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ऐतिहासिक तथ्य

General Knowledge for Competitive Exams

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भारत के ऐसे जिले जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी.

Sep 10, 2018
भारत को ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी. उस समय सम्पूर्ण भारत में हर्ष और उल्लास था. लेकिन इस तथ्य को भी नहीं भुलाया जा सकता है कि भारत को विभाजन से गुजरना पड़ा था. इस दौरान लोगों ने बहुत कुछ झेला था. क्या आप जानते हैं कि भारत में ऐसे भी जिले थे जिन्हें भारत के साथ स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई थी. इसके पीछे क्या कारण था. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

भारत में 21 तोपों की सलामी क्यों और किसे दी जाती है?

Aug 23, 2018
स्वतंत्रता दिवस हो या अन्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस 21 तोपों की सलामी से ही भारत में दिन की शुरुआत होती है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि, 21 तोपों की सलामी किसे और क्यों दी जाती है, राजकीय सम्मान क्या होता है इत्यादि.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की उपलब्धियां

Aug 17, 2018
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था. साल 2015 में उन्‍हें भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया गया था. प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए जिससे भारत की अर्थव्यवस्था की दिशा ही बदल गई थी. उन्होंने देश को एक अलग ऊँचाइयों पर पहुँचाया था. आइये इस लेख के माध्यम से उनकी उपलब्धियों के बारे में अध्ययन करते हैं.

सेल्यूलर जेल या काला पानी की सजा इतनी खतरनाक क्यों थी?

Aug 14, 2018
सेल्यूलर जेल अंडमान निकोबार द्वीप की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में बनी हुई है. जो कैदी सजा पाकर इस जेल में पहुँचता था उसे ही काला पानी की सजा कहा जाता था. इस जेल के निर्माण का ख्याल अंग्रेजों के दिमाग में 1857 के विद्रोह के बाद आया था. कुल ‘696 सेल’ वाली इस जेल का निर्माण कार्य 1896 में शुरू हुआ था और 1906 में बनकर तैयार हो गई थी.

15 अगस्त 1947 रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी?

Aug 14, 2018
15 अगस्त 1947 को भारत में स्वतंत्रता दिवस काफी उत्साह से मनाया जाता है. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि 15 अगस्त 1947 को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाय जाता है और रात 12 बजे ही क्यों भारत को आजादी मिली थी. क्या कारण था इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

जानें पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आये थे

Aug 13, 2018
20 मई, 1498 को भारत के कालीकट बंदरगाह पर वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) के आगमन के साथ ही यूरोप और पूर्वी देशों के बीच समुद्री मार्ग खुल गया था। इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे।

भारत के साथ दुनिया के कौन से देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं

Aug 13, 2018
भारत ने 15 अगस्त 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त की थी और इसके लिए काफी संघर्ष भी हुआ था. भारत विभिन्नताओं का देश है जिसमें अलग-अलग संस्कृति और रस्में हैं. प्रत्येक देश की स्वतंत्रता संघर्ष को लेकर अपनी ही कहानी है. क्या आप जानतें हैं कि 15 अगस्त को भारत के साथ और भी कई देश है जो कि स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं. इस लेख के माध्यम से उन देशों के बारे में अध्ययन करेंगे.

भारत में 15 अगस्त को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है?

Aug 13, 2018
15 अगस्त 1947 में भारत स्वतंत्रता दिवस बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त को ही क्यों स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. इसका क्या महत्व है इत्यादि के बारे में आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के 7 महानायक जिन्होंने आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई

Aug 9, 2018
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन, परिवार, संबंध और भावनाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था हमारे देश की आजादी और इसके लिए उन्होंने अपनी जान की भी प्रवाह नहीं की. आइये ऐसे 7 महानायकों के बारे में अध्ययन करते हैं जिन्होंने देश को आजाद कराने में मुख्य भूमिका निभाई.

जानें कैसे गुरुकुल शिक्षा प्रणाली आधुनिक शिक्षा प्रणाली से अलग है?

Jun 14, 2018
प्राचीन काल से हमारे देश में शिक्षा को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. हमारे भारत में गुरुकुल परम्परा सबसे पुरानी व्यवस्था है. गुरुकुलम वैदिक युग से ही अस्तित्व में है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि गुरुकुल परम्परा क्या है, किस प्रकार से पहले शिक्षा दी जाती थी और आज के युग की आधुनिक शिक्षा गुरुकुल पद्धति से कैसे भिन्न है.

बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को क्यों नष्ट कर दिया था?

Jun 13, 2018
नालंदा विश्वविद्यालय पर तीन बार आक्रमण हुआ था परन्तु सबसे विनाशकारी हमला 1193 में हुआ था बख्तियार खिलजी के द्वारा. परिणामस्वरूप सबसे प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय जल कर नष्ट हो गया. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि कैसे नालंदा विश्वविद्यालय का पतन हुआ और इसके पीछे क्या कारण थें. साथ ही कुछ महत्वपूर्ण तथ्य नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में.

