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मुद्रा और बैंकिंग

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

सबसे ज्यादा NPA वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूची

May 7, 2018
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 31 मार्च, 2004 से दी गयी नयी परिभाषा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति बैंक से ऋण लेता है और लोन लेने की तिथि से 90 दिन बाद भी ब्याज या मूलधन का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसको दिया गया ऋण, गैर निष्पादित परिसंपत्ति (नॉन– परफॉर्मिंग असेट) माना जाता है. 31 दिसंबर, 2017 तक देश के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की कुल गैर-निष्पादित संपत्तियां 8.4 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गयी थीं, जिसमे सबसे अधिक NPA; (24%) सार्वजनिक क्षेत्र के स्टेट बैंक का है.

नया निजी बैंक खोलने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना होता है?

Apr 9, 2018
रिज़र्व बैंक ने नए बैंकों को खोलने के लिए फरवरी 22, 2013; को दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इन दिशा निर्देशों में एक प्रावधान यह भी है कि नए बैंक के लिए पेड-अप वोटिंग इक्विटी पूंजी कम से कम 5 अरब रुपये होनी चाहिए, इसका मतलब है कि बैंक के पास 5 अरब रुपये की पूँजी हर समय मौजूद होनी चाहिए.

पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में क्या अंतर होता है?

Mar 13, 2018
भारत में पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक दोनों ही बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के अधीन कार्य करते हैं लेकिन फिर भी कमर्शियल बैंकों के काम का दायरा पेमेंट बैंकों की तुलना में ज्यादा बड़ा है. पेमेंट बैंक और कमर्शियल बैंक में सबसे बड़ा अंतर यह है कि कमर्शियल बैंक; लोगों से कितनी भी राशि को जमा के रूप में स्वीकार कर सकते हैं लेकिन पेमेंट बैंक एक ग्राहक से अधिकतम 1 लाख रुपए तक का जमा स्वीकार कर सकते हैं.

पेमेंट बैंक किसे कहते हैं और इसकी क्या विशेषताएं है?

Mar 7, 2018
पेमेंट बैंक भारत में मौजूद कमर्शियल बैंकों से अलग प्रकार के बैंक है. इसकी स्थापना के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 नवम्बर 2014 में दिशा निर्देश जारी कर दिए थे. पेमेंट बैंक जनता की सामान्य बैंकिंग की जरूरतों को तो पूरा करेंगे लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ; जैसे पेमेंट बैंक लोगों के कर्रेंट और बचत खाते खोल सकेंगे लेकिन लोगों को क्रेडिट कार्ड नही दे सकेंगे. इस समय देश में 11 पेमेंट बैंक कार्य कर रहे हैं.

यदि आपका बैंक दिवालिया हो जाता है तो आपके जमा पैसे पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

Feb 20, 2018
सरकार ने अगस्त, 2017 में FRDI (Financial Resolution and Deposit Insurance) बिल- 2017 लोकसभा में रखा था. वर्तमान में यह बिल संसद की संयुक्त समिति के पास विचाराधीन है. इस बिल में वित्तीय सेवा प्रदाताओं के दिवालियापन से निपटने की बात की गई है. इस बिल में यह प्रावधान है कि बैंक; लोगों के जमा धन को वित्तीय संकट के समय देने से मना कर सकते हैं.

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

Feb 1, 2018
भारत के वित्तमंत्री द्वारा फरवरी माह में पेश किया जाने वाला बजट किस प्रकार का होगा और वह देश के नागरिकों की जिंदगी को किस प्रकार प्रभावित करेगा, इस प्रश्न का उत्तर हर भारतीय जानना चाहता है | लेकिन बजट में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों की वजह से वे बजट को ठीक से समझ नही पाते हैं | इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है |

भारत में बजट पेश करने की प्रक्रिया क्या है?

