Jagran Josh Logo
  1. Home
  2.  |  
  3. अर्थव्यवस्था
  4.  |  
  5. भारतीय अर्थव्यवस्था
  6.  |  
  7. मुद्रा और बैंकिंग

मुद्रा और बैंकिंग

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

भारत के नोटों के पीछे कौन-कौन से चित्र बने हुए हैं?

Jul 18, 2018
दुनिया में शायद ही ऐसा कोई देश होगा जिसकी अपनी करेंसी नहीं है. लगभग हर देश अपनी मुद्रा पर अपने देश के किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की तस्वीर लगाने के साथ साथ अपने देश की किसी विशिष्ट पहचान वाली चीज की फोटो जरूर लगाता है. भारत के सभी नोटों पर महात्मा गाँधी की फोटो के साथ साथ अन्य इमारतों जैसे लाल किला और साँची स्तूप तथा हाथी, बाघ इत्यादि की फोटो छापी जाती है.

असली और नकली नोटों में अंतर कैसे पहचानें

Jul 17, 2018
आरबीआई के एक अनुमान में कहा गया है कि भारत में वित्त वर्ष 2017 में नकली नोटों की संख्या में 20% की वृद्धि हुई है और यह संख्या 7.62 लाख नोटों तक पहुंच गई है. नकली नोटों में सबसे अधिक संख्या 500 और 2000 रुपये के नोटों की है. आम लोगों की जागरूक को बढ़ाने के लिए हमने इस लेख में यह बताने का प्रयास किया है कि लोग किन-किन फीचर्स को देखकर पता लगा सकते हैं कि कोई नोट असली है या नकली.

सिक्का अधिनियम 2011: भारत में सिक्कों के साथ क्या नहीं कर सकते

Jul 11, 2018
भारतीय रिज़र्व बैंक; भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार मुद्रा नोट्स प्रिंट करता है, जबकि भारत में सिक्के, सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार बनाये जाते हैं. सिक्का अधिनियम, 2011 जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में लागू है. इस लेख में माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि भारत में सिक्कों के इस्तेमाल को लेकर क्या क्या नियम बनाये गए हैं.

भारतीय नोटों पर गाँधी जी की तस्वीर कब से छपनी शुरू हुई थी?

Jul 10, 2018
एक RTI के जवाब में केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया था, कि नोट के दाहिनी तरफ गांधी जी की तस्वीर को छापने की सिफारिश 13 जुलाई 1995 को RBI ने केंद्र सरकार को की थी. इसके बाद आरबीआई ने 1996 में नोटों में बदलाव का फैसला लिया और अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के फोटो का इस्तेमाल किया गया.

जानें भारत की करेंसी कमजोर होने के क्या मुख्य कारण हैं?

Jun 28, 2018
भारत की आजादी के समय एक डॉलर का मूल्य एक रुपये के बराबर है लेकिन वर्ष 2018 में भारतीय रुपये का मूल्य अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है और एक डॉलर में खरीदने के लिए 69 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. इस लेख में भारतीय रुपये की वैल्यू में गिरावट के कारणों की व्याख्या की गयी है.

नोट पर क्यों लिखा होता है कि “मैं धारक को 100 रुपये अदा करने का वचन देता हूँ.”

Jun 21, 2018
भारत में करेंसी नोटों को छापने का कम भारत की रिज़र्व बैंक के जिम्मे है. एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी नोटों पर RBI के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं. किसी भी नोट पर “मैं धारक को 100 या 500 रूपए अदा करने का वचन देता हूँ” जरूर लिखा होता है यह RBI के गवर्नर की शपथ होती है कि जिसके पास भी यह नोट है उसको हर हाल में उसकी लिखी गयी कीमत देने का दायित्व RBI के गवर्नर का है.

