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भारतीय राजव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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महाराष्ट्र के सभी मुख्यमंत्रियों की सूची

Nov 28, 2019
महाराष्ट्र को भारत के सबसे धनी राज्य के रूप में जाना जाता है. इसका गठन 1 मई 1960 को हुआ था. महाराष्ट्र बनने से पहले; इसे बॉम्बे स्टेट के नाम से जाना जाता था. महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं जो कि भारत में तीसरी सबसे अधिक संख्या हैं. श्री यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री थे. आज 28 नवम्बर 2019 को उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री की शपथ ली है.

उद्धव ठाकरे: जीवन परिचय, परिवार और उपलब्धियां

Nov 27, 2019
उद्धव ठाकरे भारत के सबसे अमीर राज्य महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री होंगे और वे 28 नवंबर 2019 को महाराष्ट्र में शपथ लेंगे. उद्धव ठाकरे शिवसेना के वर्तमान प्रमुख हैं. उनका जन्म 27 जुलाई, 1960 को मुंबई में हुआ था. उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र के फायर ब्रांड नेता स्व.बाला साहब ठाकरे के बेटे हैं.

देश में किन परिस्तिथियों में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया जा सकता है?

Nov 26, 2019
भारत के संविधान में 3 प्रकार के आपातकालों का उल्लेख है. राष्ट्रीय आपातकाल को अनुच्छेद 352, राष्ट्रपति शासन के लिए अनुच्छेद 356 और वित्तीय आपातकाल के लिए अनुच्छेद 360 का प्रबंध किया गया है. भारत में पहला राष्ट्रीय आपातकाल इंदिरा गाँधी की सरकार ने 25 जून 1975 को लगाया था जबकि देश में वित्तीय आपातकाल अभी तक नहीं लगाया गया है.    

जानिए भारत के किस राज्य के विधायक की सैलरी कितनी है?

Nov 26, 2019
भारत में 31 राज्यों (दिल्ली और पुदुचेरी को मिलाकर) में कुल 4120 विधायक हैं. जिसमें अकेले बीजेपी के पास 1326 और कांग्रेस के पास 843 विधायक हैं. विधायक को हर महीने कुछ सैलरी के अलावा अपने क्षेत्र के विकास के लिए फण्ड दिया जाता है जो कि हर साल 1 करोड़ रुपये से लेकर 4 करोड़ रुपये तक होता है. आइये इस लेख में जानते हैं कि भारत के किस प्रदेश के विधायक को सबसे अधिक सैलरी मिलती है?

दलबदल विरोधी कानून क्या है और इसके क्या प्रावधान हैं?

Nov 25, 2019
दलबदल विरोधी कानून; भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची जोड़ा गया है जिसे संविधान के 52वें संशोधन के माध्यम से वर्ष 1985 में पारित किया गया था. इस कानून के माध्यम से एक पार्टी से दूसरी पार्टी में जाने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल बदल को रोकना था.

लोकसभा सदस्यों की पार्टीवार सूची 2019

Nov 20, 2019
17 वीं लोकसभा के लिए आम चुनाव, 11 अप्रैल 2019 से 19 मई 2019 तक सात चरणों में हुए थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), 303 सीटें जीतने के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. लोकसभा चुनाव 2019 में कुल वोट शेयर के मामले में भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है.

भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल: कार्य और शक्तियां

Nov 20, 2019
देश के पहले लोकपाल के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश पिनाकी चन्द्र घोष को राष्ट्रपति ने लोकपाल बना दिया है. लोकपाल, राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी निकाय है, जो लोकपाल अधिनियम 2013 के पास होने के बाद 1 जनवरी 2014 से लागू हो गया है. इसकी निगरानी में सभी लोक सेवक आयेंगे जिनमें भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं. 

