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भूगोल

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

भारत का पूर्वी तटीय मैदान

Apr 22, 2016
भारत के पूर्वी तटीय मैदान का विस्तार पूर्वी घाट और पूर्वी तट के मध्य सुवर्णरेखा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक है| पूर्वी तटीय मैदान का विस्तार पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडू राज्यों में है| इस मैदान में निक्षेपों की अधिकता है और बड़ी-बड़ी नदियां सागर में मिलने से पूर्व यहाँ डेल्टा का निर्माण करती हैं|

ब्रह्मांड के विषय में बदलता दृष्टिकोण व कृत्रिम उपग्रह

Apr 22, 2016
2000 वर्ष पहले, यूनानी खगोलविदों ने सोचा था कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में है और चंद्रमा, सूर्य व तारे इसकी परिक्रमा करते हैं।15वीं सदी में, पोलैंड के वैज्ञानिक निकोलस कॉपरनिकस ने बताया कि सूर्य सौरमंडल के केंद्र में है और ग्रह उसकी परिक्रमा करते हैं। इस तरह सूर्य ब्रह्मांड का केंद्र बन गया है।16वीं सदी में जोहानेस केप्लर ने ग्रहीय कक्षा के नियमों की खोज की|

भारत का पश्चिमी तटीय मैदान

Apr 20, 2016
भारत के पश्चिमी तटीय मैदान का विस्तार गुजरात तट से लेकर केरल के तट तक है| ये मैदान वास्तव में पश्चिमी घाट के पश्चिम में विस्तृत निमज्जित तटीय मैदान हैं| इस मैदान को चार भागों में विभाजित किया जाता है- गुजरात का तटीय मैदान, कोंकण का तटीय मैदान, कन्नड़ का तटीय मैदान व मालाबार का तटीय मैदान |

भारत का पूर्वी घाट पर्वतीय क्षेत्र

Apr 20, 2016
पूर्वी घाट भारत में ओडिशा से लेकर तमिलनाडु तक विस्तृत पर्वतीय क्षेत्र है, जोकि वर्तमान में बड़ी-बड़ी नदियों द्वारा विच्छेदित होकर एक असतत श्रंखला के रूप में बदल गया है| चेन्नई के दक्षिण-पश्चिम में शेवरोय व पालनी पहाड़ियों के रूप में पूर्वी घाट पश्चिमी घाट से मिल जाता है|

भारत का पश्चिमी घाट पर्वतीय क्षेत्र

Apr 19, 2016
पश्चिमी घाट पर्वतीय क्षेत्र भारत के पश्चिमी तट के सहारे लगभग 1600 किमी. की लंबाई में महाराष्ट्र व गुजरात की सीमा से लेकर कुमारी अंतरीप तक विस्तृत है| पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी को यूनेस्को ने अपनी 'विश्व विरासत स्थल' सूची में शामिल किया है और यह विश्व के ‘जैवविविधता हॉटस्पॉट्स’ में से एक है|

भारतीय/थार मरुस्थल

Apr 19, 2016
भारतीय/थार मरुस्थल राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में अवस्थित गर्म/उष्ण मरुस्थल है| थार मरुस्थल में वार्षिक वर्षा 25 सेमी. से भी कम होती है, इसीलिए यहाँ शुष्क जलवायु व नाममात्र की प्राकृतिक वनस्पति पायी जाती है| इन्हीं विशेषताओं के कारण इसे ‘मरुस्थली’ के नाम से भी जाना जाता है| यह ‘विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला मरुस्थल’ है|

अरावली पर्वतमाला

Apr 14, 2016
अरावली भारत के पश्चिमोत्तर भाग में स्थित वलित पर्वतमाला है,जोकि उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगभग 1100 किमी. की लंबाई में विस्तृत है| अरावली पर्वतमाला विश्व के सर्वाधिक प्राचीन वलित पर्वतों में से एक है| माउंट आबू में स्थित ‘गुरुशिखर’ इसकी सर्वोच्च चोटी है|

ट्रांस/तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र

Apr 14, 2016
‘ट्रांस हिमालय’ या ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ महान हिमालय के उत्तर में स्थित है,और इसमें काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश नाम की पर्वत श्रेणियाँ शामिल हैं| ट्रांस हिमालय या तिब्बत हिमालय पर्वतीय क्षेत्र का काफी हिस्सा तिब्बत में भी पड़ता है, इसलिए इसे ‘तिब्बत हिमालय क्षेत्र’ भी कहा जाता है|

उत्तर भारत का मैदान

Apr 14, 2016
उत्तर भारत के मैदान का निर्माण मुख्यतः गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा सिंधु नदी द्वारा लाये गए अवसादों के निक्षेपण से हुआ है| उत्तर भारत के मैदान को उत्तर से दक्षिण क्रमशः भाबर, तराई व जलोढ़ मैदानों में बांटा जाता है| जलोढ़ अवसादों की आयु के आधार पर जलोढ़ मैदान को पुनः बांगर व खादर नाम के उप-भागों में बांटा जाता है|

पूर्वी या पूर्वांचल पहाड़ियाँ

Apr 13, 2016
दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़ जाता है और भारत की पूर्वी सीमा का निर्धारण करता है| हिमालय के इस भाग को ‘पूर्वी या पूर्वांचल पहाड़ियाँ’ कहा जाता है| डफला, अबोर, मिश्मी, पटकई बूम, नागा, मणिपुर, गारो, ख़ासी, जयंतिया व मिज़ो पहाड़ियाँ पूर्वांचल की पहाड़ियों का ही भाग हैं|