Feb 1, 2018
भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए | बजट को ‘वार्षिक वित्तीय विवरण‘ के नाम से भी जाना जाता है| NDA सरकार का चौथा आम बजट वित्‍तमंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी 2017 को संसद में पेश करेंगे। इस लेख में बजट तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है|

जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

Feb 1, 2018
बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया| सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि लोगों द्वारा हर साल दिए गए पूरे टैक्स का लेखा जोखा सरकार के पास मौजूद है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नही हुई है|

जानें बजट के बारे में 11 रोचक तथ्य

Feb 1, 2018
भारत में हर वर्ष फरवरी महीने में केन्द्रीय वित्‍तमंत्री द्वारा आम बजट पेश किया जाता है| लेकिन क्या आपको पता है कि पहली बार बजट कब पेश किया गया था या बजट डॉक्युमेंट की प्रिंटिंग कहां होती है? यदि आपका उत्तर नहीं है तो आइए इस लेख में हम उपरोक्त प्रश्नों के अलावा बजट से संबंधित 11 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहें हैं जिससे बजट के संदर्भ में आपकी समझ और भी विकसित होगी|

क्या मुद्रा स्फीति हमेशा ही अर्थव्यवस्था के लिए ख़राब होती है?

Jan 25, 2018
मुद्रा स्फीति का मतलब बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से होता हैं. मुद्रा स्फीति की स्थिति में मुद्रा की कीमत कम हो जाती है क्योंकि उपभोक्ताओं को बाजार में वस्तुएं खरीदने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ती है. ऐसी स्थिति में यह सवाल उठता है कि क्या मुद्रा स्फीति सभी लोगों और अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी है या नही?

जानें भारत में 200, 500 और 2000 रुपये का एक नोट कितने रुपये में छपता है?

Dec 20, 2017
भारत में नोट छापने का एकाधिकार यहाँ के केन्द्रीय बैंक अर्थात भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है. भारतीय रिज़र्व बैंक पूरे देश में एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी मूल्यवर्गों (denominations) के नोट छापता है. रिज़र्व बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि 200 रुपये के एक नोट को छापने की लागत 2.93 रुपए, 500 रुपये को छापने की लागत 2.94 रुपए और 2000 रुपये का एक नोट छापने के लिए 3.54 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

बिटकॉइन (Bitcoin) मुद्रा क्या है और कैसे काम करती है?

Nov 30, 2017
बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा का एक रूप है सरल शब्दों में, यह एक गणितीय संरचना है जो एल्गोरिदम पर चलता है। इसे किसने विकसित किया था इसके बारे में कोई भी ठोस सबूत नही है लेकिन छदम रूप से इसके संस्थापक का नाम ‘सोतशी नाकामोतो’ माना जाता हैl जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है। ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारम्परिक मुद्राओं में भी बदला जाता है।

RBI द्वारा किस प्रकार पूरे देश में करेंसी का वितरण किया जाता है?

Nov 24, 2017
करेंसी चेस्ट या "मुद्रा तिजोरी" की स्थापना बैंक नोट के वितरण को सुचारू रूप से चलाने हेतु RBI ने की है. करेंसी चेस्ट खोलने के लिए RBI,बैंकों की चुनिन्दा शाखाओं को अधिकृत करती है. इन करेंसी चेस्ट में RBI के द्वारा बैंक नोटों का भंड़ारण किया जाता है. करेंसी चेस्ट अपने पास के क्षेत्र में आने वाले अन्य बैंक की शाखाओं को बैंक नोट की आपूर्ती करता है.

भारत में सिक्कों का आकार क्यों घटता जा रहा है?

Nov 23, 2017
भारत में सिक्के बनाने का काम वित्त मंत्रालय 4 टकसालों के माध्यम से करता है. भारत सरकार कोशिश करती है कि किसी भी सिक्के की मेटलिक वैल्यू उसकी फेस वैल्यू से कम ही रहे क्योंकि यदि ऐसा नही होगा तो लोग सिक्के को पिघलाकर उसकी धातु को बाजार में बेच देंगे जिसके कारण भारत के बाजर से सिक्के गायब हो जायेंगे. सिक्कों की मेटलिक वैल्यू घटाने के लिए सरकार उनका आकार छोटा कर रही है.

