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अर्थव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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जनसँख्या विस्फोट: अर्थ, कारण और परिणाम

1 day ago
जब किसी देश की जनसँख्या की मृत्यु दर में कमी होती है, बाल मृत्यु दर में कमी होती है लेकिन जन्मदर में वृद्धि होती है और जब जीवन प्रत्याशा में वृद्दि होती है तो इन सबके संयुक्त प्रभाव के कारण जनसंख्या में बहुत तेजी से हुई वृद्धि होती है. इस स्थिति को ही जनसँख्या विस्फोट कहा जाता है.

भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित क्षेत्रों की सूची

Mar 15, 2019
भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार की कंपनियों का अस्तित्व है. भारत ने वैश्वीकरण का लाभ लेने के लिए 1991 में नयी आर्थिक नीति को अपनाया था. इस नीति में बहुत से क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया था लेकिन भारत में राष्ट्रीय महत्व के 2 क्षेत्र अभी भी केवल सार्वजनिक उद्यमों के लिए आरक्षित हैं. इस लेख में इन्ही क्षेत्रों के बारे में बताया गया है.

क्या भारत सरकार नए नोट छापकर विदेशी कर्ज चुका सकती है?

Mar 14, 2019
भारत पर मार्च 2018 तक 529.7 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चढ़ा हुआ था जो कि देश के सकल घरेलू उत्पाद का 20.5% था. हालाँकि दिसम्बर 2018 में यह घटकर 510 अरब डॉलर पर आ गया था. ऐसी दशा में कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत को नयी मुद्रा छापकर पूरा विदेशी कर्ज चुका देना चाहिए. क्या ऐसा संभव है? इस लेख के माध्यम से जानिये पूरा गणित.

अमेरिका की जीएसपी स्कीम क्या है और इससे हटाने पर भारत को क्या नुकसान होगा?

Mar 8, 2019
जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेंसेज (जीएसपी) एक अमेरिकी व्यापार कार्यक्रम है जो कि विकाससील देशों के उत्पादों को अमेरिका में ड्यूटी फ्री एंट्री देता है. अर्थात अमेरिका के जीएसपी कार्यक्रम में शामिल देशों को विशेष तरजीह दी जाती है. अमेरिका उन देशों से एक तय राशि के आयात पर शुल्क नहीं लेता है. जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेंसेज की स्थापना 1974 के व्यापार अधिनियम द्वारा 1 जनवरी, 1976 को हुई थी.

भारत में वाहनों की लाइट अब दिन में क्यों जलती रहती है?

Mar 5, 2019
सड़क एवं परिवहन मन्त्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रलाय की वार्षिक रिपोर्ट में भारत में सड़क दुर्घटनाएं--2016 नामक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में कहा कहा गया है कि वर्ष 2015 भारत में 5,01,423 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जबकि 2016 में देश में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 4.1% की कमी आई है, अर्थात अब सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 4,80,652 पर आ गयी है. भारत में बढती सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार ने वाहन निर्माता कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि अब ऐसे वाहन बनायें जिनकी लाइट दिन में भी जलती रहे.

सेस या उपकार क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है?

Feb 21, 2019
सेस; टैक्स के ऊपर लगाया जाने वाला टैक्स है और आमतौर पर विशिष्ट उद्देश्यों के लिए लगाया जाता है. एक बार इसका उद्देश्य हल हो जाता है तो इसको हटा लिया जाता है. सेस से मिलने वाली राशि को भारत सरकार अन्य राज्य सरकारों के साथ साझा नहीं करती है और इससे प्राप्त समस्त कर राशि अपने पास रख लेती है. वर्तमान में भारत में 6 प्रकार के उपकर लगाए जा रहे हैं.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहरों का चयन किस प्रक्रिया द्वारा किया जाता है?

Feb 18, 2019
स्मार्ट सिटीज मिशन (SCM) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक शहरी विकास कार्यक्रम है. इसे 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य देश के 100 शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और नागरिकों को एक स्वच्छ और स्थायी वातावरण प्रदान करना है.

स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल उत्तर प्रदेश के स्मार्ट शहरों की सूची

Feb 18, 2019
स्मार्ट सिटीज मिशन (SCM) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक शहरी विकास कार्यक्रम है. इसे 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य देश के 100 शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और नागरिकों को एक स्वच्छ और स्थायी वातावरण प्रदान करना है.

शून्य आधारित बजट क्या होता है?

Feb 18, 2019
शून्य आधारित बजट में गत वर्षों के व्यय सम्बन्धी आंकड़ों को कोई महत्व नहीं दिया जाता है. इस प्रणाली में कार्य इस आधार पर शुरू किया जाता है कि अगली अवधि के लिए बजट शून्य है जब तक कि प्रत्येक रुपये की मांग का किसी भी कार्य अथवा परियोजना या क्रिया का औचित्य नहीं दिया जाता है. इस शब्द को “पीटर पायर” ने दिया था. सबसे पहले इस बजट को 1970 के दशक में अमेरिका में शुरू किया गया था.