सबसे ज्यादा NPA वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूची

May 7, 2018
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 31 मार्च, 2004 से दी गयी नयी परिभाषा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति बैंक से ऋण लेता है और लोन लेने की तिथि से 90 दिन बाद भी ब्याज या मूलधन का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसको दिया गया ऋण, गैर निष्पादित परिसंपत्ति (नॉन– परफॉर्मिंग असेट) माना जाता है. 31 दिसंबर, 2017 तक देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की कुल गैर-निष्पादित संपत्तियां 8.4 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गयी थीं, जिसमे सबसे अधिक NPA; (24%) सार्वजनिक क्षेत्र के स्टेट बैंक का है.

नया निजी बैंक खोलने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना होता है?

Apr 9, 2018
रिज़र्व बैंक ने नए बैंकों को खोलने के लिए फरवरी 22, 2013; को दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इन दिशा निर्देशों में एक प्रावधान यह भी है कि नए बैंक के लिए पेड-अप वोटिंग इक्विटी पूंजी कम से कम 5 अरब रुपये होनी चाहिए, इसका मतलब है कि बैंक के पास 5 अरब रुपये की पूँजी हर समय मौजूद होनी चाहिए.

पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में क्या अंतर होता है?

Mar 13, 2018
भारत में पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक दोनों ही बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के अधीन कार्य करते हैं लेकिन फिर भी कमर्शियल बैंकों के काम का दायरा पेमेंट बैंकों की तुलना में ज्यादा बड़ा है. पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कमर्शियल बैंक; लोगों से कितनी भी राशि को जमा के रूप में स्वीकार कर सकते हैं लेकिन पेमेंट बैंक एक ग्राहक से अधिकतम 1 लाख रुपए तक का जमा स्वीकार कर सकते हैं.

पेमेंट बैंक किसे कहते हैं और इसकी क्या विशेषताएं है?

Mar 7, 2018
पेमेंट बैंक भारत में मौजूद कमर्शियल बैंकों से अलग प्रकार के बैंक है. इसकी स्थापना के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 नवम्बर 2014 में दिशा निर्देश जारी कर दिए थे. पेमेंट बैंक जनता की सामान्य बैंकिंग की जरूरतों को तो पूरा करेंगे लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ; जैसे पेमेंट बैंक लोगों के कर्रेंट और बचत खाते खोल सकेंगे लेकिन लोगों को क्रेडिट कार्ड नही दे सकेंगे. इस समय देश में 11 पेमेंट बैंक कार्य कर रहे हैं.

यदि आपका बैंक दिवालिया हो जाता है तो आपके जमा पैसे पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Feb 20, 2018
सरकार ने अगस्त, 2017 में FRDI (Financial Resolution and Deposit Insurance) बिल- 2017 लोकसभा में रखा था. वर्तमान में यह बिल संसद की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है. इस बिल में वित्तीय सेवा प्रदाताओं के दिवालियापन से निपटने की बात की गई है. इस बिल में यह प्रावधान है कि बैंक; लोगों के जमा धन को वित्तीय संकट के समय देने से मना कर सकते हैं.

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

Feb 1, 2018
भारत के वित्तमंत्री द्वारा फरवरी माह में पेश किया जाने वाला बजट किस प्रकार का होगा और वह देश के नागरिकों की जिंदगी को किस प्रकार प्रभावित करेगा, इस प्रश्न का उत्तर हर भारतीय जानना चाहता है | लेकिन बजट में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों की वजह से वे बजट को ठीक से समझ नही पाते हैं | इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है |

भारत में बजट पेश करने की प्रक्रिया क्या है?