RBI के नियमों के अनुसार फटे पुराने नोट कैसे और कहाँ बदलें?

Nov 22, 2017
यदि आपके पास पुराने और फटे हुए कागज के नोट रखे हुए हैं तो आप इन नोटों को किसी भी वाणिज्यिक बैंक में जाकर बदल सकते हैं. सबसे सुविधाजनक बात यह है कि जिस बैंक में आप ये नोट बदलने जा रहे हैं उसमे आपका बचत खाता या कोई और खाता होना जरूरी नही है. रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के कारण कोई भी बैंक आपके फटे-पुराने नोट बदलने से इनकार नहीं कर सकता है.

इस्लामिक बैंकिंग क्या होती है और यह कैसे काम करती है?

Nov 13, 2017
इस्लामिक बैंकिंग, समान्य बैंकिंग व्यवस्था से अलग एक ऐसी बैंकिंग प्रणाली होती है जिसमें ब्याज लेना और देना दोनों ही शरियत के खिलाफ माने जाते हैं, क्योंकि इस्लाम में सूदखोरी को “हराम” माना जाता हैl विश्व में सबसे पहला इस्लामिक बैंक 1974 में मिश्र में खोला गया था l भारत में पहला इस्लामिक बैंक कोच्चि में खुला था जिसमे राज्य की हिस्सेदारी 11% हैl

सेंसेक्स क्या होता है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

Nov 8, 2017
सेंसेक्स में 30 कम्पनियों के शेयर मूल्यों में उतार चढ़ाव का मूल्यांकन किया जाता है.यदि सेंसेक्स बढ़ रहा होता है, तो यह दर्शाता है कि "बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज" (BSE) की ज्यादातर कंपनियों का स्टॉक मूल्य बढ़ गया है और यदि सेंसेक्स में कमी आई तो यह दर्शाता है कि BSE की ज्यादातर कंपनियों का शेयर मूल्य नीचे गिरा है. सेंसेक्स में उतार चढ़ाव का मुख्य कारण इन 30 कंपनियों के मूल्यों में उतार चढ़ाव होता है.

नोटबंदी का एक साल: फायदे और नुकसान का विस्तृत आकलन

Nov 7, 2017
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवम्बर 2016 को पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. इस नोटबंदी के बाद पूरे देश में अफरातफरी मच गयी थी. इस लेख में हमने इस नोटबंदी के देश को हुए फायदे और नुकसान के बारे में बताया है.

GST के फायदे और नुकसान: एक विश्लेषण

Oct 24, 2017
वर्तमान में भारत में बिक्री कर, उत्पाद कर, सीमा शुल्क, मनोरंजन शुल्क, चुंगी कर और वैट जैसे अप्रत्यक्ष कर लगते हैं लेकिन 1 जुलाई से इन सभी अप्रत्यक्ष करों के स्थान पर सिर्फ एक कर “वस्तु एवं सेवा कर” लगाया जायेगा. ऐसा करने के बाद भारत दुनिया में GSTलागू करने वाला 166 वां देश बन जायेगा. आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि पाकिस्तान में भी GST लागू है.

NEFT और RTGS के बीच क्या अंतर है

Oct 24, 2017
भारत में भुगतान प्रणाली का नियमन (regulation) भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (PSS अधिनियम), के अनुसार किया जा रहा है, जो कि दिसंबर 2007 में संसद द्वारा पास हुआ था| वर्तमान में देश में तीन मुख्य भुगतान प्रणालियाँ प्रचलित हैं: राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (NEFT), तत्काल सकल निपटान (RTGS) और तत्काल भुगतान सेवा (IMPS)l

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