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भारतीय राजव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

देश में किन परिस्तिथियों में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया जा सकता है?

Jun 25, 2019
भारत में पहला आपातकाल इंदिरा गाँधी की सरकार ने 25 जून 1975 को लगाया था. भारत के संविधान में 3 प्रकार के आपातकालों का उल्लेख है. राष्ट्रीय आपातकाल को अनुच्छेद 352, राष्ट्रपति शासन के लिए अनुच्छेद 356 और वित्तीय आपातकाल के लिए अनुच्छेद 360 का प्रबंध किया गया है. इस लेख में हम आपको यह बता रहे हैं कि राष्ट्रीय आपातकाल को किन परिस्तिथियों में लगाया जाता है.

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में स्थापित पोर्ट्रेट की सूची

Jun 20, 2019
संसद भवन के सेंट्रल हॉल ने भारत की कई महान हस्तियों की तस्वीरें लगाकर सम्मानित किया गया है. अब तक संसद के सेंट्रल हॉल में भारत की महान 25 हस्तियों के चित्रों का अनावरण किया जा चुका है. हाल ही में दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक बड़े चित्र का राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनावरण किया है.

भारत के लोकसभा अध्यक्षों की सूची

Jun 18, 2019
भारत में लोकसभा का अध्यक्ष संसद के निम्न सदन (लोक सभा) का सभापति होता है। लोकसभा-अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा चुनावों के बाद, लोकसभा की सर्वप्रथम बैठक में ही कर लिया जाता है, जो कि संसद के सदस्यों में से ही पाँच साल के लिए चुना जाता है। श्री जी.वी. मावलंकर लोकसभा के पहले लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) थे। 17वीं लोकसभा के स्पीकर श्री ओम बिरला होंगे; वे राजस्थान के कोटा निर्वाचन क्षेत्र से आते हैं.

POCSO एक्ट क्या है और कैसे बच्चों को यौन शोषण से संरक्षण प्रदान करता है?

Jun 7, 2019
पोक्सो, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act – POCSO) का संक्षिप्त नाम है.पोक्सो एक्ट-2012 के अंतर्गत बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न और यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने पोक्सो एक्ट-2012 बनाया था.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के क्या-क्या कार्य होते हैं?

Jun 3, 2019
भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद को सबसे पहले 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सृजित किया था. ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति भारत के प्रधानमन्त्री के द्वारा की जाती है. वर्तमान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल हैं. अब तक इस पद पर 5 व्यक्ति रह चुके हैं. इस लेख में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यों के बारे में बताया गया है.

संसद की एक सत्र की कार्यवाही: व्यय का ब्यौरा

Jun 3, 2019
भारत की संसद के तीन अंग; राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा हैं | वर्तमान में भारत की संसद में 790 सदस्य हैं | भारत की संसद के तीन सत्र होते है जिनमे लगभग पूरे वर्ष में 100 दिन संसद में कार्य होता है | संसद चलाने का कुल बजट प्रतिवर्ष लगभग रुपए 600 करोड़ है; इसका मतलब यह है, प्रतिदिन की कार्यवाही पर लगभग रुपए 6 करोड़ खर्च हो जाते हैं।

भारत के 7 प्रधानमंत्री और उनकी अद्भुत कारें

May 18, 2019
प्रधानमंत्री निचले सदन का नेता होता है| वह देश की राजनीतिक -प्रशासनिक व्यवस्था में अति महत्वपूर्ण एवं अहम भूमिका निभाता है| ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है| प्रधानमंत्री वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के काफिले से एम्बेसडर कार "सेडान" को हटाकर आलीशान बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज की बुलेट प्रूफ लक्जरी सैलून को शामिल किया| तब से भारत के सभी प्रधानमंत्री बीएमडब्ल्यू सीरीज के वाहन से ही यात्रा करते हैं| आइए प्रधानमंत्रियों की कारों के बारे मे और जानकारी प्राप्त करते हैं|

आदर्श चुनाव आचार संहिता किसे कहते हैं?