भारत का भौतिक विभाजन

Apr 13, 2016
भारत में लगभग सभी प्रकार के भौगोलिक उच्चावच पाये जाते हैं| इसका कारण भारत का वृहद विस्तार व तटीय अवस्थिति है| भौगोलिक रूप से भारत को पाँच इकाईयों में बांटा जाता है- उत्तर का पर्वतीय भाग, उत्तरी मैदान, दक्षिणी पठार, तटीय मैदान व द्वीपीय भाग| इन सभी भौगोलिक इकाईयों की निर्माण प्रक्रिया व संरचना अलग-अलग प्रकार की है|

भारत की खनिज पेटियाँ

Apr 8, 2016
भारत विश्व के खनिज सम्पन्न देशों में से एक है, लेकिन भारत के सभी क्षेत्रों में खनिज नहीं पाये जाते हैं| भारत के खनिज कुछ खास क्षेत्रों में ही पाये जाते हैं और खनिज सम्पन्न इन क्षेत्रों को ‘भारत की खनिज पेटियाँ’ कहा जाता है| भारत में मुख्य रूप से उत्तरी-पूर्वी पठारी क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम पठारी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र नाम की खनिज पेटियाँ पायी जाती हैं|

भारत में परमाणु/आण्विक ऊर्जा

Apr 8, 2016
परमाणु ऊर्जा प्लांटों के माध्यम से आण्विक खनिजों से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को ‘परमाणु/आण्विक ऊर्जा’ कहा जाता है| भारत का पहला परमाणु ऊर्जा प्लांट तारापुर (महाराष्ट्र) में 1969 ई. में संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से स्थापित किया गया था|

भारत में आण्विक खनिज

Apr 7, 2016
आण्विक खनिज नवीन एवं महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत हैं, जिनके प्रयोग द्वारा आण्विक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है| परमाणु ऊर्जा प्लांटों में आण्विक खनिजों से आण्विक ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है| यूरेनियम, थोरियम, बेरीलियम, जिरकन, एंटीमनी और ग्रेफ़ाइट महत्वपूर्ण आण्विक खनिज हैं|

मानसून का भूमध्यरेखीय पछुआ पवन सिद्धान्त

Apr 4, 2016
मानसून उत्पत्ति के भूमध्यरेखीय पछुआ पवन सिद्धान्त का प्रतिपादन फ्लोन महोदय ने किया था| उनका मानना था कि भूमध्यरेखीय पछुआ पवनें ही अत्यधिक ताप के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में निर्मित निम्न दाब की ओर आकर्षित होकर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों के रूप में प्रवेश करती हैं

मानसून का आगमन और निवर्तन

Apr 1, 2016
भारत में मानसून के पहुँचने को ‘मानसून का आगमन’ और भारत से मानसून के वापस लौटने को ‘मानसून का निवर्तन’ कहा जाता है| मानसून जून के प्रथम सप्ताह में भारत में प्रवेश करता है और नवंबर के अंत तक तक यह सम्पूर्ण भारत से वापस लौट जाता है|

भारत का प्रशासनिक विभाजन

Apr 1, 2016
भारत को प्रशासनिक रूप से 29 राज्यों व 7 संघ राज्य क्षेत्रों में बांटा गया है| भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्वयं एक संघ राज्य क्षेत्र है| इसके अतिरिक्त प्रत्येक राज्य की एक राजधानी है, जो सामान्यतः उस राज्य का सबसे प्रमुख शहर होता है| भारत का नवीनतम राज्य तेलंगाना है|

भारतीय चट्टानों का वर्गीकरण

Apr 1, 2016
भारत में पृथ्वी के सभी भूवैज्ञानिक कालों में निर्मित चट्टानें पायी जाती हैं| भारत में पायी जाने वाली चट्टानों को उनके निर्माण क्रम (प्राचीन से नवीन) के आधार पर क्रमशः आर्कियन, धारवाड़, कडप्पा, विंध्यन, गोंडवाना, दक्कन ट्रेप, टर्शियरी व क्वार्टनरी क्रम की चट्टानों में वर्गीकृत किया गया है|

मानसून की तापीय संकल्पना

Apr 1, 2016
मानसून उत्पत्ति की तापीय संकल्पना का प्रतिपादन ब्रिटिश विद्वानों द्वारा किया गया था, जिसमें डडले स्टांप और बेकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी| इस संकल्पना के अनुसार तापमान, मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण है और दक्षिणी गोलार्द्ध में बहने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें ही भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के रूप में प्रवेश करती हैं|

पृथ्वी का भूवैज्ञानिक इतिहास

Apr 1, 2016
पृथ्वी के भूवैज्ञानिक इतिहास को अजोइक, पैलियोजोइक, मेसोजोइक, सेनोजोइक, और नियोजोइक नाम के पांच महाकल्पों में बांटा गया है| अजोइक महाकल्प सर्वाधिक प्राचीन महाकल्प है, जिसमें पृथ्वी पर किसी तरह का जीवन नहीं पाया जाता था| महाद्वीप और महासागरों का निर्माण प्री-कैम्ब्रियन युग में हुआ था तथा आधुनिक मानव या ‘होमोसेपियंस’ की उत्पत्ति क्वार्टनरी युग में हुई थी|

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