भारत में महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों की सूची

Feb 15, 2019
भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कई समितियाँ और आयोग बने हैं. इन समितियों और आयोगों की सिफारिशों के आधार पर हमारे देश में कई सुधार हुए हैं. यह देखा गया है कि इन समितियों और आयोगों के आधार पर परीक्षा में कई प्रश्न पूछे जाते हैं. इसलिए प्रतियोगी छात्रों की मदद के लिए हमने यह आर्टिकल भारत में गठित समितियों और आयोगों और उनके कार्यक्षेत्रों के आधार पर बनाया है.

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नरों की सूची

Feb 11, 2019
ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार द्वारा 1935 में अपनी स्थापना के बाद से अब तक 25 लोगों ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में काम किया है. भारतीय रिजर्व बैंक के पहले गवर्नर ब्रिटिश बैंकर ओस्बोर्न स्मिथ थे, जबकि सी. डी. देशमुख भारतीय रिजर्व बैंक के पहले भारतीय गवर्नर थे. वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास हैं, जिन्होंने 12 दिसम्बर 2018 को पदभार ग्रहण किया था. इस लेख में हम भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नरों की सूची दे रहे हैं जो विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए काफी उपयोगी है.

“मनी लॉन्ड्रिंग” किसे कहते हैं और यह कैसे की जाती है?

Feb 8, 2019
मनी लॉन्ड्रिंग से तात्पर्य अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को वैध तरीके से कमाए गए धन के रूप में परिवर्तित करने से है. मनी लॉन्ड्रिंग अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को छुपाने का एक तरीका है। मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से कमाए गए धन पर सरकार को कोई कर नही मिलता है क्योंकि इस धन का कोई भी लेखा-जोखा सरकार के पास नही होता है.

भारत के 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब और क्यों हुआ था?

Feb 6, 2019
इंदिरा गाँधी सरकार ने 19 जुलाई, 1969 को एक आर्डिनेंस जारी करके देश के 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. जिस आर्डिनेंस के ज़रिये ऐसा किया गया वह ‘बैंकिंग कम्पनीज आर्डिनेंस’ कहलाया था. इस राष्ट्रीयकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंकों को केवल कुछ अमीरों के चंगुल से बाहर निकालना था ताकि आम आदमी को भी बैंकिंग क्षेत्र से जोड़ा जाए.

चिट फण्ड क्या होता है और कैसे काम करता है?

Feb 5, 2019
चिट फंड स्कीम का मतलब होता है कि कोई शख्स या लोगों का समूह या पडोसी आपस में वित्तीय लेन देन के लिए एक समझौता करे. इस समझौते में एक निश्चित रकम या कोई चीज एक तय वक्त पर किश्तों में जमा की जाती है और परिपक्वता अवधि पूरी होने पर ब्याज सहित लौटा दी जाती है. भारत में चिट फंड का रेगुलेशन चिट फंड अधिनियम, 1982 के द्वारा होता है.

अंतरिम बजट 2019-20 की खास बातें

Feb 1, 2019
देश का 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है. चूंकि अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बजट के लोक लुभावन होने की पहले से ही उम्मीद थी. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में.

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

Jan 31, 2019
भारत के वित्तमंत्री द्वारा फरवरी माह में पेश किया जाने वाला बजट किस प्रकार का होगा और वह देश के नागरिकों की जिंदगी को किस प्रकार प्रभावित करेगा, इस प्रश्न का उत्तर हर भारतीय जानना चाहता है | लेकिन बजट में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों की वजह से वे बजट को ठीक से समझ नही पाते हैं | इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है |

भारत में बजट बनाने में किस तरह की गोपनीयता बरती जाती है?

Jan 31, 2019
भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए| भारत में बजट बनाने के लिए लगभग 100 कर्मचारियों को 7 दिन तक अपने परिवार से दूर, बिना फ़ोन, इन्टरनेट के ख़ुफ़िया विभाग की नजर में एक कमरे में बंद रहना पड़ता है |

जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

Jan 31, 2019
बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया| सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि लोगों द्वारा हर साल दिए गए पूरे टैक्स का लेखा जोखा सरकार के पास मौजूद है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नही हुई है|

सिक्का अधिनियम 2011: भारत में सिक्कों के साथ क्या नहीं कर सकते

Jan 8, 2019
भारतीय रिज़र्व बैंक; भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार मुद्रा नोट्स प्रिंट करता है, जबकि भारत में सिक्के, सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार बनाये जाते हैं. सिक्का अधिनियम, 2011 जम्मू-कश्मीर सहित पूरे भारत में लागू है. इस लेख के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि भारत में सिक्कों के इस्तेमाल को लेकर क्या क्या नियम बनाये गए हैं.

भारत सरकार और आरबीआई के बीच रिज़र्व फण्ड ट्रान्सफर विवाद क्या है?

Jan 4, 2019
रिजर्व बैंक के पास 9.7 लाख करोड़ रुपए का आरक्षित कोष है. इसमें से कॉन्टिजेंसी फंड 2.3 लाख करोड़ रुपए है. भारत सरकार, RBI से 63 हजार करोड़ रुपये मांग रही है ताकि सरकार के वित्तीय घाटे को कम किया जा सके. इसके उलट RBI अप्रत्याशित जोखिमों और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा अतिरिक्त रिज़र्व अपने पास रखना चाहता है.

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