सुप्रीम कोर्ट के सभी मुख्य न्यायधीशों की सूची

Nov 18, 2019
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत, भारत के मुख्य न्यायाधीश को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है. वह 65 वर्ष की आयु तक का कार्यालय संभाल सकता है. वर्तमान में भारत के सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित 34 न्यायाधीश है और मुख्य न्यायधीश में रूप में श्री शरद अरविंद बोबड़े कार्य कर रहे हैं.

भारत के सुप्रीम कोर्ट से संबंधित अनुच्छेदों की सूची

Nov 18, 2019
भारतीय संविधान के भाग 5 में अनुच्छेद 124 से लेकर 147 तक इस न्यायलय के गठन, शक्तियों और न्याय प्रक्रिया का उल्लेख है. वर्तमान सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित 34 न्यायाधीश हैं. वर्तमान में न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे भारत के 47 वें मुख्य न्यायाधीश है उन्होंने श्री रंजन गोगोई का स्थान लिया है. भारत का उच्चतम न्यायालय  26 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया था लेकिन इसका उद्घाटन 28 जनवरी, 1950 को हुआ था.

जानिये कैसे तय होता है कि लोक सभा में कौन सांसद कहाँ बैठेगा?

Nov 15, 2019
लोक सभा चैम्बर में 550 सदस्यों के बैठने के लिए सीटें लगायी गयी हैं. सीटों को छह ब्लॉक में बांटा गया है, प्रत्येक ब्लॉक में ग्यारह पंक्तियां हैं. ब्लॉक नंबर 1 जो कि स्पीकर के दायीं ओर है और ब्लॉक नंबर 6 स्पीकर के बाईं ओर है. इन दोनों ब्लॉक्स में 97-97 सीटें हैं. बाकी के सभी 4 ब्लॉक्स में 89-89 सीटें हैं.

T.N. शेषन: भारत में चुनाव सुधार के सूत्रधार

Nov 11, 2019
टी. एन. शेषन लोकप्रिय रूप से भारत में चुनाव सुधारों के सूत्रधार के रूप में जाने जाते हैं. टी. एन. शेषन 12 दिसंबर 1990 से 11 दिसंबर 1996 तक भारत के 10वें मुख्य चुनाव आयोग थे. उनका जन्म 15 दिसंबर 1932 को पलक्कड़, मद्रास प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश इंडिया (अब केरल, भारत) में हुआ था और 10 नवंबर 2019 को कार्डियक अरेस्ट से उनकी मृत्यु हो गई है.

लाल कृष्ण आडवाणी: पारिवारिक पृष्टभूमि, करियर और किताबें

Nov 8, 2019
लाल कृष्ण आडवाणी, भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं. अडवानी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची, पाकिस्तान में हुआ था. उन्हें संसद के सदस्य के रूप में 8 बार चुना गया था. आडवाणी की एक आत्मकथात्मक पुस्तक का नाम है; My Country My Life. आज 8 नवंबर, 2019 को आडवाणी जी का 92 वां जन्मदिन है.

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड: इतिहास, कार्य और जरूरी तथ्य

Nov 2, 2019
देश को आतंकी गतिविधियों से बचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का गठन 22 सितंबर 1986 को किया गया था. NSG का गठन जर्मनी के GSG-9 और यूनाइटेड किंगडम के SAS के पैटर्न पर किया गया था. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG); भारत सरकार के गृह मंत्रालय के नियंत्रण में आता है.

सरदार वल्लभ भाई पटेल: अखंड भारत के सूत्रधार

Oct 31, 2019
श्री वल्लभभाई पटेल का पूरा नाम वल्लभ भाई झावेरभाई पटेल, उपनाम सरदार पटेल और लौह पुरुष था. वल्लभभाई पटेल का जन्म जन्म 31 अक्टूबर, 1875, नाडियाड, गुजरात और मृत्यु 15 दिसंबर, 1950, बॉम्बे [अब मुंबई] में हुई थी. वर्तमान भारत को अखंड भारत बनाने में सरदार पटेल का अहम योगदान था.

आजादी के समय किन रियासतों ने भारत में शामिल होने से मना कर दिया था और क्यों?