May 17, 2019
भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव से सम्बंधित दिशा-निर्देश बनाये जाते हैं. इन नियमों को चुनाव आदर्श आचार संहिता भी कहा जाता है. इस लेख में हमने बताया है कि कौन-कौन से कार्य चुनाव आदर्श आचार संहिता में शामिल किये जाते हैं अर्थात राजनीतिक दलों को कौन से कार्य करने की छूट नहीं है.

चुनाव आयोग द्वारा भारतीय चुनावों में खर्च की अधिकत्तम सीमा क्या है?

May 17, 2019
चुनाव आयोग ने हाल ही में प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए व्यय सीमा बड़े राज्यों में 40 लाख रुपए से बढाकर 70 लाख और छोटे राज्यों में लोकसभा चुनावों के लिए यह सीमा 22 लाख रुपये से बढाकर 54 लाख कर दी है| विधान सभा में चुनाव के लिए बड़े राज्यों में चुनाव खर्च की अधित्तम सीमा 16 लाख से बढाकर 28 लाख रुपये कर दी है |

कॉलेजियम सिस्टम क्या होता है?

May 9, 2019
कॉलेजियम सिस्टम का भारत के संविधान में कोई जिक्र नही है. यह सिस्टम 28 अक्टूबर 1998 को 3 जजों के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के जरिए प्रभाव में आया था. कॉलेजियम सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों का एक पैनल जजों की नियुक्ति और तबादले की सिफारिश करता है. कॉलेजियम की सिफारिश (दूसरी बार भेजने पर) मानना सरकार के लिए जरूरी होता है.

भारत की परमाणु नीति क्या है?

May 9, 2019
भारत ने 2003 में अपना परमाणु सिद्धांत अंगीकार किया था. भारत की परमाणु नीति का मूल सिद्धांत " पहले उपयोग नही" है. इस नीति के अनुसार भारत किसी भी देश पर परमाणु हमला तब तक नही करेगा जब कि वह देश भारत के ऊपर हमला नही कर देता है. भारत के पास परमाणु हथियारों की संख्या लगभग 110 -130 के बीच मानी जाती है जबकि पाकिस्तान के पास 130 से 150 के बीच परमाणु हथियार हैं.

भारत में पंचायती राज व्यवस्था: संरचना और विशेषताएं

Apr 24, 2019
पंचायत भारतीय समाज की बुनियादी व्यवस्थाओं में से एक रहा है. वर्तमान में हमारे देश में 2.51 लाख पंचायतें हैं, जिनमें 2.39 लाख ग्राम पंचायतें, 6904 ब्लॉक पंचायतें और 589 जिला पंचायतें शामिल हैं. देश में 29 लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधि हैं. भारत में पंचायती राज की स्थापना 24 अप्रैल 1992 से मानी जाती है.

अब तक के सभी लोकसभा चुनावों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं?

Apr 18, 2019
भारत में लोकसभा के सबसे पहले आम चुनाव 1951 में हुए थे. इस चुनाव में 489 लोक सभा सीटों के लिए चुनाव हुए थे. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 364 सीटें जीती थीं जबकि जनसंघ को केवल 3 सीटों पर जीत मिली थी. वर्ष 1952 में हुए लोक सभा आम चुनावों के बाद अब तक कुल 16 लोकसभा चुनाव भारत में कराये जा चुके हैं. इस लेख में हम भारत के पहले लोक सभा चुनाव से लेकर अभी तक के चुनावों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जीती गयी सीटों के बारे में बताया गया है.

किसी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा कब मिलता है?

Apr 15, 2019
भारत का निर्वाचन आयोग, देश में चुनाव लड़ने के लिए राजनीतिक दलों को पंजीकृत करता है और चुनाव में उनके प्रदर्शन के आधार पर उनको राष्ट्रीय या प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्रदान करता है. 15 अप्रैल 2019 की तारीख में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर राष्ट्रीय दलों की संख्या 7, राज्य स्तरीय दलों की संख्या 35 और गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों की संख्या 2044 थी.