Feb 1, 2018
भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए | बजट को ‘वार्षिक वित्तीय विवरण‘ के नाम से भी जाना जाता है| NDA सरकार का चौथा आम बजट वित्‍तमंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी 2017 को संसद में पेश करेंगे। इस लेख में बजट तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है|

जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

Feb 1, 2018
बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया| सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि लोगों द्वारा हर साल दिए गए पूरे टैक्स का लेखा जोखा सरकार के पास मौजूद है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नही हुई है|

जानें बजट के बारे में 11 रोचक तथ्य

Feb 1, 2018
भारत में हर वर्ष फरवरी महीने में केन्द्रीय वित्‍तमंत्री द्वारा आम बजट पेश किया जाता है| लेकिन क्या आपको पता है कि पहली बार बजट कब पेश किया गया था या बजट डॉक्युमेंट की प्रिंटिंग कहां होती है? यदि आपका उत्तर नहीं है तो आइए इस लेख में हम उपरोक्त प्रश्नों के अलावा बजट से संबंधित 11 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहें हैं जिससे बजट के संदर्भ में आपकी समझ और भी विकसित होगी|

क्या मुद्रा स्फीति हमेशा ही अर्थव्यवस्था के लिए ख़राब होती है?

Jan 25, 2018
मुद्रा स्फीति का मतलब बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से होता हैं. मुद्रा स्फीति की स्थिति में मुद्रा की कीमत कम हो जाती है क्योंकि उपभोक्ताओं को बाजार में वस्तुएं खरीदने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है. ऐसी स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या मुद्रा स्फीति सभी लोगों और अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है या नही?

जानें भारत में 200, 500 और 2000 रुपये का एक नोट कितने रुपये में छपता है?

Dec 20, 2017
भारत में नोट छापने का एकाधिकार यहाँ के केन्द्रीय बैंक अर्थात भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है. भारतीय रिज़र्व बैंक पूरे देश में एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी मूल्यवर्गों (denominations) के नोट छापता है. रिज़र्व बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि 200 रुपये के एक नोट को छापने की लागत 2.93 रुपए, 500 रुपये को छापने की लागत 2.94 रुपए और 2000 रुपये का एक नोट छापने के लिए 3.54 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

बिटकॉइन (Bitcoin) मुद्रा क्या है और कैसे काम करती है?

Nov 30, 2017
बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा का एक रूप है सरल शब्दों में, यह एक गणितीय संरचना है जो एल्गोरिदम पर चलता है। इसे किसने विकसित किया था इसके बारे में कोई भी ठोस सबूत नही है लेकिन छदम रूप से इसके संस्थापक का नाम ‘सोतशी नाकामोतो’ माना जाता हैl जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है। ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारम्परिक मुद्राओं में भी बदला जाता है।

RBI द्वारा किस प्रकार पूरे देश में करेंसी का वितरण किया जाता है?

Nov 24, 2017
करेंसी चेस्ट या "मुद्रा तिजोरी" की स्थापना बैंक नोट के वितरण को सुचारू रूप से चलाने हेतु RBI ने की है. करेंसी चेस्ट खोलने के लिए RBI,बैंकों की चुनिन्दा शाखाओं को अधिकृत करती है. इन करेंसी चेस्ट में RBI के द्वारा बैंक नोटों का भंड़ारण किया जाता है. करेंसी चेस्ट अपने पास के क्षेत्र में आने वाले अन्य बैंक की शाखाओं को बैंक नोट की आपूर्ती करता है.

भारत में सिक्कों का आकार क्यों घटता जा रहा है?

Nov 23, 2017
भारत में सिक्के बनाने का काम वित्त मंत्रालय 4 टकसालों के माध्यम से करता है. भारत सरकार कोशिश करती है कि किसी भी सिक्के की मेटलिक वैल्यू उसकी फेस वैल्यू से कम ही रहे क्योंकि यदि ऐसा नही होगा तो लोग सिक्के को पिघलाकर उसकी धातु को बाजार में बेच देंगे जिसके कारण भारत के बाजर से सिक्के गायब हो जायेंगे. सिक्कों की मेटलिक वैल्यू घटाने के लिए सरकार उनका आकार छोटा कर रही है.

1234 Next   

Latest Videos

Register to get FREE updates

    All Fields Mandatory
  • (Ex:9123456789)
  • Please Select Your Interest
  • Please specify

  • ajax-loader
  • A verifcation code has been sent to
    your mobile number

    Please enter the verification code below

Newsletter Signup
Follow us on
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK