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परीक्षापयोगी सामान्य ज्ञान

General Knowledge for Competitive Exams

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चोल राज्य : प्रशासन, कला और वास्तु-कला

Aug 19, 2015
चोल वंश प्रमुख रूप से तमिल वंश था जिन्होने मुख्यतः भारत के दक्षिण में 13वीं सदी तक शासन किया | सभी शासकों में ,करिकला चोल आरंभिक चोल राजाओं में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध थे | चोल वंश के पास पीतल के कुछ बेहतरीन नमूने तथा अन्य मूर्तियाँ हैं जैसे नाचते हुए नटराज की मूर्ति और तंजावुर ( तमिलनाडु) का बृहदीस्वरर मंदिर इन्हीं के कुछ बेहतरीन उदाहरण हैं |

आर्यों का आगमन

Aug 19, 2015
इंडो आर्यन भाषा बोलने वाले लोग उत्तर- पश्चिमी पहाड़ों से आये थे तथा पंजाब के उत्तर पश्चिम में बस गए तथा बाद में गंगा के मैदानीय इलाकों में जहाँ इन्हे आर्यन् या इंडो- आर्यन् के नाम से जाना गया | ये लोग इंडो- ईरानी, इंडो- यूरोपीय या संस्कृत भाषा बोलते थे | आर्यन की उत्पत्ति के बारे में सही जानकारी नहीं है, इस पर अलग अलग विद्वानो के अलग विचार हैं | ये कहा गया है कि आर्यन्स अल्प्स के पूर्व( यूरेशिया), मध्य एशिया, आर्कटिक क्षेत्र, जर्मनी तथा दक्षिणी रूस में रहे |

आर्यन्स का भारत में आगमन

Aug 19, 2015
इंडो आर्यन भाषा बोलने वाले लोग उत्तर- पश्चिमी पहाड़ों से आये थे तथा पंजाब के उत्तर पश्चिम में बस गए तथा बाद में गंगा के मैदानीय इलाकों में जहाँ इन्हे आर्यन्सया इंडो- आर्यन्स के नाम से जाना गया | ये लोग इंडो- ईरानी, इंडो- यूरोपीय या संस्कृत भाषा बोलते थे | ये कहा गया है कि आर्यन्स अल्प्स के पूर्व( यूरेशिया), मध्य एशिया, आर्कटिक क्षेत्र, जर्मनी तथा दक्षिणी रूस में रहे | आर्यन्स भारत में प्रारंभिक वैदिक युग में बसे | इसे सप्तसिन्धु या सात नदियों; झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास, सतलुज, सिंधु और सरस्वती की धरती के नाम से जाना जाता है |

अशोक द ग्रेट( 268- 232 B .C.)

Aug 19, 2015
अशोक बिंदुसार का बेटा था | अपने पिता के शासन के दौरान वह तक्षिला और उज्जैन का राज्यपाल था | अपने भाइयों को सफलतापूर्वक हराने के बाद अशोक 268 B . C . के लगभग सिंहासन पर बैठा | अशोक के राजगद्दी पर पद ग्रहण(273 B . C .) तथा उसके वास्तविक राज्याभिषेक( 268 B .C.) में चार साल का अन्तराल था | अतः, उपलब्ध साक्ष्यों से यह पता चलता है कि बिंदुसार की मृत्यु के बाद राजगद्दी के लिए संघर्ष हुआ था |

भारत का भूगोल

Jul 22, 2011
भारत की भूगर्भीय संरचना को कल्पों के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प के दौरान बनी कुडप्पा और विंध्य प्रणालियां पूर्वी व दक्षिणी राज्यों में फैली हुई हैं। इस कल्प के एक छोटे काल के दौरान पश्चिमी और मध्य भारत की भी भूगर्भिक संरचना तय हुई। पेलियोजोइक कल्प के कैम्ब्रियन, ऑर्डोविसियन, सिलुरियन और डेवोनियन शकों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का निर्माण हुआ।

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