष 1991 में 69वें संवैधानिक संशोधन ने दिल्ली को “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र”, दिल्ली के रूप में विशेष का दर्जा दिया था. इसी समय से यहाँ पर विधानसभा व मंत्रिमंडल का गठन किया गया. 69वें संशोधन के बाद दिल्ली का शासन लेफ्टिनेंट गवर्नर को सौंप दिया गया था. इस संशोधन के पहले यहाँ पर महानगरीय परिषद् और कार्यकारी परिषद् थी. आदित्य नाथ झा, आईसीएस दिल्ली के पहले प्रशासक थे जो कि 7 नवंबर 1966 से 19 जनवरी 1972 तक इस पद पर रहे थे.

भारत के संघ शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर और प्रशासकों की सूची

Jun 20, 2018
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत के राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. ये श्रेणियां हैं; राज्य क्षेत्र, केंद्र शासित प्रदेश और अर्जित राज्य क्षेत्र. वर्तमान में भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं लेकिन अर्जित राज्य एक भी नहीं है. भारत के 7 केंद्र शासित प्रदेशों में से 4 का शासन प्रशासक के द्वारा चलाया जाता है जबकि 3 का शासन लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से किया जाता है.

जानें क्यों जम्मू & कश्मीर में ही राज्यपाल शासन लगाया जाता है?

Jun 20, 2018
जम्मू & कश्मीर राज्य का अपना संविधान है और इसका प्रशासन इसी के द्वारा चलाया जाता है. भारत के अन्य राज्यों में जब शासन संविधान के अनुसार नहीं चलाया जाता है तो वहां पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है लेकिन जब जम्मू & कश्मीर में संविधान के अनुसार शासन नही चलता है तो वहां पर J&K के संविधान के सेक्शन 92 के तहत राज्यपाल शासन लगाया जाता है.

10 ऐसे विशेष कानून जो सिर्फ जम्मू और कश्मीर पर ही लागू होते हैं?

Jun 20, 2018
जम्मू और कश्मीर भारतीय संघ में एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसका अपना अलग राज्य संविधान है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 राज्य को विशेष दर्जा देता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं उन कानूनों के बारे में जो सिर्फ जम्मू और कश्मीर पर ही लागू होते हैं.

दिल्ली के उप-राज्यपाल की क्या शक्तियां हैं?

Jun 19, 2018
इस समय भारत के तीन राज्यों (दिल्ली, पुदुचेरी और अंडमान निकोबार द्वीप) में उपराज्यपाल के माध्यम से शासन किया जा रहा है जबकि चंडीगढ़, दमन एवं दीव और लक्षद्वीप में प्रशासक के माध्यम से शासन किया जा रहा है. सन 1991 में 69वें संविधान संशोधन से दिल्ली को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया और इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया, साथ ही लेफ्टिनेंट गवर्नर को दिल्ली का प्रशासक नामित किया गया.

अब तक के सभी लोकसभा चुनावों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं?

Jun 14, 2018
भारत में लोकसभा के सबसे पहले आम चुनाव 1952 में हुए थे. इस चुनाव में 489 लोक सभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 364 सीटें जीती थीं जबकि जनसंघ को केवल 3 सीटों पर जीत मिली थी. वर्ष 1952 में हुए लोक सभा आम चुनावों के बाद अब तक कुल 16 लोकसभा चुनाव भारत में कराये जा चुके हैं. इस लेख में हम भारत के पहले लोक सभा चुनाव से लेकर अभी तक के चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जीती गयी सीटों के बारे में बताया गया है.

जानें राष्ट्रपति शासन लागू होने पर क्या-क्या बदल जाता है?

Jun 11, 2018
भारतीय संविधान में अनुच्छेद 352 से 360 तक आपातकालीन उपबंधों के बारे में प्रावधान दिए गए हैं. भारत में 1950 से 2018 तक 125 बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है. भारत में राष्ट्रपति शासन सबसे पहले पंजाब में 1951में लगाया गया था. अब तक लगभग सभी राज्यों में 1 या एक से अधिक बार इसका प्रयोग किया जा चुका है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों की सूची

May 24, 2018
कर्नाटक राज्य का गठन 25 अक्टूबर 1947 को हुआ था. इसके गठन के समय राज्य को मैसूर के नाम से जाना जाता था. लेकिन मैसूर को 1 नवंबर 1973 से कर्नाटक के रूप में जाना जाता है. कर्नाटक में द्विसदनीय विधायिका है जिसमें MLC की 75 सीटें और 224 MLA हैं. कांग्रेस के K. चेङ्गलराय रेड्डी मैसूर (अब कर्नाटक) राज्य के पहले मुख्यमंत्री (अक्टूबर 1947- मार्च 1952) थे. वर्तमान में एच.डी. कुमारस्वामी ने गठबंधन सरकार बनाई है और 23 मई को मुख्यमंत्री का पद संभाला है.