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम): इतिहास और कार्यप्रणाली

Apr 11, 2019
भारत में पहली बार evm का प्रयोग 1982 में केरल से शुरू हुआ था. भारत में प्रत्येक लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन द्वारा ही संपन्न होती है। पुराने कागजी मतपत्र प्रणाली की तुलना में ईवीएम के द्वारा वोट डालने और परिणामों की घोषणा करने में कम समय लगता है। इस लेख में हम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इतिहास और उसकी कार्यप्रणाली का विवरण दे रहे हैं जिससे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बारे में आपकी समझ विकसित होगी।

भारत के सभी राष्ट्रपतियों की सूची, कार्यकाल एवं उनका राजनीतिक सफर

Apr 8, 2019
राष्ट्रपति को भारत में प्रथम नागरिक माना जाता है. यह देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद है. निर्वाचक मंडल भारत के राष्ट्रपति का चुनाव करता है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बिना भारत में कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता है. इस लेख के माध्यम से अब तक जितने राष्ट्रपति चुने गए है उनकी सूची दी जा रही है और साथ ही उनसे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दिया जा रहा है.

चुनावी बॉन्ड क्या है, जानिए 12 रोचक तथ्य?

Apr 4, 2019
केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे की राशि में पारदर्शिता लाने के लिए 1,000 रुपए, 10,000 रुपए, एक लाख रुपए, 10 लाख रुपए और एक करोड़ रुपए के मूल्य में चुनावी बांड जारी किये हैं. इन बांड को स्टेट बैंक की चुनिन्दा शाखाओं से खरीदा जा सकता है. इस लेख में इन चुनावी बांड्स के बारे में 12 रोचक तथ्य बताये जा रहे हैं.

भारत में देशद्रोह के अंतर्गत कौन कौन से काम आते हैं?

Apr 2, 2019
यदि देश का कोई नागरिक देश के संसाधनों का उपयोग करता है तो उस नागरिक का यह कर्तव्य है कि जरुरत पड़ने पर देश की सेवा के लिए भी तैयार रहे. लेकिन कुछ लोग देश के संसाधनों का उपयोग देश के खिलाफ ही करने लगते हैं. इसलिए ऐसे लोगों को देश का हितैषी नहीं कहा जाता है. हालाँकि यह भी सच है कि बहुत से लोग यह नहीं जानते कि आखिर कौन से काम देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं. इस लेख में ऐसे ही कार्यों के बारे में बताया जा रहा है जो कि देशद्रोह के अंतर्गत आते हैं.

भारत की 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों का इतिहास

Mar 28, 2019
भारत में राष्ट्रीय पार्टीयों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं की मदद करना और पार्टी या उम्मीदवार को याद रखने में मदद कराना है. भारतीय गणराज्य के प्रारंभिक दिनों से ही चुनाव चिन्ह का काफी महत्व रहा है, जिसकी वजह से आम नागरिक चुनाव चिन्हों की मदद से राजनीतिक पार्टीयों को याद रखते है और उन्हें वोट देते है. जब कोई राजनीतिक पार्टी अपने लिए चुनाव चिन्ह का चयन करती है तो इसके संबंध में अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग का ही होता है. इस लेख के माध्यम से 7 राष्ट्रीय पार्टियों के चुनाव चिन्हों के निर्धारण के पीछे के इतिहास को जानने की कोशिश करेंगे.

ताशकंद समझौता:जानें क्यों भारत जीतकर भी हार गया?

Mar 28, 2019
पाकिस्तान ने कश्मीर पर कब्ज़ा करने के लिए ऑपरेशन जिब्राल्टर चलाया था जिसके फेल होने के कारण दोनों देशों के बीच 1965 का युद्ध हुआ था. इस युद्ध को शांत करने के लिए दोनों देशों के बीच 10 जनवरी 1966 को ताशकंद समझौता हुआ था. इस लेख में हम आपको यह बता रहे हैं कि यह समझौता किस प्रकार और किन परिस्तिथियों के हुआ था.

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