Oct 31, 2019
भारत को "अखंड भारत" बनाने में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान अतुलनीय है. आजादी के दौरान भारत 565 देशी रियासतों में बंटा था. ये देशी रियासतें स्वतंत्र शासन में यकीन रखती थी जो कि सशक्त भारत के निर्माण में सबसे बडी़ बाधा थी. हैदराबाद, जूनागढ, भोपाल और कश्मीर को छोडक़र 562 रियासतों ने स्वेच्छा से भारतीय परिसंघ में शामिल होने की स्वीकृति दी थी. 

भारत में चुनाव सुधार: आवश्यकता और पहलू

Oct 21, 2019
भारत में साफ सुथरे लोकतंत्र और स्वच्छ राजनीति को बढ़ावा देने के लिए चुनाव सुधार की बात बहुत लम्बे अरसे से जी जाती रही है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324– 329 चुनाव आयोग और चुनाव सुधार के बारे में बात करते हैं. राजनीति में धनबल के प्रभाव को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने लोक सभा में चुनाव खर्च की सीमा Rs.50 70 के बीच और विधान सभा के लिए Rs.20–28 के बीच कर दी है.

भारतीय निर्वाचन आयोग: संरचना, कार्य एवं शक्तियां

Oct 21, 2019
Election Commission of India. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 में निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया है जो भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव सम्पन्न कराने वाली शीर्ष संस्था है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 में संसद, राज्य विधानमंडल के साथ साथ राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव; भारतीय चुनाव आयोग ही कराता है. Election Commission of India की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी. वर्तमान में सुनील अरोरा; मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और 2 अन्य लोग चुनाव आयुक्त हैं. 

विशेष राज्य का दर्जा किस आधार पर दिया जाता है और इसमें क्या सुविधाएँ मिलती हैं?

Oct 18, 2019
<p>Special Status to States. भारत में विशेष राज्य का दर्जा वर्ष 1969 में पांचवे वित्त आयोग (अध्यक्ष महावीर त्यागी) ने गाडगिल फोर्मुले (Gadgil Formula) के आधार पर 3 राज्यों (जम्मू &amp; कश्मीर, असम और नागालैंड) को विशेष राज्य का दर्जा दिया था. वर्तमान में भारत के 29 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों में से 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है. जिन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है उनको जितनी राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है उसका 90% अनुदान के रूप में और बकाया 10% बिना ब्याज रहित कर्ज के तौर पर दिया जाता है.</p>

नत्थी वीजा किसे कहते हैं और यह क्यों जारी किया जाता है?

Oct 16, 2019
जब किसी देश का नागरिक किसी अन्य देश में घुसना चाहता है तो उस देश से अनुमति लेनी पड़ती है जिसे "वीजा" कहते हैं. अर्थात वीजा, किसी देश में घुसने की अनुमति होती है.इसी प्रकार का एक और वीजा होता है "नत्थी वीजा".नत्थी वीजा में आव्रजन अधिकारी आपके पासपोर्ट पर स्टाम्प नहीं लगाता है बल्कि अलग से एक कागज आपके पासपोर्ट के साथ नत्थी या जोड़ देता है.

सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA) क्या है?

Oct 4, 2019
AFSPA; वर्तमान मेंजम्मू और कश्मीर, असम, नागालैंड, मणिपुर (इम्फाल नगरपालिका क्षेत्र को छोड़कर), अरुणाचल प्रदेश के 3 जिलों तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग के साथ-साथ असम से लगने वाले अरुणाचल प्रदेश के अधिकार क्षेत्र वाले के 8 पुलिस स्टेशनों में अभी भी लागू है. सशस्त्र सेना विशेषाधिकार कानून (AFSPA); उपद्रवग्रस्त पूर्वोत्तर में सेना को कार्यवाही में मदद के लिए 11 सितंबर 1958 को पारित किया गया था. जब 1989 के आस पास जम्मू & कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने लगा तो 1990 में इसे वहां भी लागू कर दिया गया था. 

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