UPSC के पूर्व अध्यक्षों की सूची

May 11, 2018
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भारत में केंद्रीय भर्ती एजेंसी है. यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है. संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 में UPSC की संरचना के संबंध में विस्तृत प्रावधान हैं. UPSC में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. UPSC के सदस्यों और अध्यक्ष का कार्यकाल 6 साल या 65 वर्ष की उम्र तक होता है.

आदर्श चुनाव आचार संहिता किसे कहते हैं?

May 11, 2018
भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव से सम्बंधित दिशा-निर्देश बनाये जाते हैं. इन नियमों को चुनाव आदर्श आचार संहिता भी कहा जाता है. इस लेख में हमने बताया है कि कौन कौन से कार्य चुनाव आदर्श आचार संहिता में शामिल किये जाते हैं अर्थात राजनीतिक दलों को कौन से कार्य करने की छूट नहीं है.

सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) क्या है?

Apr 30, 2018
सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) की जरूरत उपद्रवग्रस्त पूर्वोत्तर में सेना को कार्यवाही में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था. जब 1989 के आस पास जम्मू & कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने लगा तो 1990 में इसे वहां भी लागू कर दिया गया था. AFSPA अभी भी देश के इन राज्यों में लागू है. ये राज्य हैं; कश्मीर, मणिपुर, मिजोरम, असम, नागालैंड में भी लागू है.

कॉलेजियम सिस्टम क्या होता है?

Apr 30, 2018
कॉलेजियम सिस्टम का भारत के संविधान में कोई जिक्र नही है. यह सिस्टम 28 अक्टूबर 1998 को 3 जजों के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के जरिए प्रभाव में आया था. कॉलेजियम सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों का एक पैनल जजों की नियुक्ति और तबादले की सिफारिश करता है. कॉलेजियम की सिफारिश मानना सरकार के लिए जरूरी होता है.

POCSO एक्ट क्या है और कैसे बच्चों को यौन शोषण से संरक्षण प्रदान करता है?

Apr 26, 2018
पोक्सो, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act – POCSO) का संक्षिप्त नाम है.पोक्सो एक्ट-2012 के अंतर्गत बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न और यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने पोक्सो एक्ट-2012 बनाया था.

भारत की परमाणु नीति क्या है?

Apr 24, 2018
भारत ने 2003 में अपना परमाणु सिद्धांत अंगीकार किया था. भारत की परमाणु नीति का मूल सिद्धांत " पहले उपयोग नही" है. इस नीति के अनुसार भारत किसी भी देश पर परमाणु हमला तब तक नही करेगा जब कि वह देश भारत के ऊपर हमला नही कर देता है. भारत के पास परमाणु हथियारों की संख्या लगभग 110 -130 के बीच मानी जाती है जबकि पाकिस्तान के पास 130 से 150 के बीच परमाणु हथियार हैं.

भारत का गुजराल सिद्धांत क्या है?

Apr 20, 2018
गुजराल सिद्धांत का प्रतिपादन भारत की विदेश नीति में मील का पत्थर माना जाता है. इसका प्रतिपादन देवगौड़ा सरकार में विदेश मंत्री रहे श्री इंदर कुमार गुजराल ने 1996 में किया था. यह सिद्धांत कहता है कि भारत को दक्षिण एशिया का बड़ा देश होने के नाते अपने छोटे पड़ोसियों को एकतरफ़ा रियायत दे और उनके साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध रखे.

किसी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कब मिलता है?

Apr 17, 2018
भारत का निर्वाचन आयोग, देश में चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक दलों को पंजीकृत करता है और चुनाव में उनके प्रदर्शन के आधार पर उनको राष्ट्रीय या प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्रदान करता है. 13 अप्रैल 2018 की तारीख में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर राष्ट्रीय दलों की संख्या 7, राज्य स्तरीय दलों की संख्या 24 और गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों की संख्या 2044 थी.

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