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भूगोल

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

जानें पाक अधिकृत कश्मीर (POK) का इतिहास क्या है?

Aug 21, 2019
पाक अधिकृत कश्मीर (POK) ऐतिहासिक रूप से जम्मू और कश्मीर की तत्कालीन रियासत का हिस्सा था जिस पर 1947 में पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था. लेकिन इस कब्जे को नाकाम करने के पहले कश्मीर के राजा राजा हरि सिंह और स्वर्गीय पीएम जवाहर लाल नेहरू के बीच "इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेस" पर समझौता हुआ था जिसके बाद कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया था इस कारण पाक अधिकृत कश्मीर (POK) भी भारत का हिस्सा है.

येती: हिमालय क्षेत्र में एक रहस्यमय विशाल हिममानव के बारे में

May 3, 2019
अप्रैल,2019 माह में भारतीय सेना ने ट्वीट किया कि उसके पर्वतारोहण अभियान दल ने 9 अप्रैल, 2019 को नेपाल में स्थित मकालू बारुन नेशनल पार्क के पास 32x15 इंच के पैरों के निशान देखे थे. कुछ लोग कह रहे हैं कि ये हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले हिम मानव "येती" के पैरों के निशान हैं.

विश्व में चक्रवातों के नाम कैसे रखे जाते हैं?

May 2, 2019
हिन्द महासागर क्षेत्र के 8 देशों (भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान और थाईलैंड) ने भारत की पहल पर 2004 से चक्रवर्ती तूफानों को नाम देने की व्यवस्था शुरू की थी. यदि किसी चक्रवात की रफ़्तार 34 नॉटिकल मील प्रति घंटा से ज्यादा है तो उसको कोई विशेष नाम देना जरूरी हो जाता है. 'उत्तर हिन्द महासागर' में उठने वाले तूफानों का नामकरण भारतीय मौसम विभाग करता है.

भूकंप की भविष्यवाणी तथा भूकंप का प्रभाव

Apr 24, 2019
भूकंप हमेशा मनुष्य के लिए अभिशाप ही साबित होता है लेकिन कभी-कभी यह वरदान भी साबित होता है। इस लेख में हम भूकंप के कारण होने वाले लाभ तथा हानि के अलावा भूकंप की भविष्यवाणी के विभिन्न तरीकों का विवरण दे रहे हैं।

भूकंप की तीव्रता एवं परिमाण का विश्लेषण

Apr 24, 2019
किसी स्थान पर भूकंप की तीव्रता वहां पर भूमि में गति तथा मानव पर प्रभाव के रूप में आंकी जाती है। भूकंप द्वारा विनाश का मूल्यांकन इमारतों, बांधों, पुलों तथा अन्य वस्तुओं को इससे होने वाली हानि से किया जाता है. जबकि किसी भूकंप का परिमाण उस द्वारा मुक्त की गई ऊर्जा का माप है। इस लेख में हम भूकंप की तीव्रता और परिमाण का विस्तृत विवरण दे रहे हैं।

विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्र

Mar 15, 2019
IUCN के अनुसार, विश्व में लगभग 5000 से ज्यादा समुद्री संरक्षित क्षेत्र नामित हैं। यह विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्र हैं जिसमें वैश्विक समुद्री क्षेत्र के 74% संरक्षित और 80% वैश्विक आरक्षित क्षेत्र शामिल हैं। इस लेख में हमने विश्व के 10 सबसे बड़े समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में सीमा विवाद

Mar 13, 2019
सीमावर्ती क्षेत्रों की अपनी समस्याएं और ख़ासियतें हैं। अधिकतर आबादी के अवैध घुसपैठ के कारण उनके आर्थिक और पर्यावरणीय संसाधनों पर दबाव रहता है। इसके अलावा, लचर व्यवस्था के कारण सीमा पार से नशीली दवाओं के तस्करों सहित अपराधियों के लिए सीमा पार अवैध रूप से आने जाने को सक्षम बनाती है। इस लेख में हमने बताया है की पूर्वोत्तर भारत में कौन से ऐसे राज्य हैं जो सीमा विवाद से घीरे हुए हैं तथा क्यों सांस्कृतिक और जातीय विविधता होने के बावजूद संघर्ष का कारण नहीं है।

विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन क्या है?