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

ईस्वी (AD) और ईसा पूर्व (BC) में क्या अंतर होता है?

Dec 5, 2017
इस लेख में हमने AD और BC के बीच के अंतर को बताया है जो कि बहुत से लोगों को पता नही होता है. AD का मतलब ईसा मसीह के जन्म के बाद की तारीख से है जबकि BC का मतलब ईसा मसीह के जन्म के पहले से है. AD का फुल फॉर्म Anno Domini होता है जबकि BC का फुल फॉर्म Before Christ होता है. जहाँ पर AD लिखा होता है उसका मतलब “ईसा के जन्म के वर्ष” से होता है.

क्या आप जानते हैं कि लोकतंत्र का सिद्धांत ऋग्वेद की देन है

Nov 23, 2017
लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें जनता अपना शासक खुद चुनती है. लोकतंत्र शब्द को डेमोक्रेसी कहते है जिसकी उत्पत्ति ग्रीक मूल शब्द ‘डेमोस’ से हुई है. डेमोस का अर्थ है ‘जन साधारण’ और क्रेसी का अर्थ है ‘शासन’. क्या प्राचीनकाल में यह व्यवस्था हुआ करती थी और कैसी थी. इस लेख के माध्यम से जानेंगे की कैसे ,लोकतंत्र का सिद्धांत ऋग्वेद की देन हैं.

प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं

Nov 21, 2017
दुनिया में कई ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति हुए हैं जो अपने जीवनकाल में ही वह प्रतिष्ठा और ख्याति प्राप्त कर लेते हैं, जो मरने के बाद भी कई व्यक्तियों को नसीब नहीं होती है। इन्हीं प्रसिद्धियों में से एक है- किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर डाक टिकट जारी होना। भारत में भी कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी किए गए हैं। इस लेख में हम उन प्रसिद्ध भारतीय हस्तियों का विवरण दे रहे हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं।

सम्राट अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य

Sep 19, 2017
भारतीय इतिहास में कुछ ही शासकों को उनकी महानता के लिए याद किया जाता है और सम्राट अशोक उनमें से एक हैं। वह मौर्य वंश के तीसरे शासक थे, जिन्होंने लगभग 36 वर्षों तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य क्या था।

भारत में 5 सबसे बड़ी केंद्रीय जेल

Aug 29, 2017
भारत जैसे आबादी वाले देश में समाज को सुरक्षित रखने के लिए जेलों का काफी महत्व है क्योंकि इनमें खतरनाक अपराधियों को कैद करके रखा जाता है. भारत में केंद्र सरकार राज्यों की मदद करती है इन जेलों को सुरक्षा प्रदान करने में, मरम्मत करवाने में आदि. क्या आप जानते हैं कि भारत की कुछ जेलों को विश्व में भी सबसे बड़ा माना जाता है. इस लेख में ऐसी ही भारतीय जेलों के बारे में अध्ययन करेंगे.

दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्र कौन से हैं

Aug 23, 2017
वैसे तो हम जानते हैं की कैसे आधुनिक तकनीको ने लोगों की दैनिक जीवन-शैली को आधुनिक और उन्नत बनाने मे अहम् भूमिका निभाई है। लेकिन क्या हम जानते हैं की सैकड़ों साल पहले भी मनुष्य तकनिकी रूप से सक्षम थाl इतिहास और पुरातात्विक निष्कर्षों से यह पता चलता है की मनुष्यों को हमेशा से ही तकनीक और प्रौद्योगिकी आकर्षित करता रहा है। हम यहाँ सामान्य जानकारी के लिए दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्रो के नाम दे रहे हैं।

भारत vs चीन: 1962 का “रेज़ांग ला” का युद्ध; एक अविश्वसनीय लड़ाई

Jul 6, 2017
रेज़ांग ला (Rezang La) भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य के लद्दाख़ क्षेत्र में "चुशूल घाटी" के दक्षिणपूर्व में घाटी में प्रवेश करने वाला एक पहाड़ी दर्रा है. यह 2.7 किमी लम्बा और 1.8 किमी चौड़ा है और इसकी औसत ऊँचाई 16000 फ़ुट है. सन 1962 के भारत-चीन युद्ध में केवल 120 भारतीय सैनिकों ने 1300 चीनी सैनिकों को मारा था.

क्या आप प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे जानते हैं

Jul 3, 2017
प्राचीन काल से ही जासूसी प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं. अति प्राचीन काल से, मनुष्य हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों के बारे में विशिष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए जिज्ञासु रहा है. इस लेख में प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे में अध्ययन करेंगें.

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