Feb 27, 2019
भारत विश्व का पांचवां ऐसा देश है जिसकी ऊर्जा दक्षता सबसे कम है जिसका अर्थ है कि भारत में जीडीपी ऊर्जा की खपत का अनुपात बहुत खराब है। इसलिए, भारत को ऊर्जावान देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, विकास और ऊर्जा दक्षता पर समझौता किए बिना जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए रणनीतिक योजना पर काम करना बेहद जरुरी है। इस लेख में हमने विकसित ऊर्जा दक्षता के लिए राष्ट्रीय मिशन की पहल और दक्षता पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच क्या है?

Feb 26, 2019
जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच, जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के तहत आठ मिशनों में से एक है, जिसका उद्देश्य मौजूदा ज्ञान संस्थानों की नेटवर्किंग, क्षमता निर्माण और प्रमुख जलवायु प्रक्रियाओं तथा जलवायु जोखिमों की समझ में सुधार करना है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन के ज्ञान का रणनीतिक मंच के उद्देश्य और कार्यात्मक क्षत्रों पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन क्या है?

Feb 25, 2019
जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए 2008 में भारत सरकार द्वारा आठ मिशन वाली ‘राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना’ (NAPCC) प्रारंभ की गई थी। हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए भारत के आठ मिशनों में से एक है।इस लेख में हमने राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पोषणीय मिशन या नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम (NMSHE) कार्यात्मक क्षेत्र और के उद्देश्यों पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

विश्व के 10 सबसे बड़े बंदरगाहों की सूची

Feb 22, 2019
बन्दरगाह (हार्बर) समुद्री जहाजों के ठहरने की जगह को बोला जाता हैं। बंदरगाह स्थान, वाणिज्यिक मांग और हवा एवं लहरों से शरण के लिए, भूमि और नौगम्य पानी के अधिगम को उपयुक्त बनाने के लिए चयनित किये जाते हैं। इस लेख में हमने अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ़ पोर्ट ऑथोरिटी के पोर्ट रैंकिंग की नवीनतम रिपोर्ट के आधार पर, विश्व की 10 सबसे बड़े बंदरगाहों के नाम को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के बाढ़ प्रवण क्षेत्र: शमन और नियंत्रण के उपाय

Feb 18, 2019
बाढ़ नदी के तटीय क्षेत्र में उच्च जल स्तर की स्थिति है जो स्थलों पर बाढ़ का कारण बनती है इस दौरान भूमि भी जलमग्न हो जाती है। नदी बाढ़ और तटीय क्षेत्र बाढ़ के लिए सबसे अधिक संवेदनशील हैं; हालांकि, असामान्य रूप से लंबे समय तक भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में बाढ़ आना संभव है। इस लेख में हमने भारत के बाढ़ प्रवण क्षेत्र तथा शमन और नियंत्रण के उपाय बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

ग्लोबल वार्मिंग पर पृथ्वी के एल्बीडो कैसे प्रभाव डालते हैं?

Feb 18, 2019
भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग पृथ्वी के वायुमंडल और उसके महासागरों के औसत तापमान में क्रमिक वृद्धि का वर्णन करता है, ऐसा माना जाता है कि यह परिवर्तन स्थायी रूप से पृथ्वी की जलवायु को बदल रहा है। जबकि एल्बीडो सौर विकिरण की मात्रा है जो किसी न किसी सतह से परिलक्षित होती है, और अक्सर प्रतिशत या दशमलव मान के रूप में व्यक्त की जाती है। इस लेख में हमने बताया है की भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग कैसे पृथ्वी के एल्बीडो से प्रभावित होता है।

भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन क्या है?

Feb 15, 2019
भारत सरकार ने राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन शुरू किया है जिसे जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन भी कहा जाता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा चुनौती को संबोधित करते हुए पारिस्थितिक रूप से स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए यह भारत सरकार और राज्य सरकारों की एक बड़ी पहल है। यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के वैश्विक प्रयास में भारत द्वारा एक प्रमुख योगदान होगा। इस लेख में हमने भारत का राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के उद्देश्य और लक्ष्य पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वेस्टर्न डिस्टर्बन्स क्या है और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

Feb 15, 2019
वायु विभिन्न गैसों का मिश्रण है और परिणामस्वरूप, वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई के साथ काफी भिन्न होता है। यह दबाव विश्व के प्रत्येक हिस्से में समान रूप से वितरित नहीं है और न ही यह किसी भी क्षेत्र के लिए हर समय समान होता है। वायुमंडलीय दबाव ऊंचाई, तापमान और पृथ्वी के घूर्णन से प्रभावित होता है। इस लेख में हमने वेस्टर्न डिस्टर्बन्स और भारतीय उपमहाद्वीप जलवायु पर इसके प्रभाव के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

तटीय क्षेत्र प्रबंधन के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं?

Feb 14, 2019
तटीय क्षेत्र ऐसे उच्च जल चिह्न तक प्रादेशिक जल की सीमा को परिभाषित करता है जो मुख्य भूमि, द्वीपों और समुद्र के संकीर्ण क्षेत्र से तटीय डोमेन की बाहरी सीमा बनाती हैं। इस लेख में हमने तटीय क्षेत्र प्रबंधन (सीजेडएम) के उद्देश्य, लक्ष्य और चुनौती पर चर्चा किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत में समुद्री विकास कार्यक्रम

Feb 14, 2019
भारत ने महासागर विकास कार्यक्रम के तहत आजीविका में सुधार, तटीय खतरों की समय पर चेतावनी और महासागर संसाधनों के सतत विकास के लिए बहुत सारे कार्यक्रम की शुरुआत की है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि के अवलोकन कार्यक्रमों को लागू करने और लागू करने के माध्यम से महासागर प्रक्रिया की हमारी समझ में सुधार करना है ताकि, हम निर्णय लेने के लिए तटीय क्षेत्र के स्थायी उपयोग मॉडल में सक्षम हों। इस लेख में हमने, भारत द्वारा शुरू किये गए विभिन्न महासागर विकास कार्यक्रम पर नीचे चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

सौर नेबुला सिद्धांत क्या है?

Feb 13, 2019
हमारे सौर मंडल का निर्माण ज्ञात 8 ग्रह, 180 उपग्रह, धूमकेतु, उल्का और क्षुद्रग्रह करते हैं। हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों में से, बृहस्पति एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका गुरुत्वाकर्षण सभी ग्रहों से अधिक है। लगभग 4.6 गीगा वर्ष या अरब वर्षों पूर्व जब निहारिका या नेब्युला के एक सर्पिल बांह में इंटरस्टेलर अविभाज्य क्लाउड में विस्फोट हुआ, तो सौर मंडल का निर्माण हुआ। इस लेख में हमने सौर नेबुला सिद्धांत जो सौरमंडल की गठन की व्याख्या करता है उस पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के कागज उद्योग का भौगोलिक वितरण

Feb 13, 2019
भारत में कागज उद्योग कृषि आधारित है और वैश्विक स्तर पर भारत के कागज उद्योग को विश्व के 15 सर्वोच्च पेपर उद्योगों में स्थान है। भारत सरकार ने कागज उद्योग को "कोर इंडस्ट्री" के रूप में परिभाषित करती है। कागज उद्योग, कच्चे माल के रूप में लकड़ी का उपयोग करते हुए लुगदी, कागज, गत्ते एवं अन्य सेलुलोज-आधारित उत्पाद निर्मित करता है। इस लेख में हमने भारत के कागज उद्योग के भौगोलिक वितरण के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

पोलर वोर्टेक्स क्या है और भारतीय जलवायु पर इसका क्या प्रभाव है?

Feb 12, 2019
पृथ्वी के भुगौलिक इतिहास को देखे तो पृथ्वी के जलवायु में काफी परिवर्तन आया है और ऐसा क्यों न हो पिछले 650,000 वर्षों में हिमनदों के बढ़ने और पीछे हटने के सात चक्रों से गुजर चुकी है। अंतिम शीत युग (ice age) का अंत लगभग 7,000 वर्ष पहले माना जाता है तथा इसे ही वर्तमान जलवायु और मानव सभ्यता की शुरुआत माना जाता है। इस लेख में हमने बताया है की ध्रुवीय भंवर या पोलर वोर्टेक्स कैसे वैश्विक मौसम प्रणाली के साथ-साथ भारतीय जलवायु पर प्रभाव डालता है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

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